पत्रकारों की छवि धूमिल नहीं होगी : मार्क टूली

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कोलकाता: मशहूर पत्रकार मार्क टूली का मानना है कि तहलका के संस्थापक संपादक पर लगे एक महिला पत्रकार के कथित यौन उत्पीड़न की घटना से सभी पत्रकारों की छवि धूमिल नहीं होगी. तरूण तेजपाल घटना के बारे में पूछे जाने पर अपना बर्थ सर्टिफिकेट लेने महानगर आये बीबीसी के पूर्व प्रतिनिधि ने कहा कि उन्होंने […]

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कोलकाता: मशहूर पत्रकार मार्क टूली का मानना है कि तहलका के संस्थापक संपादक पर लगे एक महिला पत्रकार के कथित यौन उत्पीड़न की घटना से सभी पत्रकारों की छवि धूमिल नहीं होगी.

तरूण तेजपाल घटना के बारे में पूछे जाने पर अपना बर्थ सर्टिफिकेट लेने महानगर आये बीबीसी के पूर्व प्रतिनिधि ने कहा कि उन्होंने इस घटना के बारे में पढ़ा और सुना है, पर उन्हें सच्चई की जानकारी नहीं है. मार्क टूली का मानना है कि मात्र इस घटना से अगर इस पेशे में काम कर रहे सभी पत्रकारों की छवि पर कोई खराब असर पड़ता है तो यह बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण होगा. भारत में बीबीसी के प्रतिनिधि के रूप में 22 वर्ष तक काम करने वाले मार्क टूली ने कहा कि उन्होंने वर्षो तक भारत में पत्रकारिता की है, पर उन्हें याद नहीं पड़ता है कि आज से पहले किसी पत्रकार पर इस प्रकार का आरोप कभी लगा है. पर पत्रकारिता के पेशे से जुड़े लोगों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सचेत रहने की जरूरत है.

कोलकाता से मेरा गहरा संपर्क : टूली
विख्यात मीडिया हाउस बीबीसी के प्रतिनिधि के रूप में भारत में 22 वर्ष तक पत्रकारिता करने वाले मार्क टूली भले ही ब्रिटिश नागरिक हैं, पर उनका दिल तो हिंदुस्तान और विशेष रूप से कोलकाता में बसता है. मार्क टूली का महानगर से यह लगाव आज का नहीं, बल्कि उनके जन्म से है, क्योंकि उनका जन्म 24 अक्तूबर 1935 को महानगर के टॉलीगंज इलाके में हुआ था. अपना बर्थ सर्टिफिेकेट लेने के लिए मार्क मंगलवार को कोलकाता नगर निगम मुख्यालय पहुंचे थे, जहां मेयर शोभन चटर्जी एवं स्वास्थ्य विभाग के मेयर परिषद सदस्य अतीन घोष ने उनका बर्थ सर्टिफिकेट उनके हवाले किया. इस मौके पर मार्क ने कहा कि कोलकाता नगर निगम ने उनके बर्थ सर्टिफिकेट की तलाश में जो मेहनत की है, उसके लिए वह उनके कृतज्ञ हैं.

कोलकाता से उनका गहरा लगाव है. इसी लगाव के कारण वह भारत आये हैं. भले ही वह ब्रिटिश हैं, पर वह काफी हद तक भारतीय हैं. मार्क ने कहा कि आज अगर उनके माता-पिता जिंदा होते तो उन्हें यह देख कर बेहद खुशी होती कि वह अपनी मिट्टी की तलाश में यहां आये हैं. मार्क ने बताया कि उनकी मां का जन्म पूर्वी बंगाल में हुआ था. कोलकाता के सेंट पॉल कैथेड्रल में उनके माता-पिता की शादी हुई थी. उनके पिता ने यहां 28 वर्ष तक नौकरी की. वह छह भाई-बहन हैं और सभी का जन्म इसी शहर में हुआ है. बेहला चर्च में उन सभी के नाम रखे गये. इस शहर में उनके काफी दोस्त हैं. यह उनके जीवन का एक यादगार दिन है. गौरतलब है कि ओवरसीज इंडियन सिटिजेन तैयार करने के वास्ते उन्होंने निगम से अपना बर्थ सर्टिफिकेट जारी करने का आवेदन किया था. 78 वर्ष पहले के उनके जन्म के दस्तावेज को तलाश करने में पसीने छूट गये, पर निगम के स्वास्थ्य विभाग के मेयर परिषद सदस्य अतीन घोष एवं उनकी टीम ने दिन-रात की मेहनत के बाद आखिरकार उन दस्तावेजों को तलाश कर ही लिया, जिसके आधार पर बर्थ सर्टिफिकेट तैयार कर मार्क टूली के हवाले किया गया.

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