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उत्तरप्रदेश के कैराना लोकसभा उपचुनाव में दो दिग्गज परिवारों का हो सकता है मुकाबला

Updated at : 04 May 2018 3:09 PM (IST)
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उत्तरप्रदेश के कैराना लोकसभा उपचुनाव में दो दिग्गज परिवारों का हो सकता है मुकाबला

लखनऊ:उत्तरप्रदेश की कैराना लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में राजनीति के दो दिग्गज परिवार आमने सामने हो सकते हैं. इस बात की संभावना जतायी जा रही है कि भाजपा स्वर्गीय हुकुम सिंह की बेटी मृंगाका सिंह को और सपा पूर्व सांसद तबस्सुम हसन को मैदान में उतारेगी. हसन पहले भी इस सीट पर सांसद […]

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लखनऊ:उत्तरप्रदेश की कैराना लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में राजनीति के दो दिग्गज परिवार आमने सामने हो सकते हैं. इस बात की संभावना जतायी जा रही है कि भाजपा स्वर्गीय हुकुम सिंह की बेटी मृंगाका सिंह को और सपा पूर्व सांसद तबस्सुम हसन को मैदान में उतारेगी. हसन पहले भी इस सीट पर सांसद रह चुकी हैं. जबकि मृंगाका सिंह ने पिछले साल विधानसभा का चुनाव कैराना विधानसभा सीट लड़ा था, लेकिन वह चुनाव हार गयी थीं.

पिछले महीने हुए गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद भाजपा के लिए कैराना सीट प्रतिष्ठा का विषय बन गयी है. इस सीट पर हुकुम सिंह सांसद थे और इस साल फरवरी में उनका निधन का गया था और उसके बाद यह सीट खाली है. हालांकि अभी तक भाजपा ने प्रत्याशी के नाम तय नहीं किए हैं. लेकिन सूत्रों के मुताबिक भाजपा की तरफ से हुकुम सिंह की बेटी मृंगाका सिंह को मैदान में उतारा जाएगा. इस सीट पर जाट वोट काफी निर्णायक स्थिति में हैं. भाजपा को उम्मीद है कि उन्हें जनता के सहानुभूमि वोट मिलेंगे, क्योंकि हुकुम सिंह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा के कद्दावर नेता माने जाते थे और उनकी जाट वोट पर अच्छी पकड़ थी. लिहाजा पार्टी हुकुम सिंह के परिवार के व्यक्ति को चुनाव लड़ाना चाहती है. सिंह की बेटी मृंगाका सिंह को 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में कैराना से टिकट दिया गया था, लेकिन वह चुनाव हार गयी थीं और यह सीट सपा ने जीती थी.

ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी मृंगाका सिंह को टिकट देकर गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर मिली हार से सबक लेना चाहती है, क्योंकि इन दोनों सीट पर निर्वतमान सांसद अपने करीबियों को टिकट देने के पक्ष में थीं. लेकिन पार्टी ने बाहरी लोगों पर दांव खेला और इससे पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था. लिहाजा भाजपा इस सीट को किसी भी हाल में खोना नहीं चाहती है.

वहीं सपा भी इस सीट पर पुराने दिग्गज पर दांव खेल रही है. इस सीट पर 2009 में तबस्सुम हसन लोकसभा का चुनाव जीत चुकी हैं जबकि उनके ससुर अख्तर हसन और पति मुन्नवर हसन भी सांसद रह चुके हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में तबस्सुम हसन ने अपनी सीट अपने बेटे नाहिद हसन के लिए छोड़ी थी, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था और हुकुम सिंह विजयी हुए थे. बहरहाल रालोद को छोड़कर किसी भी ने भी चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों का ऐलान नहीं किया है. उम्मीद की जा रही कि सपा आज अपने प्रत्याशी का ऐलान करेगी.

फिलहाल गुरुवार से कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा सीट के लिए नामांकन दाखिल करने का सिलसिला भी शुरू हो गया है और 10 मई तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे. जबकि 11 मई को नामांकन पत्रों की जांच होगी. 14 मई नामांकन पत्रों की वापसी की आखिरी तारीख होगी और 28 मई को मतदान होगा और 31 मई को मतगणना होगी.


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