यूपी के लोगों ने 7 वर्षों में कानून व्यवस्था के महत्व को बखूबी अनुभव किया-सीएम योगी

Updated at : 16 Feb 2024 6:25 PM (IST)
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यूपी के लोगों ने 7 वर्षों में कानून व्यवस्था के महत्व को बखूबी अनुभव किया-सीएम योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 67वीं ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट के मौके पर स्मारिका का विमोचन किया. प्रतिस्पर्धाओं के विजेताओं को ट्रॉफी दी.

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लखनऊ: यूपी वासियों ने पिछले 7 वर्षों में कानून व्यवस्था के महत्व को बखूबी अनुभव किया है. प्रदेश के लॉ एंड आर्डर की बेहतर स्थिति और सुरक्षा के माहौल को देखते हुए ही दोबारा इस सरकार को चुना है. आज हर नागरिक के मन में सुरक्षा का विश्वास है. प्रदेश की मजबूत कानून व्यवस्था का ही परिणाम है कि जीआईएस-23 में 40 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए. जबकि 2017 से पहले प्रदेश में निवेश के लिए कोई आना नहीं चाहता था.

19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में 10 लाख से अधिक निवेश के प्रस्तावों को ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम से धरातल पर उतारने जा रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को 67वीं ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट के समापन समारोह में ये बातें कही. उन्होंने मीट की स्मारिका का विमोचन किया और विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं को ट्रॉफी भी प्रदान की.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था और सुरक्षा का बेहतर माहौल बनाने में पुलिस के विभिन्न बलों की अति महत्वपूर्ण भूमिका है. पब्लिक परसेप्शन तय करने में भी पुलिस बल का अहम रोल है. उन्हें यह परसेप्शन बनाने में काफी चुनौतियों का सामना किया है. इसके लिये उन्हें दोहरी मानसिकता के साथ काम करना पड़ता है. वह असामाजिक और अराष्ट्रीय तत्वों के साथ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपने काम को अंजाम तक पहुंचाते हैं. जबकि कॉमन मैन के गुहार लगाने पर संवाद स्थापित कर उन्हें न्याय दिलाते हैं. इससे आम आदमी के मन में एक नया विश्वास पैदा होता है. साथ ही यह पुलिस बल की संवेदनशीलता को भी दर्शाता है.

उन्होंने कहा कि हमारे देश में ज्ञान के आदान-प्रदान की परंपरा वर्षों पुरानी है. राजधानी लखनऊ से 70 किलोमीटर दूर नौमिषारण्य है, जो हजारों वर्ष पहले ऋषियों के ज्ञान के आदान प्रदान के मंथन का केंद्र था. यहां पर भारत के वैदिक ज्ञान की परंपरा को लिपिबद्ध करने का काम किया गया था. इसमें पूरे देश भर के 88 हजार ऋषि-मुनि शामिल थे. ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट इसी धरोहर को आगे बढ़ाता है. सीएम योगी ने कहा कि ज्ञान वह नहीं होता है जो पुस्तकों में लिखा होता है. जबकि ज्ञान वह है जो फील्ड की ड्यूटी के दौरान आप अनुभव करते हैं.

सीएम योगी ने कहा कि अपराध की बदलती प्रकृति के अनुसार हम सभी को अपने आप को तैयार करना होगा. हम जब अपनी बेस्ट प्रैक्टिसेज को जनता के सामने शेयर करते हैं तो बहुत कुछ जानने और सीखने को मिलता है।. इस प्रकार की प्रतियोगिताओं और प्रतिस्पर्धाओं के माध्यम से बहुत सारी चीजों को देखने और सीखने का अवसर मिलता है. यही वजह है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन हो चुका है.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर देश के अंदर की चुनौतियों और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रख करके स्मार्ट पुलिसिंग की बात करते हैं. इस दौरान वह सख्त और सेंसिटिव पुलिस की बात करते हैं. पुलिस बल जब स्मार्ट पुलिसिंग की व्यवस्था से जुड़ जाएगी तो वर्तमान की चुनौतियों का सामना सफलतापूर्वक कर सकेगी. कार्यक्रम में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी प्रशांत कुमार, डीजी आरपीएफ मनोज यादव आदि शामिल हुए.

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Amit Yadav

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By Amit Yadav

UP Head (Asst. Editor)

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