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अयोध्या में बना नया वर्ल्ड रिकॉर्ड, दीपोत्सव पर जले 5.51 लाख दीये

Updated at : 27 Oct 2019 6:08 AM (IST)
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अयोध्या में बना नया वर्ल्ड रिकॉर्ड, दीपोत्सव पर जले 5.51 लाख दीये

लखनऊ : भगवान राम की नगरी अयोध्या में दीपोत्सव के तहत शनिवार को नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना है. दीपावली की पूर्व संध्या पर अयोध्या में 5 लाख 51 हजार दीप जलाये गये, जिनमें से सरयू के किनारे राम की पैड़ी पर ही अकेले चार लाख 10 हजार दीये जलाये गये. पिछली बार 3 लाख 21 […]

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लखनऊ : भगवान राम की नगरी अयोध्या में दीपोत्सव के तहत शनिवार को नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना है. दीपावली की पूर्व संध्या पर अयोध्या में 5 लाख 51 हजार दीप जलाये गये, जिनमें से सरयू के किनारे राम की पैड़ी पर ही अकेले चार लाख 10 हजार दीये जलाये गये. पिछली बार 3 लाख 21 हजार दिये जलाये गये थे. गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने अयोध्या पर रिकॉर्ड दियों के जलाये जाने घोषणा की. सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसके लिए अयोध्या के सभी लोगों और संत समाज को बधाई दी.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, पहले की सरकारें अयोध्या के नाम से डरती थीं, यहां आना नहीं चाहती थीं. लेकिन ढाई वर्ष के अपने कार्यकाल में मैं डेढ़ दर्जन बार अयोध्या आ चुका हूं. जब भी आता हूं आप सबकी कृपा से सैकड़ों करोड़ रुपये की योजना यहां के लिए लेकर आता हूं.
सूचना निदेशक शिशिर ने बताया कि इस बार चार लाख दस हजार दिये अकेले राम की पैड़ी के घाटों पर जलाये गये और यह घोषणा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्डस प्रतिनिधि द्वारा की गयी, जो कि एक नया कीर्तिमान है, इसके अलावा दो लाख से अधिक दिये राम की नगरी अयोध्या में 11 अन्य स्थानों पर प्रज्ज्वलित किये गये और दीपोत्सव कार्यक्रम में शनिवार को अयोध्या में कुल छह लाख से अधिक दिये प्रज्जवलित किये गये.
उन्होंने बताया कि पिछले साल तीन लाख एक हजार 186 दिये घाट पर जलाये गये थे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को रामकथा पार्क में आयोजित भागवान श्रीराम के प्रतीकात्मक राजतिलक के कार्यक्रम के अवसर 226 करोड़ रुपये की कई परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमारी सात पवित्र नगरियों में तीन पवित्र नगरी अयोध्या, काशी और मथुरा हमारे उत्तर प्रदेश में हैं.
देश और दुनिया में इतना समृद्ध एवं सांस्कृतिक परिवेश किसी के पास नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राम की परंपरा पर हम सबको गौरव की अनुभूति होती है. अयोध्या का नाम आते ही रामराज्य हमारे मन मस्तिष्क में खुद-ब-खुद आ जाता है. रामराज्य शासन की एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें जाति, मत, मजहब, संप्रदाय, क्षेत्र और भाषा के आधार पर किसी के साथ भेदभाव ना हो.
विगत पांच वर्षों में शासन की योजनाओं को जिस प्रतिबद्धता के साथ देश के अंदर लागू किया गया है, यह आधुनिक रामराज्य का उदाहरण है. दीपोत्सव का कार्यक्रम अपने पवित्र स्थल और उनकी मर्यादा की रक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है. हजार वर्षों की अपनी विरासत के साथ आपको जोड़ते हुए और पर्यावरण की रक्षा करते हुए हम अपने आयोजन को सामूहिक रूप से आगे बढ़ा सकते हैं.
योगी ने कहा कि हमने कभी किसी को परेशान नहीं किया, लेकिन किसी ने हमारे शस्त्र या स्वाभिमान को ललकारने का प्रयास किया, तो उसके मांद में घुसकर मुंह तोड़ जवाब देने का कार्य आज भारत का नेतृत्व कर रह है. इससे ज्यादा गर्व की बात क्या हो सकती है. आज भारत दुनिया की एक महाशक्ति के रूप में फिर से विश्वगुरू के रूप में स्थापित हो रहा है.
इससे पहले राम, सीता और लक्ष्मण के हेलिकॉप्टर से अयोध्या आगमन का प्रतीकात्मक मंचन किया गया. खुद योगी ने सीता-राम और लक्ष्मण की आरती उतारी। प्रभु श्री राम का योगी और महंत नृत्य गोपाल दास ने राज्यसभिषेक भी किया.
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मुख्य अतिथि के रूप में फिजी गणराज्य की उपसभापति वीना भटनागर, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल मौजूद रहे.
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