बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात की बैठक: 'मुस्लिम एजेंडा 2027' जारी

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बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात की बैठक: 'मुस्लिम एजेंडा 2027' जारी

Up News: बरेली में उर्स-ए-आला हजरत के मौके पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई. इसमें 'मुस्लिम एजेंडा 2027' जारी किया गया, जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.

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Up News: बरेली में उर्स-ए-आला हजरत के अवसर पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित हुई. ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी की अध्यक्षता में 'मुस्लिम एजेंडा 2027' जारी किया गया. मौलाना रज़वी ने स्पष्ट कहा कि पैगंबर इस्लाम की शान में गुस्ताखी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके लिए कड़ा कानून बनाने की मांग उठाई गई. जमात ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दलों से 'पैगंबर इस्लाम बिल' का समर्थन लेने का आह्वान किया.

मस्जिद विवाद, वक्फ संपत्तियों में घोटाला और हिंदू पक्ष से अपील

बैठक में ज्ञानवापी, शाही ईदगाह और संभल की जामा मस्जिद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। मुस्लिम जमात ने हिंदू पक्ष से मस्जिदों से जुड़े अदालती मुकदमे वापस लेने का आग्रह किया. इसके साथ ही, मौलाना रज़वी ने वक्फ बोर्ड की जमीनों में हुए अरबों रुपये के घोटालों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी. उन्होंने जोर देकर कहा कि वक्फ संपत्तियों से होने वाली आय पर पहला अधिकार गरीब और जरूरतमंद मुसलमानों का है, जिसे किसी भी कीमत पर छीना नहीं जा सकता.

अंतरराष्ट्रीय मुद्दे, 'मुस्लिम नाटो' का विचार और सामाजिक सुधार

अंतरराष्ट्रीय विषयों पर चर्चा करते हुए जमात ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की सख्त कार्रवाइयों की कड़े शब्दों में निंदा की. अरब देशों से आपसी संबंध मजबूत करने और 'मुस्लिम नाटो' बनाने का आह्वान किया गया. इसके अलावा, मुस्लिम समाज को शिक्षा, व्यापार और कौशल विकास पर ध्यान देने की सलाह दी गई. शादियों में फिजूलखर्ची और दहेज प्रथा को खत्म करने के साथ-साथ अभिभावकों को अपने बच्चों को नशे, जुए तथा सूदखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने के निर्देश दिए गए.

शरीयत में दखल का विरोध, बुलडोजर कार्रवाई और उलमा की मौजूदगी

मुस्लिम जमात ने राज्य सरकारों को चेतावनी देते हुए शरीयत के मामलों में हस्तक्षेप तुरंत बंद करने का संदेश दिया. उन्होंने घरों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई रोकने और मुस्लिम समुदाय में व्याप्त असुरक्षा की भावना को दूर करने की मांग उठाई. इस महत्वपूर्ण बैठक में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, दिल्ली, पंजाब और उत्तराखंड समेत कई राज्यों के प्रमुख उलमा और दानिश्वर शामिल हुए. इनमें फूल मुहम्मद, ताहिर हुसैन, अबुल कलाम और रिजवानुल हक जैसे गणमान्य लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे.

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शशांक शेखर मिश्रा

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By शशांक शेखर मिश्रा

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