'देश की बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं': कर्नल सोफिया कुरैशी पर अशोभनीय टिप्पणी को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल

Published by :Abhishek Singh
Published at :15 May 2025 5:07 PM (IST)
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'देश की बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं': कर्नल सोफिया कुरैशी पर अशोभनीय टिप्पणी को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल

COLONEL SOPHIA QURESHI: कर्नल सोफिया कुरैशी पर भाजपा के एक मंत्री द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर देशभर में आक्रोश है. जिसको लेकर राजनीतिक गलियारों में गहमा गहमी तेज हो गई है. बसपा प्रमुख मायावती ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश अब इस मंत्री पर कार्रवाई का इंतजार कर रहा है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा नेतृत्व से मांग की है कि वह तुरंत कार्रवाई कर महिला अधिकारी के सम्मान की रक्षा करें. सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर विरोध तेज हो गया है.

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COLONEL SOPHIA QURESHI: भारतीय सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर एक भाजपा मंत्री द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया है. इस मसले पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा नेतृत्व पर हमला बोलते हुए कहा कि “देश को अब यह इंतजार है कि भाजपा मंत्री पर आखिर कब कार्रवाई होगी.”

मायावती ने ट्वीट कर कहा

मायावती ने ट्वीट कर कहा, “एक महिला सैन्य अधिकारी, जिसने देश का नाम रोशन किया है, उसके सम्मान पर हमला करना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है. भाजपा के मंत्री द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी से न केवल महिला समाज, बल्कि पूरे देश की भावनाओं को ठेस पहुंची है. अगर भाजपा वास्तव में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के अपने नारे के प्रति गंभीर है, तो उसे तुरंत और सख्त कदम उठाना चाहिए.” कर्नल सोफिया कुरैशी, जो भारतीय सेना में अपने बेहतरीन योगदान के लिए जानी जाती हैं, हाल ही में एक सैन्य मिशन में अपनी नेतृत्व क्षमता के चलते चर्चा में आई थीं. ऐसे समय में जब महिलाएं हर क्षेत्र में नए मुकाम हासिल कर रही हैं, इस प्रकार की टिप्पणी समाज के पिछड़े सोच को उजागर करती है.

मायावती ने आगे कहा कि भाजपा के नेताओं को यह नहीं भूलना चाहिए कि वे सत्ता में हैं और उनका हर शब्द जनमानस को प्रभावित करता है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष से भी अपील की कि इस मंत्री को तत्काल पद से हटाया जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए. इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. लाखों लोगों ने #StandWithColonelSophia और #ActionAgainstMinister जैसे हैशटैग के साथ भाजपा से जवाबदेही की मांग की है. अब देखना यह है कि भाजपा इस विवादित टिप्पणी को लेकर क्या रुख अपनाती है और क्या उस मंत्री पर कोई ठोस कार्रवाई होती है, या यह मामला भी बाकी मामलों की तरह राजनीतिक गलियारों में गुम हो जाएगा.

अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा

महिला सैन्य अधिकारी सोफिया कुरैशी के ऊपर अभद्र टिप्पणी को लेकर राजनीतिक गलियारों से सभी के बयान सामने आ रहे हैं. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया एक्स के माध्यम से ट्वीट कर कहा.

“मप्र भाजपा के एक मंत्री जी का अति निंदनीय बयान केवल एक उच्च सैन्य महिला अधिकारी ही नहीं बल्कि देश की हर नारी और सेना का अपमान है. ये महानुभाव सदैव से भाजपाई और उनके संगी-साथियों की ‘नारी विरोधी’ सोच के मुखपत्र रहे हैं. कुछ वर्षों पहले इन्होंने ही देश की एक प्रतिष्ठित अभिनेत्री के कार्य में बाधा डाली थी. भाजपा की ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’ जैसी झूठी घोषणाओं का सच ऐसे लोगों के दुष्विचार खोल देते हैं. ऐसे लोग मंत्री तो क्या, किसी गली-मोहल्ले तक के भी जन प्रतिनिधि नहीं बनने चाहिए. सवाल ये है कि इन्हें भाजपा वाले स्वयं हटाएंगे या इनके ख़िलाफ़ एकजुट नारी शक्ति और जनता.”

सुप्रीम कोर्ट की MP के मंत्री को फटकार

मध्य प्रदेश सरकार के एक मंत्री द्वारा सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराज़गी जताई है. शीर्ष अदालत ने सवाल उठाया कि क्या एक जिम्मेदार मंत्री को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना शोभा देता है?
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की, “आप मंत्री हैं, आपकी जुबान पर संयम होना चाहिए. सेना की महिला अधिकारी पर इस तरह की टिप्पणी न सिर्फ अशोभनीय है, बल्कि पूरे सरकारी तंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाती है.” कर्नल सोफिया कुरैशी, जिन्होंने सेना में अपने कार्य से देश का नाम रौशन किया है, पर की गई इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर भी लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं बटोरी हैं. मामले को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है और मंत्री से जवाब तलब किया है. अब नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या मंत्री अपने बयान पर माफी मांगते हैं या फिर मामला और गंभीर मोड़ लेता है.

सोफिया कुरैशी को MP के मंत्री ने क्या कहा था? पूरा मामला

मध्य प्रदेश के वन मंत्री कुंवर विजय शाह ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को “आतंकवादियों की बहन” कह दिया. यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और भारी विरोध हुआ. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मंत्री की भाषा को “नाली की भाषा” बताया और पुलिस महानिदेशक को FIR दर्ज करने का आदेश दिया.

FIR और कानूनी कार्रवाई

कोर्ट के आदेश के लगभग 5 घंटे बाद रात 11:10 बजे FIR दर्ज की गई. यह FIR भारतीय दंड संहिता की कई गंभीर धाराओं के तहत दर्ज की गई है, जो गैर-जमानती अपराध हैं और इनमें 3 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है.

मंत्री का माफीनामा

विवाद के बाद विजय शाह ने वीडियो बयान में कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया. उन्होंने कहा कि वे सोफिया कुरैशी को अपनी बहन से भी ज्यादा सम्मान देते हैं और यदि जरूरत पड़ी तो 10 बार माफी मांगेंगे.

कर्नल सोफिया कुरैशी कौन हैं?

कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की एक जांबाज़ और प्रेरणास्पद अधिकारी हैं, जिन्होंने अपने साहस, नेतृत्व और तकनीकी विशेषज्ञता के दम पर न केवल सैन्य क्षेत्र में इतिहास रचा है, बल्कि देश की लाखों बेटियों के लिए एक मिसाल कायम की है. 18 अप्रैल 1981 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश में जन्मी सोफिया ने लोरेटो कॉन्वेंट से स्कूली शिक्षा प्राप्त की और फिर आईआईटी कानपुर से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बी.टेक किया. सेना में उनका सफर 1994 में ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी, चेन्नई से शुरू हुआ, जहां से वे भारतीय सेना की सिग्नल कोर में कमीशन प्राप्त करने वाली पहली महिलाओं में शामिल हुईं.

उन्होंने सेना में कई महत्वपूर्ण तकनीकी मिशनों का नेतृत्व किया, जिनमें साइबर सुरक्षा, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और डिजिटल नेटवर्किंग शामिल हैं. 2016 में वे भारतीय शांति सेना की एक सर्व-पुरुष टुकड़ी की कमान संभालने वाली पहली महिला बनीं और कांगो में संयुक्त राष्ट्र मिशन (मोनूस्को) में 500 से अधिक जवानों का नेतृत्व किया. उनके नेतृत्व में भारत की साइबर डिफेंस कमान को मजबूती मिली और उन्होंने सैन्य संचार को सुरक्षित करने के लिए कई अत्याधुनिक प्रणालियाँ विकसित कीं. 2025 में भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी सीमा पर साइबर एकीकृत त्वरित तैनाती इकाई का सफल नेतृत्व किया.

कर्नल सोफिया को कई पुरस्कारों से नवाज़ा गया, जिनमें ग्लोबल पीस गांधी अवॉर्ड (2019) प्रमुख है. वे महिलाओं के लिए स्थायी कमीशन और रणनीतिक पदों पर प्रतिनिधित्व की पुरज़ोर वकालत करती रही हैं. उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी प्रेरणास्पद है , उनके पिता सिविल इंजीनियर और माँ गणित की प्रोफेसर थीं, वहीं उनके पति कर्नल ताजुद्दीन कुरैशी भी सेना में हैं. उनके दो बच्चे हैं बेटा समीर और बेटी हनीमा जो स्वयं भी सेना में सेवा देने की तैयारी कर रहे हैं. सोफिया को पर्वतारोहण, भाषाओं और रणनीतिक लेखन में गहरी रुचि है; वे हिंदी, अंग्रेज़ी, उर्दू और फ्रेंच भाषाओं में दक्ष हैं.

कर्नल सोफिया कुरैशी की यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि भारतीय सेना में महिलाएं न केवल बराबरी से खड़ी हो सकती हैं, बल्कि अग्रिम मोर्चों पर भी नेतृत्व कर सकती हैं. उनका जीवन हर उस लड़की के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखती है और उन्हें साकार करने का हौसला रखती है.


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