ड्यूटी ऑफिसर पर सिविक वॉलेंटियर को पीटने का आरोप, एसडीपीओ ने आरोप को बेबुनियाद बताया

Updated at :07 Jun 2018 4:00 AM
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ड्यूटी ऑफिसर पर सिविक वॉलेंटियर को पीटने का आरोप, एसडीपीओ ने आरोप को बेबुनियाद बताया

कूचबिहार : ड्यूटी समाप्त कर अपने घर लौट रहे एक सिविक वॉलेंटियर को बेरहमी से मारने-पीटने का आरोप एक एसआई रैंक के पुलिस अधिकारी पर लगा है. हालांकि आरोपी अधिकारी ने उन पर लगे आरोपों से इंकार किया है. जानकारी अनुसार घटना के बाद पीड़ित सिविक वॉलेंटियर रफिकुल हक को फिलहाल दिनहाटा महकमा अस्पताल में […]

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कूचबिहार : ड्यूटी समाप्त कर अपने घर लौट रहे एक सिविक वॉलेंटियर को बेरहमी से मारने-पीटने का आरोप एक एसआई रैंक के पुलिस अधिकारी पर लगा है. हालांकि आरोपी अधिकारी ने उन पर लगे आरोपों से इंकार किया है. जानकारी अनुसार घटना के बाद पीड़ित सिविक वॉलेंटियर रफिकुल हक को फिलहाल दिनहाटा महकमा अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
उधर, अस्पताल के बिस्तर पर पड़े हुए रफिकुल हक ने प्रभात खबर को बताया कि मंगलवार की रात वह कूचबिहार के कोतवाली थाने में ड्यूटी समाप्त कर अपने घर लौट रहा था. उसी दौरान बुड़ीरहाट इलाके में साहेबगंज थाना के मेजोबाबू एसआई मृत्युंजय चक्रवर्ती ने उनसे पहले कुछ पूछताछ की जिसके बाद उन्होंने उसे बुरी तरह पीटा. आरोप है कि अधिकारी ने रफिकुल का मोबाइल फोन समेत नकद रुपए छीन लिये. यह भी आरोप है कि सड़क पर मारपीट के बाद उक्त अधिकारी ने सिविक वॉलेंटियर को साहेबगंज थाना के लॉकअप में बंद कर वहां भी उसे लात और घूसे से पीटा.
उसके बाद ही रफिकुल सीने में दर्द से छटपटाने लगा जिसके बाद वहां तैनात सिविक वॉलेंटियरों ने उसे बामनहाट अस्पताल में भर्ती कराया. वहां उसकी हालत जब नहीं संभली तो उसे दिनहाटा महकमा अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल वहीं पर उसका इलाज चल रहा है. उसी रोज रफिकुल को देखकर उसकी पत्नी आसरेफा सरकार फफककर रो पड़ी. उसने बताया कि उसने मंगलवार की सारी रात फोन किये लेकिन उससे बात नहीं हो सकी. बाद में पता चला कि मेजो बाबू मृत्युंजय चक्रवर्ती ने उसे बुरी तरह पीटने के बाद उसका मोबाइल फोन और नकद रुपए छीन लिये. इस संबंध में थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी है.
वहीं, इस घटना को लेकर आरोपों से पुलिस अधिकारी मृत्युंजय चक्रवर्ती ने इंकार किया है. वहीं, दिनहाटा के एसडीपीओ उमेशजी खंडेलवाल ने बताया कि घटना की रात नाजिरहाट इलाके में नाका चेकिंग चल रही थी. उसी समय सिविक वॉलेंटियर रफिकुल हक को तलाशी के लिये खड़ा रहने के लिये कहा गया तो उसने पुलिस अधिकारी से विवाद मोल ले लिया. उसके बाद ही उसे साहेबगंज थाने ले जाया गया. बाद में उसने शारीरिक अस्वस्थता का बहाना बनाया. एसडीपीओ ने कहा कि मारपीट का आरोप निराधार है.
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