चिटफंड घोटाला: सारधा ग्रुप की एक कंपनी को प्रश्रय देने का लगा आरोप कोलकाता के मेयर का नाम आया

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कोलकाता: सारधा चिटफंड घोटाले में एक के बाद एक तृणमूल नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के रेल मंत्री रहने के दौरान आइआरसीटीसी व सारधा के बीच समझौते के बाद अब कोलकाता नगर निगम के मेयर शोभन चटर्जी पर सारधा समूह की एक कंपनी को प्रश्रय देने का आरोप लगा है. […]

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कोलकाता: सारधा चिटफंड घोटाले में एक के बाद एक तृणमूल नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के रेल मंत्री रहने के दौरान आइआरसीटीसी व सारधा के बीच समझौते के बाद अब कोलकाता नगर निगम के मेयर शोभन चटर्जी पर सारधा समूह की एक कंपनी को प्रश्रय देने का आरोप लगा है.

कांग्रेस के पार्षद प्रकाश उपाध्याय ने शुक्रवार को सॉल्टलेक स्थित सीबीआइ कार्यालय में ज्ञापन सौंपा. इस ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि मेयर के रूप में एक संस्था को गैर कानूनी रूप से टेंडर दिया गया था. अनैतिक रूप से टेंडर आवंटन के एवज में कंपनी की ओर से 20 करोड़ रुपये दिये गये थे. बताया जाता है कि यह राशि सारधा कंपनी के प्रमुख सुदीप्त सेन द्वारा दी गयी थी.

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी श्री उपाध्याय सारधा के साथ तृणमूल नेताओं के सांठगांठ के आरोप लगाते रहे हैं. सीबीआइ इस मामले की जांच कर रही है.

पल्टू के घर तलाशी, डायरी बरामद
उधर, शुक्रवार की सुबह इस्ट बंगाल के पूर्व पदाधिकारी पल्टू दास के घर की सीबीआइ ने तलाशी ली. तलाशी में पल्टू के घर से इस्ट बंगाल के वरिष्ठ पदाधिकारी देबव्रत सरकार उर्फ नीतू की डायरी बरामद की गयी. सीबीआइ के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार डायरी के पहले के तीन पन्नों में सीबीआइ को बहुत ही अहम जानकारी मिली है. उल्लेखनीय है कि देबव्रत, पल्टू दास के सहारे ही इस्ट बंगाल क्लब पहुंचे थे.

सीबीआइ का कहना है कि देबव्रत शुरू से ही दावा करते रहे हैं कि सुदीप्त सेन से समझौता के अनुसार ही राशि लिये हैं. उसका हिसाब उन्होंने दे दिया है. उन्होंने नियम से अधिक राशि नहीं ली है, लेकिन सीबीआइ का सवाल है कि सुदीप्त व देबव्रत सरकार के बीच लेन-देन की रसीद बरामद की गयी है, वह किसकी है. सीबीआइ को लिखे पत्र में सुदीप्त सेन ने आरोप लगाया था कि 2010 में नीतू उनसे पांच करोड़ रुपये लिये थे. उसके बाद प्रति माह 80 लाख रुपये लेते थे. ज्यादातर समय वे नकद राशि लते थे. बीच-बीच में एक संस्था के नाम से चेक लेते थे, लेकिन चेक के माध्यम से लिये गये पैसे की राशि बहुत ही कम होती थी. बाकी नकद राशि उनके अमहस्र्ट स्ट्रीट आवास के दूसरे तल्ले या इस्ट बंगाल क्लब में ली जाती थी.

दूसरी ओर, 28 अगस्त को पल्टू दास के घर से सीबीआइ की तलाशी के बाद यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की कॉलेज स्ट्रीट शाखा से एक लॉकर की चाबी मिली थी. इस लॉकर का नंबर 160 है. सीबीआइ अधिकारियों का कहना है कि इस लॉकर में देबव्रत सरकार, सुदीप्त सेन से लेनदेन की रसीद रखते हैं. सीबीआइ इसकी जांच कर रही है.

पांचवीं एफआइआर की तैयारी
सारधा घोटाला मामले में सीबीआइ पांचवीं एफआइआर दायर करने की तैयारी में है. इस एफआइआर में सारधा कांड से जुड़े प्रभावशाली लोगों से सीबीआइ पूछताछ करेगी. एफआइआर में देबव्रत सरकार को आरोपी बनाया जायेगा और सुदीप्त सेन, कुणाल घोष व अन्य को हिरासत में लेकर फिर से पूछताछ की जायेगी.

उपहार में मिली गाड़ी गायब
दूसरी ओर, सॉल्टलेक के युवा कांग्रेस की ओर से पुलिस को ज्ञापन दिया गया. इसमें आरोप लगाया गया है कि विधाननगर नगरपालिका की चेयरमैन कृष्णा चक्रवर्ती को सुदीप्त सेन ने सफेद फोच्यरूना गाड़ी दी थी. जब से यह घोटाला उजागर हुआ है. यह गाड़ी भी गायब हो गयी है. पुलिस इस मामले की जांच करे.

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