उन्नाव रेप केस : हरकत में उप्र पुलिस, तीन कांस्टेबल निलंबित; दूसरे वकील को मिली सुरक्षा

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 01 Aug 2019 8:08 PM

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लखनऊ : देशभर में नाराजगी और तीखी प्रतिक्रिया के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस गुरुवार को हरकत में आयी और उन्नाव बलात्कार पीड़िता की सुरक्षा के लिए लगाये गये तीन पुलिस कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया. इस बीच, रविवार को सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाली पीड़िता की मौसी का बाराबंकी स्थित उनके गांव में अंतिम […]

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लखनऊ : देशभर में नाराजगी और तीखी प्रतिक्रिया के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस गुरुवार को हरकत में आयी और उन्नाव बलात्कार पीड़िता की सुरक्षा के लिए लगाये गये तीन पुलिस कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया. इस बीच, रविवार को सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाली पीड़िता की मौसी का बाराबंकी स्थित उनके गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया.

सपा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस्तीफे की मांग की है. बलात्कार पीड़िता की सुरक्षा के लिए लगाये गये तीन पुलिसकर्मियों को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया. उन्नाव पुलिस अधीक्षक एमपी वर्मा ने बताया कि निलंबित पुलिसकर्मियों के नाम सुदेश कुमार, सुनीता देवी और रूबी पटेल हैं. पीड़िता के एक अन्य वकील अजेंद्र अवस्थी को भी जिला प्रशासन ने पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करायी है. अवस्थी ने रविवार की दुर्घटना के परिप्रेक्ष्य में सुरक्षा का आग्रह किया था. दुर्घटना में पीड़िता के एक वकील गंभीर रूप से घायल हो गये हैं.

पीड़िता की मौसी का अंतिम संस्कार बाराबंकी स्थित उनके गांव में कर दिया गया. उनके शव को लखनऊ से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबेहा थानाक्षेत्र स्थित गांव लाया गया. अंतिम संस्कार उनके बेटे ने दो बेटियों की मौजूदगी में किया. मौसी के पति का पहले ही देहांत हो चुका है. मौसी का शव पहुंचते ही परिवार वाले रोने बिलखने लगे. वहां पर आईजी और एसपी के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल सुरक्षा में तैनात था. गांव के बाहर ही चिता बनाकर मौसी का अंतिम संस्कार कर दिया गया. मृतका की बेटी ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया, उसकी मां की मौत हादसे में नहीं हुई, बल्कि विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने यह एक्सीडेंट करवाया है. उसने कहा कि उसकी मां उन्नाव बलात्कार पीड़िता के साथ पिछले नौ महीने से वहीं रहकर केस की पैरवी करती थीं.

मृतका की बेटी ने आरोप लगाया, ये सारा किया-कराया विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का ही है और सेंगर की सोची समझी साजिश है. मां कि मौत की भरपाई तो नहीं हो सकती है, लेकिन सरकार से मांग है कि उसके भाई को नौकरी दी जाये और आर्थिक मदद की जाये. मोदी जी और योगी जी से यहीं मांग है, ताकि हम लोग अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें. बाकी अब हम लोगों में इस केस की लड़ाई लड़ने की हिम्मत नहीं बची है. गौरतलब है कि भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली लड़की, उसकी चाची और मौसी अपने वकील महेंद्र के साथ रायबरेली जेल में बंद अपने रिश्तेदार महेश सिंह से रविवार को मुलाकात करने जा रही थीं. रास्ते में रायबरेली के गुरबख्श गंज क्षेत्र में उनकी कार और एक ट्रक के बीच संदिग्ध परिस्थितियों में टक्कर हो गयी थी.

इस हादसे में मौसी और चाची को लखनऊ स्थित ट्रामा सेंटर में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था, जबकि पीड़िता और उसके वकील महेंद्र सिंह पिछले पांच दिन से किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रामा सेंटर में भर्ती हैं, जहां उनकी हालत स्थिर बतायी गयी है. चाची का कल बुधवार को उनके पैतृक गांव उन्नाव के माखी में पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया.

पीड़िता लड़की ने 2017 में उन्नाव से भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर बलात्कार का आरोप लगाया था. इस मामले में सेंगर को गिरफ्तार किया गया था. मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की गयी थी और इस वक्त सेंगर जेल में है. रायबरेली सड़क दुर्घटना के मामले की भी सीबीआई जांच आरंभ हो गयी है. उधर, पीड़िता और उसके वकील की हालत आज पांचवें दिन भी स्थिर बनी हुई है. पीड़िता जहां अभी भी वेंटीलेटर पर है, वहीं वकील को आज भी कुछ देर के लिए वेंटीलेटर से हटाकर देखा गया. केजीएमयू ने ऐसी किसी संभावना से इनकार किया कि पीड़िता को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट किया जा रहा है. केजीएमयू ट्रामा सेंटर के प्रभारी डॉक्टर संदीप तिवारी ने गुरुवार दोपहर को कहा, पीड़िता के मल्टीपल फ्रैक्चर हैं. साथ ही सीने में भी चोट है. पीड़िता की हालत स्थिर है. बहुत मामूली सुधार हुआ है, लेकिन अभी इसे संतोषजनक नहीं कहा जा सकता है. पीड़िता को अभी तक होश नहीं आया है.

उन्होंने बताया कि पीड़िता का सीटी स्कैन कराया गया था लेकिन सिर में कोई चोट फिलहाल नजर नहीं आयी है. इसके बावजूद सिर की चोट से इनकार नहीं किया जा सकता है क्योंकि सिर की बहुत सी चोटें सीटी स्कैन में नजर नहीं आती हैं. पीड़िता की हालत स्थिर है और डाक्टरों की टीम 24 घंटे उसकी निगरानी कर रही है और वह अभी भी वेंटीलेटर पर है. तिवारी ने बताया कि घायल वकील महेंद्र सिंह को कुछ देर के लिए वेंटीलेटर से हटाकर देखा गया था. इस दौरान उनकी तबियत स्थिर रही. बाद में फिर उन्हें वेंटीलेटर पर कर दिया गया.

वहीं, समाजवादी पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह और आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर का फोटो लगाकर ट्वीट किया कि इन तीनों के हटे बिना पीड़ित बेटी को न्याय नही मिलेगा. इस बीच, व्यापक आक्रोश और विपक्षी दलों की तीखी आलोचना के बीच भाजपा ने आरोपी विधायक सेंगर को पार्टी से निकाल दिया. इसके बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सेंगर को निष्कासित किये जाने के मामले पर ट्वीट कर कहा, भाजपा ने एक अपराधी को सशक्त बनाये जाने की बात स्वीकार की. स्वयं को सुधारने के लिए कदम उठाया. उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राम गोविन्द चौधरी ने कहा कि घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए योगी को इस्तीफा देना चाहिए.

गुरुवार को ही उच्चतम न्यायालय ने उन्नाव बलात्कार प्रकरण से जुडे सभी पांच मामले उत्तर प्रदेश की अदालत से राष्ट्रीय राजधानी की अदालत में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया. शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को यह निर्देश भी दिया कि वह बलात्कार पीड़िता को अंतरिम मुआवजे के तौर पर 25 लाख रुपये मुहैया कराये. उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया कि पीड़िता के बलात्कार से जुड़े मुख्य मामले की सुनवाई शुरू होने के 45 दिन में पूरी की जाये.

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