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यूनिफॉर्म सिविल कोड के विरोध में उतरा AIMPLB, मौलाना फरंगी महली बोले- किसी भी हालत में UCC कबूल नहीं

Updated at : 07 Jul 2023 11:47 AM (IST)
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यूनिफॉर्म सिविल कोड के विरोध में उतरा AIMPLB, मौलाना फरंगी महली बोले- किसी भी हालत में UCC कबूल नहीं

भारत में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने को लेकर विवाद शुरू हो गया है. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने भी यूसीसी का विरोध शुरू कर दिया है. लखनऊ ईदगाह के इमाम खालिद रशीद फरंगी महली ने यूनिफार्म सिविल कोड का विरोध किया है.

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Uniform Civil Code: देशभर में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने को लेकर विवाद शुरू हो गया है. सभी विपक्षी राजनीतिक पार्टियां भाजपा सरकार को घेर रही है. इसी कड़ी में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने भी यूसीसी का विरोध शुरू कर दिया है. लखनऊ ईदगाह के इमाम खालिद रशीद फरंगी महली ने यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर कहा कि इसे मुसलमानों को किसी भी हालत में कबूल नहीं है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.

UCC पर विवाद शुरू

दरअसल समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने को लेकर देशभर में विवाद जारी है. ऐसे में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है. बोर्ड के मेंबर और लखनऊ की सुन्नी मस्जिद के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड मुसलमानों को किसी भी हाल में कबूल नहीं है. इससे इस्लामी शरीयत पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा.

फरंगी महली ने यूसीसी का किया विरोध

मौलाना फरंगी महली यूसीसी का विरोध किया है. बोर्ड ने एक लिंक जारी किया है. जिसमें बताया गया है कि सभी मुसलमान यूसीसी के ड्राफ्ट पर लॉ कमीशन को अपनी राय भेजें. सभी मस्जिदों के इमामों से कहा गया है कि वे जुमे के दिन नमाज से पहले मुसलमानों को यूसीसी के बारे में बताएं और इसका विरोध करने के लिए कहें. क्योंकि अगर देशभर में UCC लागू हुआ तो मुसलमानों को मुस्लिम पर्सनल कानून पर अमल करने से रोका जा सकता है. साथ ही दूसरे अल्पसंख्यक धर्मों पर भी असर पड़ेगा.

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यूसीसी कोर्ड क्या है

बताते चलें यूसीसी कोर्ड को लेकर भारत में विवाद शुरू हो गया है. लेकिन क्या आप जानते हैं UCC कोर्ड क्या है. बता दें यूसीसी कोर्ड यानी समान नागरिक संहिता का मतलब देश में एक कानून है. अगर यूसीसी लागू हो जाता है तो सभी धर्म और वर्ग के लोगों के लिए एक समान कानून होगा यानी की शादी, तलाक, गोद लेने के नियम, उत्तराधिकार और संपत्तियों से जुड़े मामलों में भी लोगों के लिए समान ही कानून होगा.

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Shweta Pandey

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By Shweta Pandey

Shweta Pandey is a contributor at Prabhat Khabar.

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