थर्ड फ्रंट ‘थका हुआ मोरचा’ : ममता

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कोलकाता/ नयी दिल्ली: हाल में गठित तीसरा मोरचा में ममता बनर्जी को शामिल नहीं करने से अविचलित ममता ने इसे ‘थका हुआ मोरचा’ करार दिया और उन्हें विश्वास है कि आगामी लोकसभा चुनावों के बाद अलग तरह के संघीय मोरचा का देश में शासन होगा. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ने […]

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कोलकाता/ नयी दिल्ली: हाल में गठित तीसरा मोरचा में ममता बनर्जी को शामिल नहीं करने से अविचलित ममता ने इसे ‘थका हुआ मोरचा’ करार दिया और उन्हें विश्वास है कि आगामी लोकसभा चुनावों के बाद अलग तरह के संघीय मोरचा का देश में शासन होगा.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का विकल्प भी खोल रखा है. उन्होंने कहा, ‘लोग निर्णय करेंगे.’ उन्होंने कांग्रेस या भाजपा के साथ किसी भी गंठबंधन से इनकार किया और उम्मीद जतायी कि चुनावों में लोग उनकी पार्टी को ‘पुरस्कृत’ करेंगे.

उन्होंने कहा : कोई बात नहीं. कोई भी ताकत जिसमें कम्युनिस्ट हैं वह चलनेवाली नहीं है, क्योंकि लोगों ने माकपा को खारिज कर दिया है. इसलिए, यह तीसरा मोरचा नहीं है, बल्कि यह थका हुआ मोरचा है. वह हाल में गठित तीसरे मोरचे के बारे में बोल रही थीं, जिसमें वामपंथी दल, समाजवादी पार्टी, जद (यू)और जद (एस) सहित 11 दल शामिल हैं.

यह पूछने पर कि क्या वह महसूस करती हैं कि उन्हें छोड़ दिया गया क्योंकि उन्हें ‘तीसरा मोरचा’ में शामिल नहीं किया गया तो ममता ने कहा, ‘ऐसी कोई बात नहीं है.’

ममता ने कहा कि कोई भी महत्वपूर्ण मोरचा (तृणमूल सहित) चुनावों का परिणाम घोषित होने के बाद ही अस्तित्व में आयेगा. हमें उम्मीद है कि संघीय मोरचे की सरकार देश का नेतृत्व करेगी. यह पूछने पर कि यह कैसे संभव है और चुनावों के बाद उनके सहयोगी कैसे होंगे, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया. सुश्री बनर्जी ने कहा : केवल शोर मचाना अलग बात है. यह महत्वपूर्ण नहीं है. महत्वपूर्ण यह है कि मई में दिल्ली में कई दर्जन लोकसभा सीटों के साथ आना है. संघीय मोरचा की सरकार साझा नीतियों पर आकार लेगी.

यह पूछने पर कि क्या ‘संघीय मोरचा’ गठित होने की स्थिति में वह प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवार बनेंगी, तो तृणमूल प्रमुख ने कहा : मेरे तीन दशक के संघर्ष के दौरान मेरी प्रेरणा जनता रही है न कि ‘कुर्सी’.’ साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपनी महत्वाकांक्षा भी जतायी. उन्होंने कहा : मुङो केंद्र में काम करने का अनुभव भी है. लोकतंत्र में जनता निर्णय करती है. वर्तमान राजनीतिक हालत पर ममता ने कहा : कांग्रेस, भाजपा का विकल्प नहीं है और भाजपा, कांग्रेस का विकल्प नहीं है.

कांग्रेस पर हमला करते हुए ममता ने कहा : लोग भ्रष्टाचार से थक गये हैं. लोग वंशवाद से थक गये हैं. उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए कहा : लोग ऐसे दलों से भी उब गये हैं जो दंगे भड़काते हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के लोग विकास, शांति और प्रगति चाहते हैं और वह इन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं.

तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल के अलावा आगामी लोकसभा चुनावों में उत्तरप्रदेश, मणिपुर, असम, अरुणाचल प्रदेश, दिल्ली और झारखंड से भी अपने उम्मीदवार उतारेगी. ममता ने कहा : आप जानते हैं कि हम मणिपुर में मुख्य विपक्षी दल हैं और असम, अरुणाचल और उत्तरप्रदेश में भी हमारे विधायक हैं. हम पहले ही घोषित कर चुके हैं कि हम दिल्ली, झारखंड और कुछ अन्य राज्यों से भी उम्मीदवार उतार रहे हैं.

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