चांदमारी रेलपार के जितेंद्र तांती को पांच साल की कठोर कारावास की सजा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 31 Jan 2020 1:34 AM
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अजय प्रसाद पर बम फेंककर जान से मारने के प्रयास में हुई सजा आसनसोल : आसनसोल नॉर्थ थाना कांड संख्या 154/2018 में आरोपी चांदमारी रेलपार इलाके के निवासी जितेंद्र तांती उर्फ जितेंद्र प्रसाद ऊर्फ जीतू को आसनसोल जिला अदालत के फास्ट ट्रैक प्रथम कोर्ट के अतिरिक्त जिला जज मनोज कुमार प्रसाद ने पांच साल की […]
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अजय प्रसाद पर बम फेंककर जान से मारने के प्रयास में हुई सजा
आसनसोल : आसनसोल नॉर्थ थाना कांड संख्या 154/2018 में आरोपी चांदमारी रेलपार इलाके के निवासी जितेंद्र तांती उर्फ जितेंद्र प्रसाद ऊर्फ जीतू को आसनसोल जिला अदालत के फास्ट ट्रैक प्रथम कोर्ट के अतिरिक्त जिला जज मनोज कुमार प्रसाद ने पांच साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई.
कांड में आरोपी पर आईपीसी की धारा 307/323 और 9 बी एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत तीन जून 2018 को मामला दर्ज हुआ था. आरोपी ने स्थानीय तृणमूल कर्मी अजय प्रसाद पर चांदमारी पानीटंकी के पास बम फेंककर जान से मारने का प्रयास किया था. जांच अधिकारी अवर निरीक्षक तापस कुमार मंडल ने कांड के दूसरे दिन ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था.
उसकी निशानदेही पर बम, घातक हथियार बरामद किया और कांड से जुड़े सभी सबूतों को सही तरीके से अदालत में पेश किया. जिसके आधार पर आरोपी को सजा हुई.
सनद रहे कि तीन जून 2018 की रात को अजय प्रसाद बाइक लेकर चांदमारी दुर्गा मंदिर के पास स्थित अपने आवास जा रहे थे. पानीटंकी के पास उनके ऊपर बम से हमला हुआ.
जिसमें वे घायल हुए. श्री प्रसाद की शिकायत के आधार पर आसनसोल नॉर्थ थाना पुलिस ने कांड संख्या 154/18 में आईपीसी की धारा 323/307 और 9 बी एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत मामला दर्ज किया. जांच का दायित्व अवर निरीक्षक तापस कुमार मंडल को मिला. उन्होंने दूसरे ही दिन आरोपी जीतू को आसनसोल रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया.
वह ट्रेन पकड़ कर भागने की फिराक में था. रिमांड अवधि में पूछताछ के बाद आरोपी की निशानदेही पर बम और घातक हथियार बरामद किया गया. पिछले डेढ़ साल से मामले की सुनवाई जिला अदालत के फास्ट ट्रैक प्रथम कोर्ट में चल रही थी. अतिरिक्त जिला जज श्री प्रसाद ने दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया.
आरोपी को आईपीसी की धारा 307 में पांच साल की कठोर कारावास और दो हजार रुपये का जुर्माना, जुर्माना नहीं देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास, आईपीसी की धारा 323 में एक साल की सजा और एक हजार रुपये का जुर्माना, जुर्माना नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास तथा 9 बी एक्सप्लोसिव एक्ट में तीन साल का कठोर कारावास और दो हजार रुपये का जुर्माना, जुर्माना नहीं देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई.आदेश की प्रति आसनसोल विशेष संशोधनागार के अधीक्षक को भेज दिया गया.
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