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दो गुटों में पथराव, एक श्रमिक जख्मी

Updated at : 05 Jun 2019 5:45 AM (IST)
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दो गुटों में पथराव, एक श्रमिक जख्मी

महिलाओं को प्रताड़ित करने का आरोप बीच-बचाव के बाद स्थिति हुई स्वाभाविक नागराकाटा : द्विपक्षीय समझौते के मुताबिक ग्रासमोड़ चाय बागान के खुलते ही मंगलवार को श्रमिकों के दो गुटों में तनाव फैल गया. इस दौरान एक दूसरे पर पथराव की घटना भी हुई जिसमें एक श्रमिक जख्मी हुआ है. हालांकि कुछ देर बाद में […]

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महिलाओं को प्रताड़ित करने का आरोप

बीच-बचाव के बाद स्थिति हुई स्वाभाविक
नागराकाटा : द्विपक्षीय समझौते के मुताबिक ग्रासमोड़ चाय बागान के खुलते ही मंगलवार को श्रमिकों के दो गुटों में तनाव फैल गया. इस दौरान एक दूसरे पर पथराव की घटना भी हुई जिसमें एक श्रमिक जख्मी हुआ है. हालांकि कुछ देर बाद में व्याप्त श्रमिक एकता की बात समझाते ही श्रमिकों का गुस्सा ठंडा पड़ गया.
बाद में स्वाभाविक माहौल में बागान में काम काज शुरु हुआ. आज चाय बागान के कुल 1200 श्रमिकों में से 800 ने योगदान दिया. अगले गुरुवार तक कारखाना चालू करने की योजना है. समझौते के मुताबिक आज श्रमिकों को बकाया के हिसाब में 1600 रुपये अग्रिम दिये गये. वहीं, बागान श्रमिक संगठनों का कहना है कि कुछ गलतफहमी के चलते तनाव हुआ था. लेकिन अब बातचीत से विवाद का समाधान हो गया है.
उल्लेखनीय है कि नागराकाटा संलग्न एनएच-31सी के बगल में इस चाय बागान को खुलवाने के लिये चाय बागानों के संगठन टी एसोसिएशन ऑफ इंडिया टाई की डुआर्स शाखा की ऑफिस में द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर हुए. यह समझौता अलीपुरद्वार से निर्वाचित सांसद और श्रमिक नेता जॉन बारला और तृणमूल नेता एवं जिला परिषद के मेंटर अमरनाथ झा की मौजूदगी में हुआ था. समझौते के अनुसार ही आज सुबह बागान खुला. कुछ ही देर में श्रमिकों के दो गुटों में बहस के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दोर शुरु हुआ. कुछ ही पलों में दोनों पक्षों में हाथापायी शुरु हो गयी.
श्रमिकों के एक समूह का कहना है कि समझौते के बारे में उन्हें ठीक से बताया नहीं गया था. कौन कंपनी बागान ले रही है. बाद में पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया. झड़प के दौरान एक महिला श्रमिक प्रताड़ित किये जाने का आरोप है. आज बागान में करीब दो घंटे काम हुआ.
वहीं, बागान में कार्यरत रिंकू खालको और सुकुरमणि उरांव ने कहा कि पिछले दो साल से बागान के श्रमिकों को भरमाया जा रहा है. कभी बागान खुलता है फिर कुछ महीनों बाद बंद कर दिया जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि सोमवार को जो समझौता हुआ उसके बारे में सभी श्रमिकों को सूचित नहीं किया गया. श्रमिकों का भरोसा बागान प्रबंधन पर से उठ गया है.
भाजपा के जलपाईगुड़ी जिला उपाध्यक्ष मनोज भुजेल ने कहा कि समझौते के बारे में तृणमूल समर्थक श्रमिकों को जानकारी नहीं मिलने से यह विवाद उठा था. लेकिन अब उनकी गलतफहमी दूर हो गयी है. वहीं, तृणमूल के श्रमिक नेता और जिला परिषद के मेंटर अमरनाथ झा ने कहा कि चाय बागान ठीक से चले यही उनकी कामना है. जो विवाद था वह हल हो गया है. विक्रम भुजेल नामक स्थानीय निवासी ने कहा कि बागान खुल गया है. ऐसे में आपस में अशांति करने से कोई लाभ नहीं होने वाला. इस बात को सभी ने माना है.
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