कालियाचक इलाके में प्रवासी श्रमिकों के परिवार खौफजदा

Updated at :10 Dec 2017 11:21 AM
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कालियाचक इलाके में प्रवासी श्रमिकों के परिवार खौफजदा

मालदा : अब बहुत हुआ घर लौट आओ बेटा, पैसे के लिए तुझे गंवा नहीं सकते, कहीं कुछ हो गया तो घर-परिवार कौन संभालेगा. कहीं अफराजुल की तरह घटना हमारे साथ नहीं हो. जल्द घर लौट आओ. मालदा में ही कुछ काम कर लेना. यह अपील अफराजुल की हत्या से डरे-सहमे मालदा के कालियाचक इलाके […]

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मालदा : अब बहुत हुआ घर लौट आओ बेटा, पैसे के लिए तुझे गंवा नहीं सकते, कहीं कुछ हो गया तो घर-परिवार कौन संभालेगा. कहीं अफराजुल की तरह घटना हमारे साथ नहीं हो. जल्द घर लौट आओ.
मालदा में ही कुछ काम कर लेना. यह अपील अफराजुल की हत्या से डरे-सहमे मालदा के कालियाचक इलाके के प्रवासी मजदूरों के बड़े-बुजुर्गों की है. मालदा से बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों में श्रमिक का काम करते हैं. इनमें बड़ी संख्या संख्या मुसलिम समुदाय की है. सबसे ज्यादा डर भी मुसलिम परिवारों में ही है.

राजस्थान में मोहम्मद अफराजुल की नृशंस हत्या व उसका वीडियो वाइरल होने से कालियाचक इलाके में गम और गुस्से के साथ दहशत भी है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि उनके गांव के अनेक बेटे राजस्थान के साथ देशभर में मजदूरी कर किसी तरह परिवार चलाते हैं. उनके साथ भी ऐसी घटना हो सकती है. इस घटना के बाद से ये परिवार दिन-रात दहशत के साये में काट रहे हैं. बड़े-बुजुर्ग बाहर काम करनेवाले अपने बेटों से और बच्चे अपने पिता से सुबह-शाम मोबाइल से खैर-खबर ले रहे हैं. कभी-कभी देर तक फोन नहीं लग पाने से परिवार की महिलाएं रोने लग रही हैं. सैयदपुर गांव के निवासी मिराजुल मियां (75) का कहना है कि परिवार में बच्चे, बहू व नातिन व पोते हैं.
इनके साथ परिवार में चार अविवाहित लड़कियां भी है. उम्र की वजह से काम नहीं कर पाता हूं. इसलिए बेटा सुरजू शेख (40) रोजगार के लिए गया है.
इस उम्र में आतंक में दिन काटना और अच्छा नहीं लगता. मैंने उसे घर लौट आने को कहा है. मालदा में काम करे हमारे लिए यही अच्छा है.
ऐसी ही बातें सिराजुल शेख, बदरूद्दीन शेख आदि ने कहीं. इन सभी का कहना है कि उम्र की वजह से वे रोजगार नहीं कर पा रहे हैं. इनके बेटे राजस्थान व गुजरात में काम कर रहे हैं.

इनके साथ यदि अफराजुल की तरह कोई घटना होती है तो वे बरदाश्त नहीं कर सकेंगे. इसलिए अपने बच्चों से बार-बार फोन कर लौट आने को कह रहे हैं.
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