ePaper

हेमामालिनी का बड़ा बयान, कहा- किसानों का जीवन बेहद दुष्कर, सरकार कर रही...

Updated at : 22 Feb 2018 2:11 PM (IST)
विज्ञापन
हेमामालिनी का बड़ा बयान, कहा- किसानों का जीवन बेहद दुष्कर, सरकार कर रही...

मथुरा : फिल्मी दुनिया की मशहूर अभिनेत्री रह चुकीं भाजपा सांसद हेमामालिनी ने कल यहां कहा कि बरसों पहले उन्होंने फिल्मों में ग्रामीण चरित्रों को भले ही निभाया हो लेकिन सच तो यह है कि उनके बीच रहने के बाद ही जान पाई हूं कि आखिर एक किसान का जीवन कितना दुष्कर होता है. स्वप्न […]

विज्ञापन

मथुरा : फिल्मी दुनिया की मशहूर अभिनेत्री रह चुकीं भाजपा सांसद हेमामालिनी ने कल यहां कहा कि बरसों पहले उन्होंने फिल्मों में ग्रामीण चरित्रों को भले ही निभाया हो लेकिन सच तो यह है कि उनके बीच रहने के बाद ही जान पाई हूं कि आखिर एक किसान का जीवन कितना दुष्कर होता है. स्वप्न सुंदरी के खिताब से नवाजी गयी 69 अभिनेत्री ने कहा कि असल ग्रामीण जीवन सिनेमा में दर्शाये जाने वाले ग्रामीण जीवन और चरित्रों से बिल्कुल अलग है. किसान बेहद कड़ी परिस्थितियों में देश को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाने का काम करते हैं. उनका योगदान प्रशंसनीय है. वह जिला मुख्यालय से करीब 50 किमी दूर पलसों गांव में किसान जागरूकता सम्मेलन एवं कृषि प्रदर्शनी के अवसर पर ग्रामीणों को संबोधित कर रही थीं.

इस मौके पर उन्होंने सांसद क्षेत्रीय विकास निधि से किसानों को उनके गांवों में मृदा स्वास्थ्य परीक्षण हेतु सभी संसाधनों से युक्त दो मोबाइल वैन, गंभीर रूप से बीमार पशुओं को विश्वविद्यालय के कोठारी पशु चिकित्सालय ले जाने और वापस लाने के लिए एनिमल एंबुलेंस, गांव के प्राइमरी स्कूल के लिए फर्नीचर एवं इंटर कॉलेज में शौचालय निर्माण के लिए धनराशि देने का ऐलान भी किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों की आय दुगुनी करने के लिए पूरी तरह से संकल्पित हैं. वे प्रत्येक संसदीय सत्र के दौरान सांसदों को एक शिक्षक की भांति खेती-किसानी से संबंधित समस्याओं को संसद में उठाने, उनके हल खोजने तथा किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए चलाई जा रही स्कीमों की जानकारी उन तक पहुंचाने की सीख देते रहते हैं.

उन्होंनेकहा कि सांसद ने किसानों को खेती के साथ-साथ पशुपालन अपनाने पर जोर देने का महत्व समझाते हुए कहा कि अब पारंपरिक खेती के स्थान पर उन्नत एवं आधुनिक तकनीक से परिपूर्ण खेती करने का वक्त आ गया है. इसी से किसानों का भला होगा. इसके लिए विश्वविद्यालय कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से किसानों तक नवीन जानकारियां एवं तकनीक उनके द्वार तक पहुंचाने का काम कर रहा है. उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा संचालित की जा रहीं तमाम योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों से उनका पूरा-पूरा लाभ उठाने की अपील की.

उन्होंने मिट्टी की जांच कराने, जैविक खेती अपनाने, रासायनिक खादों से दूरी बनाने, नीम कोटेड खाद के प्रयोग, गोबर की खाद के प्रयोग, टपक एवं बूंद-बूंद सिंचाई प्रणाली अपनाने, फसल बीमा कराने, बहुफसली खेती अपनाने व उन्नत बीजों के उपयोग जैसी सलाह दीं. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे दीनदयाल उपाध्याय पशुचिकित्सा विश्वविद्यालय एवं गौ अनुसंधान संस्थान के कुलपति डॉ. कृष्ण मुरारी लाल पाठक ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा किसानों के द्वार पर जाकर उन्नत तकनीकी का प्रसार करने का काम किया जा रहा है. जिसका लाभ उठाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं. उन्होंने किसानों को गाय आधारित कृषि अपनाने की सीख दी. इस मौके पर स्थानीय किसान नेता मोहन लाल शर्मा ने सामान्य कक्षाओं में सरकार से एक बार फिर कृषि को विषय के तौर पर जोड़े जाने की मांग उठाई.

उन्होंने कहा कि एक समय था जब बच्चे पूर्व माध्यमिक कक्षाओं में ही कृषि से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारियां हासिल कर लिया करते थे. वर्तमान में यह विषय नहीं पढ़ाए जाने के कारण पारम्परिक किसान इस ज्ञान से वंचित रह जाते हैं. सम्मेलन को क्षेत्रीय विधायक कारिंदा सिंह, पूर्व सांसद तेजवीर सिंह, उप निदेशक (कृषि प्रसार) धुरेंद्र कुमार एवं ग्राम प्रधान राधा देवी ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर हेमामालिनी ने गांव के नवनिर्मित पंचायत भवन एवं आरओ प्लाण्ट का लोकार्पण भी किया.

यह भी पढ़ें-
योगी आदित्यनाथ के मेहमान बने अमर सिंह, भाजपा से बढ़ रही नजदीकियां…!

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola