इस्कॉन मंदिर से संन्यासी का मिला शव, सनसनी

Updated at :22 Dec 2017 9:37 AM
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इस्कॉन मंदिर से संन्यासी का मिला शव, सनसनी

सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी इस्कॉन मंदिर के आश्रम से एक भगवाधारी युवक का फंदे से लटकता हुआ मिला है. इस घटना से शहर में सनसनी फैल गयी है. जनकारी मिलते ही सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस की भक्तिनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने कमरे के छत में लगे पंखे से लटकता हुआ संन्यासी का शव बरामद कर […]

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सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी इस्कॉन मंदिर के आश्रम से एक भगवाधारी युवक का फंदे से लटकता हुआ मिला है. इस घटना से शहर में सनसनी फैल गयी है. जनकारी मिलते ही सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस की भक्तिनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने कमरे के छत में लगे पंखे से लटकता हुआ संन्यासी का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज भेज दिया है. पुलिस के अनुसार आत्महत्या का यह मामला काफी रहस्यमय है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है.
गुरूवार की सुबह शहर के हैदरपाड़ा स्थित इस्कॉन मंदिर में एक सन्यासी के आत्महत्या की खबर फैलते ही मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गयी. सुबह भगवान की पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण करने के समय यह मामला सामने आया. खबर सुनकर मंदिर के अन्य सन्यासी सन्न रह गये. फिर भक्ति नगर थाने को घटना की जानकारी दी गयी. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतारा. पंचनामा करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज भेज दिया.

मृतक की पहचान दीपंकर वर्मन (26) के रूप में की गयी है. वह दक्षिण दिनाजपुर के गंगारामपुर इलाके का निवासी था. उसका एक परिजन सिलीगुड़ी नगर निगम के वार्ड नंबर 46 स्थित समर नगर इलाके में रहता है. मिली जानकारी के अनुसार वह इस्कॉन का सन्यासी नहीं था. पिछले कुछ दिनों से इस्कॉन का सदस्य बनने के लिए मंदिर प्रबंधन के संपर्क में था. बुधवार को मंदिर आया था वह ठहर गया. सुबह कमरे के पंखे से लटकता हुआ शव बरामद हुआ. सूत्रों के अनुसार वह पिछले कई दिनो से मंदिर के आश्रम में ही रह रहा था.

सिलीगुड़ी इस्कॉन मंदिर के प्रभारी नामकृष्ण दास ने बताया कि मृतक दीपंकर वर्मन ने संगठन की सदस्यता नहीं ली थी. हांलाकि वह सदस्य बनने को इच्छुक था और इसी सिलसिले में वह पिछले कई दिनों से प्रबंधन से संपर्क कर रहा था. इस्कॉन का सदस्य बनने की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष व परिवार की अनुमति आवश्यक है. बुधवार को वह मंदिर आया था और यहीं रूक गया और सुबह यह घटना सामने आयी है. उन्होंने आगे बताया कि सुबह-पूजा पाठ के बाद सभी को प्रसाद ग्रहण करने के लिए बुलाया गया. लेकिन उसके कमरे से कोई उत्तर नहीं मिला. फिर खिड़की से झांकने पर पंखे से लटकता हुआ उसका शव देखा गया.
आत्महत्या का अब तक कोई कारण पुलिस के समक्ष स्पष्ट नहीं हुआ
इधर,पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार श्री नामकृष्ण के बयान में काफी असंगति पायी गयी है. उनके अनुसार वह संस्था का सदस्य नहीं था, फिर बुधवार को उसे किस आधार पर आश्रम में रहने दिया गया. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक मंदिर के प्रभुजी अरिंदम गौड़दास के साथ उनके ही कमरे में रहता था. बीच-बीच में वह अपने रिश्तेदार से भी मिलने जाया करता था. बुधवार को अरिंदम गौड़दास सहित मंदिर के अन्य कई सन्यासी गंगासागर के लिए रवाना हुए. बुधवार की रात दीपंकर कमरे में अकेला ही था. भक्तिनगर थाने की पुलिस भी प्राथमिक जांच के बाद आत्महत्या के इस मामले को थोड़ा रहस्यमय बताया है. पुलिस समर नगर निवासी उसके रिश्तेदार व गंगारामपुर निवासी उसके परिवार से संपर्क कर रही है. आत्महत्या का अब तक कोई कारण पुलिस के समक्ष स्पष्ट नहीं हुआ है.
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