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World Hepatitis Day 2022: हेपेटाइटिस कैसे है जानलेवा, क्या हैं लक्षण और इलाज

Updated at : 27 Jul 2022 6:50 PM (IST)
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World Hepatitis Day 2022: हेपेटाइटिस कैसे है जानलेवा, क्या हैं लक्षण और इलाज

World Hepatitis Day हर वर्ष 28 जुलाई को मनाया जाता है. इसका उद्देश्य हेपेटाइटिस के बारे में लोगों को जागरूक करना है. नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ . बारूक एस. ब्लमबर्ग ने हेपेटाइटिस बी वायरस की खोज की थी. वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे को मई 2010 में वैश्विक मान्यता मिली थी.

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Lucknow: हेपेटाइटिस आमतौर पर लिवर (यकृत) की सूजन है जो कि संक्रमण के कारण होता है.लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है जो रक्त (Blood) को फिल्टर करता है और संक्रमण से लड़ता है. अत्यधिक शराब पीना, विषाक्त पदार्थ, कुछ दवाओं, पानी, संक्रमित खून से हेपेटाइटिस हो सकता है. हेपेटाइटिस के कई प्रकार जैसे ए, बी, सी, डी और ई होते हैं. इनमें से हेपेटाइिटस बी व सी सबसे गंभीर होता है. हेपेटाइटिस बी और सी पहले से किसी मरीज से संक्रमित हुई सुई, यौन संपर्क, संक्रमित मां से नवजात शिशु को और संक्रमित रक्त को किसी स्वस्थ्य व्यक्ति को चढ़ाने से होता है.

PGICH Noida के निदेशक प्रो. अजय सिंह ने बताया कि इस वर्ष विश्व हेपेटाइटिस दिवस की थीम ‘हेपेटाइटिस केयर को आपके करीब लाना (Bringing hepatitis care closer to you)’ है. संस्थान का ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग एवं गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग हेपेटाइटिस संक्रमण से सुरक्षित ब्लड ट्रांसफ्यूजन के लिए जागरूकता पैदा है. हेपेटाइटिस संक्रमण अभी भी रक्त दाताओं में पाए जाने वाले सबसे आम संक्रमणों में से एक है. यदि रक्तदाताओं की इन वायरस के लिए पर्याप्त रूप से जांच नहीं की जाती है तो संक्रमण स्वस्थ लोगों तक पहुंचने का खतरा होता है.

उन्होंने बताया कि भारत सरकार के ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के अनुसार सभी दान किए गए रक्त में HIV, HBV, HCV, सिफलिस और मलेरिया संक्रमण का पता लगाने के लिए परीक्षण करने की आवश्यकता होती है. ब्लड ट्रांसफ्यूजन से संक्रमित HBV का जोखिम अभी भी अधिकतम है. पीजीआईसीएच नोएडा का ब्लड बैंक दान किए गए रक्त का 100% केमिलुमिनसेंट (Chemiluminescent) और NAT परीक्षण करता है. इससे रक्तदाता में एंटीजन और एंटीबॉडी दोनों का पता लगाने के लिए चौथी पीढ़ी की किट का उपयोग करके HIV की जांच की जाती है.

HBV के लिए विभाग HBSAg एंटीजन और एंटी HBC (कोर एंटीबॉडी) दोनों की जांच करता है. हेपेटाइटिस सी के लिए HCV वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी रक्त की जांच की जाती है. एंटीजन और एंटीबॉडी स्क्रीनिंग के अलावा, रक्त की जांच वायरस के डीएनए/आरएनए के लिए भी की जाती है ताकि दाताओं को उनके जोखिम या संक्रमण के शुरुआती चरणों में पता लगाया जा सके. ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की हेड डॉ.सीमा दुआ ने बताया कि पीजीआईसीएच का ब्लड बैंक रक्त की सर्वोत्तम और नवीनतम तकनीक से जांच करता है.

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के हेड डॉ. उमेश शुक्ला ने बताया कि हेपेटाइटिस ए और ई वायरस आमतौर पर एक्यूट संक्रमण का कारण बनते हैं. हेपेटाइटिस बी, सी, और डी वायरस एक्यूट और क्रॉनिक संक्रमण का कारण बन सकते हैं. हेपेटाइटिस बी और सी वैश्विक स्तर पर करोड़ों लोगो को संक्रमित करते हैं. यह संक्रमण लिवर सिरोसिस, लिवर कैंसर और वायरल हेपेटाइटिस के कारण होने वाली मौतों का मुख्य कारण है.

World Hepatitis Day 2022 की थीम के अनुसार इस संक्रमण से बीमार लोगों को के इलाज को सरल बनाना, प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं, समुदाय-आधारित स्थानों और अस्पताल लाने, इससे बचाव के बारे में जागरूकता बढ़ाना है.

ऐसे बच सकते हैं हेपेटाइटिस

  • हमेशा स्टेराइल इंजेक्शन का प्रयोग करें

  • अपने स्वयं के रेज़र और ब्लेड का प्रयोग करें

  • सुरक्षित संबंध बनायें

  • सुरक्षित टैटू (गोदने) और भेदी उपकरण का प्रयोग करें

  • हेपेटाइटिस बी के खिलाफ शिशुओं का टीकाकरण

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