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गोकर्णनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बेकाबू, रेलिंग टूटी, मची भगदड़ जैसी स्थिति – बाल-बाल बचे हजारों शिवभक्त!

Updated at : 21 Jul 2025 1:39 PM (IST)
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गोकर्णनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बेकाबू, रेलिंग टूटी, मची भगदड़ जैसी स्थिति – बाल-बाल बचे हजारों शिवभक्त!

Lakhimpur Kheri News: सावन के दूसरे सोमवार को लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ मंदिर में हजारों श्रद्धालु पहुंचे. भारी भीड़ से मंदिर की लोहे की रेलिंग टूट गई, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ. कांवड़ियों ने हरिद्वार व कछला से गंगाजल लाकर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया.

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Lakhimpur Kheri News: सावन के दूसरे सोमवार पर लखीमपुर खीरी के पौराणिक गोला गोकर्णनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. सुबह तड़के से ही श्रद्धालु शिव मंदिरों की ओर निकल पड़े. खासकर गोला गोकर्णनाथ में हजारों की संख्या में भक्तों ने पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन किए और गंगाजल से जलाभिषेक किया. पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “बम बम भोले” के जयकारों से गूंजता रहा. मंदिर के चारों ओर सुरक्षा व्यवस्था तैनात थी, लेकिन भीड़ का जनसैलाब इंतजामों पर भारी पड़ता नजर आया.

भीड़ से टूटी लोहे की दीर्घा, बाल-बाल बचे श्रद्धालु

श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने मंदिर के बाहर लोहे के एंगल से बनी दीर्घा लगाई थी, ताकि कतारें बनी रहें और व्यवस्था बनी रहे. लेकिन दोपहर तक भीड़ इतनी बढ़ गई कि दीर्घा का एक हिस्सा अचानक टूटकर गिर पड़ा. अफरा-तफरी के माहौल में श्रद्धालु पीछे हटने लगे. सौभाग्य से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और सभी सुरक्षित रहे. गिरते वक्त वहां मौजूद श्रद्धालुओं की चप्पलें और जूते इधर-उधर बिखर गए, जिससे वहां अव्यवस्था की स्थिति बन गई.

जलाभिषेक के लिए दोपहर तक लगी रहीं कतारें

सुबह चार बजे से ही भक्त जलाभिषेक के लिए लाइन में लगने लगे थे. दोपहर 12 बजे तक मंदिर के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं. कछला, गढ़मुक्तेश्वर और हरिद्वार से पैदल यात्रा करके आए कांवड़ियों ने गंगाजल से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया. भक्तों के चेहरे पर शिवभक्ति की आस्था झलक रही थी. वहीं कई परिवार समूह में पहुंचे और पूरे विधि-विधान से पूजा-पाठ किया.

भजनों की धुन पर झूमते कांवड़िये

रविवार शाम से ही गोला मार्ग पर कांवड़ियों का आना शुरू हो गया था. पूरे रास्ते में जगह-जगह भंडारे लगे थे और भक्ति संगीत बज रहा था. कांवड़िए समूह में जयकारे लगाते और डीजे की धुन पर नाचते हुए गोकर्णनाथ की ओर बढ़ते रहे. कई जत्थों में महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल थे, जिनके सिर पर केसरिया वस्त्र और हाथ में सजीव शिव की कांवड़ थी. श्रद्धा और ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला.

शहर के अन्य मंदिरों में भी उमड़ी आस्था

लखीमपुर शहर के प्रसिद्ध भुईफोरवनाथ और जंगली नाथ मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं. मंदिर समिति द्वारा पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग लाइनें लगाई गईं, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारू रही. भक्तों ने दूध, जल और फूल-बेलपत्र से भगवान शिव का अभिषेक किया. प्रशासन की ओर से यहां पर भी पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी तरह की कोई अव्यवस्था न हो.

ओयल के मेंढक मंदिर में भी लगी भारी भीड़

ओयल स्थित अनोखे मेंढक मंदिर में भी सावन सोमवार के दिन शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. मंदिर में भक्तों ने दूध, जल, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर शिवजी की आराधना की. मंदिर परिसर पूरे दिन शिवभक्ति में डूबा रहा. यहां भक्तों ने पूजा के बाद परिक्रमा की और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जाप के साथ आशीर्वाद लिया. पूरे मंदिर क्षेत्र में भक्तों के लिए भंडारे और चिकित्सा शिविर भी लगाए गए थे.

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Abhishek Singh

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By Abhishek Singh

Abhishek Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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