जौहर यूनिवर्सिटी पर फिलहाल नहीं चलेगा बुलडोजर! ध्वस्तीकरण पर रोक बरकरार, 25 अगस्त को अगली सुनवाई
सांकेतिक तस्वीर
UP News: मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण के मामले में फिलहाल राहत मिली है. मुरादाबाद आयुक्त न्यायालय ने यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण पर लगी रोक जारी रखी है. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, और मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी.
UP News: मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण के मामले में फिलहाल राहत बरकरार है. मुरादाबाद के आयुक्त न्यायालय में गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण पर लगी रोक जारी रखने का फैसला हुआ. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तीन अर्जियों पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी.
नक्शे और भवनों के रिकॉर्ड पर दोनों पक्ष आमने-सामने
सुनवाई के दौरान रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) और जौहर पक्ष के वकीलों के बीच यूनिवर्सिटी के भवनों के नक्शे, निर्माण से जुड़े रिकॉर्ड और जमीन की पैमाइश को लेकर तीखी बहस हुई. RDA की ओर से अधिवक्ता दिनेश चौहान ने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन को स्वीकृत लेआउट प्लान और नक्शे अदालत में पेश करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जौहर पक्ष ने सीधे दस्तावेज दाखिल करने के बजाय अलग-अलग विभागों से रिकॉर्ड मंगाने के लिए आवेदन दिए.
14 इमारतों के दस्तावेज को लेकर विवाद
RDA का कहना है कि यूनिवर्सिटी की 14 इमारतों समेत अन्य भवनों से संबंधित दस्तावेज जौहर पक्ष के पास मौजूद हैं और उन्हें अदालत में पेश किया जाना चाहिए. वहीं जौहर पक्ष के अधिवक्ता जुनैद अयाज ने कहा कि कमिश्नर के आदेश के मुताबिक वर्ष 2012 से पहले और बाद में बने भवनों का रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है. जौहर पक्ष का दावा है कि PWD रामपुर और जिलाधिकारी के पूर्व आदेशों के तहत 2008 तक बनी 14 इमारतों और निर्माणाधीन 13 ब्लॉकों से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध है. इसी रिकॉर्ड को संबंधित विभागों से अदालत के जरिये मंगाने की मांग की गई है.
नदी और जमीन की रिपोर्ट भी बनी मुद्दा
सुनवाई के दौरान यूनिवर्सिटी की जमीन और आसपास के क्षेत्र से जुड़ी रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई. राज्य पक्ष ने नदी और रेत की जमीन पर बने भवनों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए. तहसील से मांगी गई मौके की रिपोर्ट में गाटा संख्या, निर्माण, शत्रु संपत्ति और नदी की जमीन से जुड़ी जानकारी शामिल की जानी थी. राज्य पक्ष के अनुसार रिपोर्ट अधूरी होने के कारण उसे वापस कर दिया गया है.
जौहर पक्ष ने कानून के इस्तेमाल पर उठाया सवाल
जौहर पक्ष के अधिवक्ता ने सुनवाई के दौरान एक अहम कानूनी आपत्ति भी उठाई. उनका कहना था कि जिस कानून के तहत यूनिवर्सिटी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, वह इस मामले में लागू नहीं होता. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तीनों अर्जियों पर फैसला सुरक्षित रख लिया.
25 अगस्त को फिर होगी सुनवाई
फिलहाल जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण पर रोक बरकरार है और यथास्थिति कायम रहेगी. अदालत के अगले आदेश के बाद ही यह साफ होगा कि ध्वस्तीकरण को लेकर आगे क्या कार्रवाई होगी. अब 25 अगस्त को मुरादाबाद के आयुक्त न्यायालय में मामले की अगली सुनवाई होगी.
यह भी पढ़ें: 40 से ज्यादा छात्राएं अचानक बेहोश! देवरिया में तिरंगा यात्रा के बाद मची अफरातफरी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में
By तिलक कुमार
तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए









