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अपना दल में 'तख्तापलट' की तैयारी! अनुप्रिया को हटाने की साजिश, 9 विधायक NDA से टूट सकते हैं?

Updated at : 02 Jul 2025 3:17 PM (IST)
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अपना दल में 'तख्तापलट' की तैयारी! अनुप्रिया को हटाने की साजिश, 9 विधायक NDA से टूट सकते हैं?

UP News: पंचायत चुनावों से पहले अपना दल (सोनेलाल) में बगावत हो गई है. बागी नेताओं ने ‘अपना मोर्चा’ नाम से नया फ्रंट बनाकर अनुप्रिया पटेल पर परिवारवाद और पार्टी हाईजैक का आरोप लगाया. उन्होंने नौ विधायकों के समर्थन का दावा और सोनेलाल पटेल की मौत की CBI जांच की मांग की.

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UP News: पंचायत चुनावों से पहले कुर्मी बिरादरी के वोटबैंक पर पकड़ मजबूत करने की होड़ में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. अपना दल (सोनेलाल) के कई बागी नेताओं ने मंगलवार को ‘अपना मोर्चा’ नाम से एक नया फ्रंट बनाने की घोषणा की. प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए फ्रंट के संयोजक चौधरी ब्रजेंद्र प्रताप सिंह पटेल ने दावा किया कि यही संगठन असली अपना दल है. उन्होंने दावा किया कि भाजपा से बातचीत होते ही अपना दल (एस) के नौ विधायक उनके साथ आ जाएंगे.

अनुप्रिया पर परिवारवाद और तानाशाही का आरोप

ब्रजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने जिस पार्टी को मेहनत से खड़ा किया था, उसे अनुप्रिया पटेल ने हाईजैक कर लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में पिछले दस सालों से आंतरिक चुनाव नहीं हुए हैं और पदों पर केवल उनके पति व परिवार का कब्जा है. यह पूरी तरह से परिवारवादी राजनीति है, जिससे कुर्मी समाज का भरोसा उठता जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में लोकतंत्र की जगह अब तानाशाही आ गई है.

NDA से दूरी की चेतावनी, अमित शाह को मिलेगा प्रतिनिधिमंडल

मोर्चा संयोजक ने साफ किया कि फिलहाल उनका फ्रंट एनडीए का हिस्सा है, लेकिन जल्द ही गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर शिकायत करेंगे कि अनुप्रिया पटेल के परिवारवाद और मनमानी से कुर्मी समाज एनडीए से नाराज होता जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह नाराजगी पंचायत चुनावों में भारी नुकसान पहुंचा सकती है. उनका दावा है कि पूरी बिरादरी अब मोर्चे के साथ खड़ी हो गई है.

सोनेलाल पटेल की मौत पर उठाए सवाल, सीबीआई जांच की मांग

ब्रजेंद्र प्रताप सिंह ने डॉ. सोनेलाल पटेल की मौत को रहस्यमय बताते हुए सीबीआई से जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि जिस तरह से पार्टी संस्थापक की असमय मृत्यु हुई, उस पर कभी निष्पक्ष जांच नहीं हुई. इस मुद्दे को लेकर भी समाज में असंतोष है, और अब वक्त आ गया है कि सच सामने लाया जाए.

मोर्चे में शामिल हुए कई पुराने सहयोगी और संगठन

प्रेस वार्ता में ‘अपना दल बलिहारी’ के अध्यक्ष धर्मराज पटेल, ‘राष्ट्रीय जनसरदार पार्टी’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमंत चौधरी, ‘अपना दल यूनाइटेड’ के अध्यक्ष बच्चा सिंह पटेल, ‘किसान-नौजवान संघ’ के कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र सिंह पटेल, पूर्वांचल विकास बोर्ड के सदस्य बौद्ध अरविंद सिंह पटेल, तथा अपना दल (एस) के पूर्व राष्ट्रीय सचिव केदारनाथ सचान जैसे कई प्रभावशाली नेता और संगठन मौजूद रहे. इन सभी ने एकजुट होकर मोर्चे को मजबूत करने का ऐलान किया.

अनुप्रिया खेमा बोला- यह बदनाम करने की साजिश

अपना दल (सोनेलाल) के प्रदेश अध्यक्ष आरपी गौतम ने मोर्चे को पार्टी के खिलाफ साजिश बताया. उन्होंने कहा कि ये वे नेता हैं जिन्हें पार्टी से पांच साल पहले निष्कासित किया गया था और अब वे संस्थापक सोनेलाल पटेल की जयंती पर विघ्न डालने की कोशिश कर रहे हैं. गौतम ने कहा कि हमारे सभी विधायकों और जनप्रतिनिधियों की पार्टी में पूरी निष्ठा है और वे जयंती समारोह में मौजूद रहेंगे.

पल्लवी पटेल बोलीं- मुझे जानकारी नहीं, कोई टिप्पणी नहीं करूंगी

समाजवादी पार्टी की विधायक और अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल ने इस मामले से खुद को अलग रखा. जब पत्रकारों ने उनसे मोर्चा के गठन पर प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इस विषय की कोई जानकारी नहीं है और वे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगी.

यह राजनीतिक हलचल न केवल अपना दल के भविष्य पर सवाल खड़े करती है, बल्कि आगामी पंचायत चुनावों में कुर्मी वोटबैंक की भूमिका को भी निर्णायक बना सकती है.

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Abhishek Singh

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By Abhishek Singh

Abhishek Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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