बोरो 5,6,7 और 9 बना मच्छर प्रजनन स्थल

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कोलकाता: कोलकाता: मलेरिया, डेंगू, एन्सिफिलाइटिस जैसे मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए कोलकाता नगर निगम ने एक अनोखा डाटा बैंक तैयार किया है. विश्व के किसी नगरपालिका द्वारा तैयार यह अपनी तरह का पहला डाटा बैंक है, जिसमें शहर के सभी 141 वार्डो के प्रत्येक वाटर टैंक, तालाब, नालों, कुओं एवं निर्माणाधिन इमारतों की […]

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कोलकाता: कोलकाता: मलेरिया, डेंगू, एन्सिफिलाइटिस जैसे मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए कोलकाता नगर निगम ने एक अनोखा डाटा बैंक तैयार किया है. विश्व के किसी नगरपालिका द्वारा तैयार यह अपनी तरह का पहला डाटा बैंक है, जिसमें शहर के सभी 141 वार्डो के प्रत्येक वाटर टैंक, तालाब, नालों, कुओं एवं निर्माणाधिन इमारतों की जानकारी दर्ज है.

निगम के स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा छह महीने तक घर-घर जा कर यह जानकारी इकट्ठा कर इस डाटा बैंक को तैयार किया गया है. इस डाटा से यह जानकारी सामने आयी है कि निगम के कुल 15 बोरों में बोरो पांच, छह एवं सात के अंतर्गत पड़ने कई इलाके महानगर में मच्छरों के प्रजनन के उदगम स्थल है. इसमें बोरो नौ भी आंशिक रुप से शामिल है. इस डाटा के आधार पर निगम का स्वास्थ्य विभाग महानगर में मलेरिया, डेंगू इत्यादि पर पूरी तरह नियंत्रण करने की तैयारी में जुट गया है. यह डाटा बैंक निगम के चीफ एंटोमोलोजिस्ट देवाशीष विश्वास की दिमाग की उपज है.

सर्वे में यह खतरनाक सच्चई सामने आयी है कि महानगर में 17460 खुले हुए नाले हैं. जो मच्छरों के प्रजनन के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है. महानगर की गिनती देश के चार टॉप शहरों में होती है, पर हैरत की बात है कि इसके बावजूद इस शहर में अभी भी 17460 कुएं हैं. मच्छरों के प्रजनन स्थल की तलाश करने निकले स्वास्थ्य कर्मियों को इस घर में 44211 छोटे हौज मिले. वहीं घरों पर 4704 ऐसे वाटर टैंक भी दिखायी दिये, जिन पर ढक्कन नहीं है.

शहर में तालाबों को पाट कर इमारत निर्माण करने के आरोप रोजाना सामने आते हैं, इसके बावजूद अभी इस ऐतिहासिक शहर में छोटे-बड़े 3115 तालाब मौजूद हैं, जो एक अच्छी बात है. मच्छर जनित रोगों पर नियंत्रण के लिए तैयार किये गये 9048 पन्ने के इस डाटा बैंक के अनुसार फिलहाल शहर में छोटी-बड़ी 3802 निर्माणाधिन इमारते हैं. निर्माणाधिन इमारतों में मच्छरों के पनपने के आरोप सबसे अधिक सामने आते हैं. निर्माणाधिन इमारतों के लिए तो निगम ने अब यह नियम बना दिया है कि बिल्डिंग प्लान लेते समय मच्छरों पर रोक लगाने संबंधित एक हलफनामा जमा करना होगा. प्रमोटर अगर मच्छरों के प्रजनन पर नियंत्रण पाने में सफल नहीं हुआ तो काम बंद करा दिया जायेगा. निगम के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को उम्मीद है कि अब इस डाटा बैंक की सहायता से उनके लिए मलेरिया व डेंगू इत्यादि पर नियंत्रण पाने में दिक्कत नहीं होगी. इस डाटा बैंक के अनुसार शहर में बस्तियों की संख्या 5202 है.

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