वार्ड 57 में पार्क का उदघाटन आज

Updated:
विज्ञापन

किसी और की जमीन पर जबरन पार्क बनाने का आरोप कोलकाता : कोलकाता नगर निगम पर ही किसी अन्य की जमीन पर पार्क तैयार करने का आरोप लगा है. 58 नंबर वार्ड के धापा रोड निवासी कृष्णानंद सिंह नामक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन पर जबरन शिशु उद्यान तैयार कर किया गया […]

विज्ञापन

किसी और की जमीन पर जबरन पार्क बनाने का आरोप

कोलकाता : कोलकाता नगर निगम पर ही किसी अन्य की जमीन पर पार्क तैयार करने का आरोप लगा है. 58 नंबर वार्ड के धापा रोड निवासी कृष्णानंद सिंह नामक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन पर जबरन शिशु उद्यान तैयार कर किया गया है. जिसका कल (शुक्रवार) उदघाटन है. यह विवादित जमीन वार्ड 57 के आठ नंबर पगलाडांगा रोड पर है. श्री सिंह ने बताया कि एलए क्लेक्टर ने 1964 में 30 कट्ठा जमीन की निलामी की थी, जिसमें उनके मौसा दिवंगत यदुनंदन सिंह ने बोली लगा कर खरीद ली थी.

इसी में से 15 कट्ठा जमीन उनके मौसा ने उनके पिता स्वर्गीय सरयू प्रसाद सिंह के नाम कर दिया था. जिसके सभी कागजात उनके पास मौजूद हैं. जमीन के इस टुकड़े पर 1988 में रखाल मालिक नामक व्यक्ति ने दावा करते हुए केस कर दिया. अदालत ने उनके दावे को 2001 में खारिज कर दिया था. जिसके खिलाफ उनके परिजनों ने अदालत में फिर से मामला दायर कर दिया, जो अभी भी अलीपुर कोर्ट में विचाराधीन है. इससे पहले 1997 में यह जमीन स्वर्गीय सरयू प्रसाद राय के सात बच्चों के नाम पर थी. कानूनी विवाद में फंसे होन से जमीन का यह टुकड़ा बेकार पड़ा रहा. कोई भी पक्ष इसे अपने काम में नहीं लगा पा रहा था.

फलस्वरूप स्थानीय लोग यहां कचड़ा फेंकने लगे. मामले में नया मोड़ तब आया, जब 19 अगस्त 2010 की रात को अचानक यहां शिशु उद्यान का एक बोर्ड लग गया और जमीन को घेर दिया गया. यह देख कर कृष्णानंद सिंह व उनके अन्य भाई स्थानीय पार्षद जीवन साहा से भेंट की. श्री सिंह के अनुसार पार्षद ने उन्हें क हा कि इस जमीन पर पार्क बन कर रहेगा. इसके बाद उन्होंने पुलिस में मामला दर्ज कराया, जब पुलिस से किसी प्रकार की मदद नहीं मिली तो यह अदालत के शरण में चले गये. दूसरी तरफ पार्क के निर्माण का काम गति से चलता रहा. साथ ही वहां पार्टी ऑफिस भी बनाया गया. निचली अदालत के बाद यह लोग कलकत्ता हाई कोर्ट चले गये, जहां 12 जून 2013 को अदालत ने पार्क के उस ढांचे को तोड़ने का निर्देश जारी कर दिया. श्री सिंह का दावा है कि उच्च न्यायालय के निर्देश के बावजूद पुलिस व निगम ने पार्क के निर्माण के काम को रोकने की कोशिश नहीं की. सुनवाई के नाम पर यह मामला निगम में लटका रहा.

इस बीच उन्होंने मुख्यमंत्री, मेयर, उद्यान विभाग के मेयर परिषद सदस्य, तृणमूल सांसद सुब्रत बक्सी, स्थानीय विधायक परेश पाल इत्यादि को पत्र तक लिखा, पर कुछ भी नहीं हुआ. पार्षद जीवन साहा का कहना है कि अगर यह जमीन उनकी है तो वह अदालत में साबित कर दिखायें. श्री साहा ने कहा कि वह लोग उस वक्त कहां थे, जब यह जमीन कूड़ादान बना हुआ था. स्थानीय लोगों की सहायता से जब हम लोगों ने इस जगह का विकास किया है तो इसके दावेदार सामने आ गये हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola