पढ़ाई के साथ खेल का मैदान भी, यूपी के 52 मॉडल स्कूलों में मिनी स्टेडियम की तैयारी
सांकेतिक तस्वीर
UP News: उत्तर प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद की सुविधाओं को भी बेहतर बनाने जा रही है. प्रदेश के 42 जिलों में 52 मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के परिसर में मिनी स्टेडियम बनाए जाएंगे. इससे ग्रामीण और कस्बाई इलाकों के बच्चों को स्कूल में ही अपनी खेल प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा.
UP News: उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अच्छी खबर है. अब पढ़ाई के साथ खेलकूद की सुविधाएं भी बेहतर होने जा रही हैं. जहां प्रदेश के 42 जिलों में निर्माणाधीन 52 मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के परिसर में मिनी स्टेडियम बनाए जाएंगे. इन स्टेडियम के बनने से ग्रामीण और कस्बाई इलाकों के बच्चों को स्कूल परिसर में ही खेल प्रतिभा निखारने का मौका मिलेगा.
स्कूल परिसर की खाली जमीन का होगा इस्तेमाल
बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक, इन मिनी स्टेडियमों के निर्माण के लिए स्कूल परिसरों में उपलब्ध खाली जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा. जिन विद्यालयों में तीन से पांच एकड़ तक भूमि उपलब्ध है, वहां मिनी स्टेडियम विकसित किए जाएंगे. विभाग ने निर्माण कार्य के लिए कार्यदायी संस्थाओं की जिम्मेदारी भी तय कर दी है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाए. इसके साथ ही काम की नियमित निगरानी भी की जाएगी.
इन जिलों में बन रहे मुख्यमंत्री मॉडल स्कूल
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आगरा, अलीगढ़, अंबेडकरनगर, औरैया, अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं, बांदा, बरेली, एटा, हाथरस, जालौन, जौनपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कासगंज, खीरी, ललितपुर, लखनऊ, महोबा, मैनपुरी और मेरठ समेत 42 जिलों की प्रथम और द्वितीय तहसीलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण कराया जा रहा है. इन्हीं विद्यालय परिसरों में उपलब्ध जमीन पर मिनी स्टेडियम विकसित करने की योजना है.
16 जुलाई को भेजा गया था प्रस्ताव
मिनी स्टेडियम के निर्माण को लेकर विभाग ने 16 जुलाई को शासन को प्रस्ताव भेजा था. अब सरकार की ओर से इनके निर्माण के लिए कार्यदायी संस्थाओं का चयन कर जिम्मेदारी सौंप दी गई है. जिम्मेदारी के तहत उप्र प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड को 26, कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (उप्र जल निगम) को 14, आवास एवं विकास परिषद को 5, उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम लिमिटेड को 2, लोक निर्माण विभाग को 3 और उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को 2 मिनी स्टेडियम बनाने की जिम्मेदारी मिली है.
हर तीन महीने में होगी निर्माण की समीक्षा
मिनी स्टेडियम के निर्माण की प्रगति पर बेसिक शिक्षा विभाग की नजर रहेगी. विभाग की ओर से हर तीन महीने में निर्माण कार्य की समीक्षा की जाएगी और इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी. इससे निर्माण में देरी और गुणवत्ता से जुड़ी कमियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी.
26 जिलों में बनेंगे नए मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल
मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय योजना के तहत सरकार ने तृतीय चरण में 26 जिलों की तृतीय तहसील में एक-एक नए विद्यालय के निर्माण को भी मंजूरी दी है.इनमें अलीगढ़, एटा, हाथरस, अंबेडकरनगर, गोंडा, कानपुर नगर, बस्ती, बरेली, हरदोई, बाराबंकी, कुशीनगर, आजमगढ़, मीरजापुर, सीतापुर, बलिया, रायबरेली, शाहजहांपुर, उन्नाव, भदोही, प्रयागराज, लखनऊ, झांसी, कौशांबी, जालौन, बांदा और गौतमबुद्धनगर भी शामिल हैं.
इन संस्थाओं को मिली स्कूल निर्माण की जिम्मेदारी
नए मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण की जिम्मेदारी उप्र राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड, आवास एवं विकास परिषद, समाज कल्याण निर्माण निगम लिमिटेड और उप्र प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड को दी गई है. मिनी स्टेडियम और नए मॉडल स्कूलों के जरिए सरकार का फोकस बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल के साथ खेल और अन्य गतिविधियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है.
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