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चित्रकूट जेल गैंगवार में मारे गये अंशु दीक्षित सहित इन दुर्दांत कैदियों का कैसा था इतिहास, जानें, मुख्तार अंसारी से क्या था कनेक्शन...

Updated at : 14 May 2021 5:55 PM (IST)
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चित्रकूट जेल गैंगवार में मारे गये अंशु दीक्षित सहित इन दुर्दांत कैदियों का कैसा था इतिहास, जानें, मुख्तार अंसारी से क्या था कनेक्शन...

Chitrakoot Jail gangwar : यूपी के चित्रकूट जिला जेल में आज गैंगवार हुआ जिसमें तीन लोगों की मौत हो गयी. जानकारी के अनुसार अंशु दीक्षित नामक बंदी ने फायरिंग कर मेराजुद्दीन और मुकीम उर्फ काला को मार डाला. मेराजुद्दीन को मुख्तार अंसारी के खास लोगों में से एक माना जाता है. वहीं मुकीम काला पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुख्यात है. अंशु द्वारा फायरिंग किये जाने के बाद पुलिस ने अंशु दीक्षित को भी मार गिराया.

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Chitrakoot Jail gangwar : यूपी के चित्रकूट जिला जेल में आज गैंगवार हुआ जिसमें तीन लोगों की मौत हो गयी. जानकारी के अनुसार अंशु दीक्षित नामक बंदी ने फायरिंग कर मेराजुद्दीन और मुकीम उर्फ काला को मार डाला. मेराजुद्दीन को मुख्तार अंसारी के खास लोगों में से एक माना जाता है. वहीं मुकीम काला पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुख्यात है. अंशु द्वारा फायरिंग किये जाने के बाद पुलिस ने अंशु दीक्षित को भी मार गिराया.

अंशु दीक्षित डबल मर्डर केस का आरोपी है जिसे पुलिस ने गैंगवार के बाद मार गिराया. घटना के बाद एसपी ने बयान दिया कि जिला जेल में गैंगवार की सूचना सुबह करीब 9.30 बजे आयी. बताया गया कि एक बंदी ने छह बंदियों पर फायरिंग की. पिस्टल से फायरिंग की जा रही थी. एक बंदी ने दो बंदियों की हत्या कर दी और पुलिस पार्टी पर भी हमला किया. जिसके बाद हुई पुलिस की कार्रवाई में अंशु दीक्षित नाम का कैदी मारा गया. एसपी ने कहा कि घटना में कुल तीन कैदियों की मौत हुई.

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2014 में हुई थी अंशु दीक्षित की गिरफ्तारी

अंशु दीक्षित को 2014 में गोरखपुर एसटीएफ ने दबोचा था. सीएमओ विनोद आर्या के बहुचर्चित हत्याकांड के आरोपी शूटर अंशु दीक्षित को गोरखनाथ थाना क्षेत्र के 10 नंबर बोरिंग से मुठभेड़ के बाद अरेस्ट किया गया था. उसके खिलाफ लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्र नेता विनोद त्रिपाठी की भी हत्या का आरोप है. बदमाश पर जीआरपी सीतापुर ने 5 हजार जबकि भोपाल मध्य प्रदेश की पुलिस ने 10 हजार का इनाम घोषित किया था. तब एसटीएफ ने बदमाश के कब्जे से एक पिस्टल, एक तमंचा, कारतूस और फर्जी आईडी प्रूफ बरामद किया था. एसटीएफ की पूछताछ में अंशुल ने स्वीकार किया था कि वह सीतापुर के एमएलसी भरत त्रिपाठी और उनके बेटे परीक्षित त्रिपाठी की हत्या के लिए साथियों की तलाश करने के लिए गोरखपुर आया था.

कौन था अंशु दीक्षित, मेराजुद्दीन और मुकीम काला
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पूर्वांचल के माफिया मुख्तार अंसारी का खास व शार्प शूटर था अंशु दीक्षित. वह सीतापुर का रहने वाला था. 27 अक्टूबर 2013 को को उसने मप्र और उप्र एसटीएफ पर भी गोलियां चलाई थीं, दिसंबर 2014 में इसे पकड़ा गया था. चित्रकूट जेल आधुनिक होने से इसे यहां करीब दो साल पहले भेजा गया था. उसे पूर्वांचल के माफियाओं का चहेता भी बताया जाता है.

मेराजुद्दीन वाराणसी का रहने वाला था. पहले मुन्ना बजरंगी का खास था, फिर मुख्तार से जुड़ा. इसकी अंशुल दीक्षित से तनातनी रहती थी. संभव है उसी खुन्नस में अंशुल ने इसे मारा हो.

मुकीम काला पश्चिमी यूपी के दुर्दांत अपराधी व एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारे जा चुके वसीम काला का भाई था. पंजाब हरियाणा तक इसका गैंग वारदातें करता था. सहारनपुर में वर्ष 2015 में तनिष्क ज्वैलरी शोरूम में डकैती कांड को अंजाम दिया था. दर्जनों लूट, हत्या व मुठभेड़ के मुकदमे इसके नाम पर दर्ज हैं.

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