मुंबई से लौटे शख्स ने अपनी तीन बेटियों को नदी में जिंदा फेंका, फिर घर पहुंचकर पत्नी को सुनाई ये झूठी कहानी, ऐसे खुला राज

उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले के धनघटा इलाके में सोमवार को कथित रूप से घरेलू विवाद को लेकर एक पिता ने अपनी तीन बेटियों को घाघरा नदीं में फेंक दिया. बताया जा रहा है कि बीस दिन पूर्व लॉकडाउन के बीच मुंबई से आरोपित शख्स अपने घर लौटा था. अपने दोस्त के साथ मिलकर अपनी तीन बेटियों को घाघरा नदी में फेंक देने के बाद ब्लेड से कपड़े फाड़कर वह घर पहुंचा और पुत्रियों के अपहरण की झूठी कहानी बना डाली. हालांकि, पत्नी ने पुलिस को घटना की जानकारी दी. बहरहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है.
संत कबीर नगर : उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले के धनघटा इलाके में सोमवार को कथित रूप से घरेलू विवाद को लेकर एक पिता ने अपनी तीन बेटियों को घाघरा नदीं में फेंक दिया. बताया जा रहा है कि बीस दिन पूर्व लॉकडाउन के बीच मुंबई से आरोपित शख्स अपने घर लौटा था. अपने दोस्त के साथ मिलकर अपनी तीन बेटियों को घाघरा नदी में फेंक देने के बाद ब्लेड से कपड़े फाड़कर वह घर पहुंचा और पुत्रियों के अपहरण की झूठी कहानी बना डाली. हालांकि, पत्नी ने पुलिस को घटना की जानकारी दी. बहरहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है.
वहीं, समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि सरफराज नाम का व्यक्ति अपने मित्र नीरज की मदद से मोटरसाइकिल पर अपनी बेटियों सना (7), सबा (4) और शमा (2) को घाघरा नदी के बिरहर घाट पर लाया और तीनों बच्चियों को एक-एक कर नदी में फेंक दिया. उन्होंने बताया कि आसपास मौजूद कुछ ग्रामीणों ने नदी में कूदकर बच्चियों को बचाने की कोशिश की, लेकिन वे नाकाम रहे.
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से लड़कियों की तलाश शुरू करवाई, लेकिन अभी तक किसी का कुछ पता नहीं चला. पुलिस अधीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि पुलिस ने सरफराज और उसके मित्र नीरज को गिरफ्तार कर लिया है. करीब 20 दिन पहले मुंबई से लौटा सरफराज नशे का आदी है.
मिल रही जानकारी के मुताबिक, आरोपी पिता पुलिस को भी गुमराह करने लगा. उसकी हरकत पर शक होने के बाद पुलिस ने कड़ाई दिखाई तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. धनघटा थाना क्षेत्र के डिहवा गांव निवासी सरफराज पेशे से ट्रक ड्राइवर है. वह 20 दिन पहले मुंबई से अपने घर लौटा है. शनिवार रात तीनों बेटियों की तबियत खराब थी. इलाज कराने के बहाने सरफराज तीनों को लेकर दोस्त नीरज मौर्य के साथ घर से शनिचरा बाजार के लिए निकला. सरफराज डॉक्टर के पास नहीं गया. बल्कि रात में बिड़हरघाट पहुंचकर बेटियों को घाघरा नहीं में फेंक दिया. इसके बाद अकेले घर पहुंचा. उसके कपड़े फटे थे. पत्नी और मां को उसने बच्चियों के अपहरण की झूठी कहानी बना दी.
पत्नी सादिरा ने पुलिस को जानकारी देकर मदद मांगी. पुलिस मौके पर पहुंची तो सरफराज उन्हें भी झूठी कहानी सुनाने लगा. जिस पर पुलिस को शक हुआ तो उसे हिरासत में ले लिया गया. उसका मेडिकल कराने के लिए पुलिस अस्पताल ले गयी. जहां शरीर में कोई चोट नहीं मिले, सिर्फ शर्ट फटी थी. इस पर पुलिस का शक और गहरा हो गया. पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो सरफराज ने अपना जुर्म कबूल लिया. वहीं, एएसपी असित श्रीवास्तव ने बताया कि, बच्चियों की तलाश की जा रही है. लेकिन अभी कुछ पता नहीं चला है. वहीं, मां का रो-रोकर बुरा हाल है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Samir Kumar
More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




