राम से वन बंधुओं को अलग नहीं किया जा सकता : रघुवर दास

Author : Sameer Oraon Published by : Prabhat Khabar Updated At : 04 Aug 2020 4:59 AM

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रघुवर दास ने कहा है कि राम मंदिर निर्माण के लिए पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमि पूजन करेंगे़ यह भूमि पूजन स्वतंत्र भारत के इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय होगा

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पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि राम मंदिर निर्माण के लिए पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमि पूजन करेंगे़ यह भूमि पूजन स्वतंत्र भारत के इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय होगा़ यह तो सभी जानते हैं कि वेदों और मर्यादा का पालन करते हुए भगवान राम ने एक सुखी राज्य की स्थापना की थी़ उन्होंने भावनाओं और सुखों से समझौता कर न्याय और सत्य का साम्राज्य स्थापित किया था़ श्री दास ने कहा है कि मर्यादा पुरुषोत्तम ने संकीर्णताओं को तोड़ते हुए मानव समाज की पुनर्रचना की जो नींव रखी थी.

उन्होंने भावनाओं और सुखों से समझौता कर न्याय और सत्य का साम्राज्य स्थापित किया था़ श्री दास ने कहा है कि मर्यादा पुरुषोत्तम ने संकीर्णताओं को तोड़ते हुए मानव समाज की पुनर्रचना की जो नींव रखी थी, प्रधानमंत्रीपूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि राम मंदिर निर्माण के लिए पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमि पूजन करेंगे़ यह भूमि पूजन स्वतंत्र भारत के इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय होगा़ यह तो सभी जानते हैं कि वेदों और मर्यादा का पालन करते हुए भगवान राम ने एक सुखी राज्य की स्थापना की थी़.

प्रधानमंत्री उस भगवान की जन्मभूमि मंदिर का नींव रख कर संपूर्ण मानव समाज का कल्याण करने जा रहे है़ं यहां भूमि पूजन के लिए देश भर के पवित्र स्थानों से मिट्टी और जल मंगाया गया है़

श्री दास ने कहा कि विडंबना यह है कि कुछ लोग पवित्र स्थानों की मिट्टी को धार्मिक भट्टी में दहकाने की कोशिश कर रहे है़ं समाज को तोड़ने का काम कर रहे है़ं कितने ही लोगों के पेट में इसलिए दर्द हो रहा है कि शबरी राम के साथ जुड़ी है़ वन-बंधु शबरी के साथ जुड़े होने से उन्हें चिंता हो रही है कि वन बंधु राम के साथ जुड़ जायेंगे़ लाख प्रयत्न करें तो भी देश के वन बंधुओं को राम से अलग नहीं किया जा सकता है़ राम उनके प्राण है़ं जिस दिन वन-बंधुओं के प्राण उनके शरीर से अलग हो जायेंगे, उसी दिन वे राम से अलग हो सकते है़ं.

भारत का संविधान समाज के विषय में कहता है कि लोभ-लालच या भय से धर्मांतरण नहीं होना चाहिए. मैंने अपने शासन काल में इसे लागू किया तो कुछ लोग हाय-तौबा मचाने लगे़ हमारे देश के गरीब आदिवासी पूर्वजों ने इस धरती पर आजादी के लिए खून बहाया था़ आजादी दिलाने की लड़ाई का ठेका (गांधी परिवार) लेनेवाले हमारे पूर्व शासकों को क्या इन आदिवासी वनवासियों का बलिदान मंजूर नहीं था़ आजादी के 50-60 वर्षों तक इस सत्य को छुपाने-दबाने की नीति हमारे इन पूर्व शासकों ने लागू की थी़ श्री दास ने कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और दुनिया में शहीद स्मारकों के कीर्तिमान को जीवित रखने की प्रतीज्ञा ली है़ इसी क्रम में भगवान बिरसा मुंडा जेल को शहीद स्मारक का रूप दिया जा रहा है़

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लेखक के बारे में

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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