UP में जापान की एंट्री से बदलेगी तस्वीर: 500 एकड़ में बनेगी ‘जापानी सिटी’, 10 हजार से ज्यादा युवाओं को मिलेगा रोजगार

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सांकेतिक तस्वीर

UP News: उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा रोडमैप तैयार किया गया है. 18-23 अगस्त तक होने वाली इन्वेस्टमेंट मीट में 200 से अधिक जापानी उद्योगपति शिरकत करेंगे. 500 एकड़ में 'जापानी सिटी' विकसित होगी, जिससे 10,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

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UP News: उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश को लेकर योगी सरकार ने बड़ा रोडमैप तैयार किया है. प्रदेश में 18 से 23 अगस्त तक आयोजित होने वाले यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 में जापान के 200 से अधिक उद्योगपति, सीईओ, कारोबारी प्रतिनिधि और नीति-निर्माता शामिल होंगे. सरकार की कोशिश निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के साथ-साथ तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसर बढ़ाने की है. इस निवेश सम्मेलन में मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, क्लीन एवं ग्रीन एनर्जी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं पर चर्चा होगी. जापानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यमानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी कर रहे हैं.

यीडा में 3,191 करोड़ की परियोजनाओं पर काम

जापानी निवेश के लिहाज से यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र को महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. यहां एस्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा कॉरपोरेशन की तीन परियोजनाओं में कुल 3,191 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है. इन परियोजनाओं से 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है. एस्कॉर्ट्स कुबोटा यीडा के सेक्टर-10 में करीब 2,025 करोड़ रुपये की परियोजना लगाएगी. यहां ट्रैक्टर, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट और संबंधित उत्पादों का निर्माण किया जाएगा. इससे 3,800 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. वहीं मिंडा कॉरपोरेशन सेक्टर-10 और सेक्टर-24 में दो परियोजनाएं विकसित करेगी. दोनों परियोजनाओं में करीब 1,166 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है. इनसे लगभग 6,440 रोजगार सृजित होने की संभावना है.

500 एकड़ में विकसित होगी ‘जापानी सिटी’

यीडा क्षेत्र में जापानी कंपनियों के लिए 500 एकड़ भूमि पर समर्पित ‘जापानी सिटी’ विकसित करने की योजना है. इसमें जापानी कंपनियों के साथ उनके सप्लायर और सहायक उद्योगों को भी जगह देने की तैयारी है. सरकार का मानना है कि इससे कंपनियों के आसपास पूरी सप्लाई चेन विकसित होगी. तकनीकी हस्तांतरण, सहायक उद्योगों के विस्तार और रोजगार के नए अवसरों को भी इससे बढ़ावा मिल सकता है.

21 अगस्त को लखनऊ में मुख्य निवेश सम्मेलन

यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट का मुख्य राज्य स्तरीय सम्मेलन 21 अगस्त को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा. यहां गवर्नमेंट-टू-बिजनेस और बिजनेस-टू-बिजनेस सत्रों के माध्यम से जापानी निवेशकों की राज्य सरकार और भारतीय कारोबारी समूहों के साथ सीधी बातचीत होगी. इससे पहले 19 अगस्त को नयी दिल्ली के ताज पैलेस में हाई लेवल सीईओ राउंडटेबल आयोजित किया जायेगा. इसमें केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और शिवराज सिंह चौहान समेत कई वरिष्ठ प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है.

सेमीकंडक्टर और ग्रीन हाइड्रोजन पर भी नजर

निवेश सम्मेलन में भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी जायेगी. ग्रीन हाइड्रोजन, अक्षय ऊर्जा, क्लीन टेक्नोलॉजी, ऑटो कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में जापानी निवेश की संभावनाएं तलाशने की तैयारी है.

वाराणसी और कुशीनगर के पर्यटन पर भी फोकस

जापान के साथ उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक संबंधों को देखते हुए पर्यटन क्षेत्र को भी निवेश सम्मेलन से जोड़ा गया है. वाराणसी, सारनाथ और कुशीनगर के बौद्ध सर्किट में पर्यटन और उससे जुड़ी अवस्थापना परियोजनाओं की संभावनाएं जापानी प्रतिनिधिमंडल के सामने रखी जायेंगी. आगरा में पर्यटन और स्मार्ट सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े अवसरों पर भी चर्चा होगी.

1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य पर नजर

योगी सरकार यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के साथ विदेशी निवेश को बढ़ावा देने में जुटी है. जापान के साथ प्रस्तावित साझेदारी में निवेश के साथ आधुनिक तकनीक, कुशल मानव संसाधन, औद्योगिक ढांचे और रोजगार को प्रमुख आधार बनाया गया है. सरकार की कोशिश है कि जापानी कंपनियों की रुचि केवल निवेश प्रस्तावों तक सीमित न रहे, बल्कि परियोजनाएं धरातल पर उतरें और प्रदेश में उत्पादन, तकनीकी क्षमता तथा रोजगार के नये अवसर पैदा हों.

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तिलक कुमार

लेखक के बारे में

By तिलक कुमार

तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.

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