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30 साल बाद ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में पूजा का अधिकार, फैसले को चुनौती देने की तैयारी में मुस्लिम पक्ष

Updated at : 31 Jan 2024 9:11 PM (IST)
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30 साल बाद ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में पूजा का अधिकार, फैसले को चुनौती देने की तैयारी में मुस्लिम पक्ष

मुस्लिम पक्ष ने जिला अदालत के इस फैसले को हाईकोर्ठ में चुनौती देने का निर्णय किया है. मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता मुमताज अहमद ने कहा, आज जिला न्यायाधीश ने हिंदुओं को पूजा करने का अधिकार दे कर अपना अंतिम फैसला दे दिया है. अब हम इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे.

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उत्तर प्रदेश के वाराणसी की जिला अदालत ने बुधवार को ज्ञानवापी परिसर में स्थित व्यास जी के तहखाने में हिंदुओं को पूजा-पाठ करने का अधिकार देने का आदेश दे दिया. मुस्लिम पक्ष ने इस आदेश को अदालत में चुनौती देने का फैसला किया है.

कोर्ट ने प्रशासन को 7 दिनों के भीतर व्यवस्था करने का दिया आदेश

हिंदू पक्ष के वकील मदन मोहन यादव ने से बातचीत में इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि जिला न्यायाधीश अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने तहखाने में पूजा पाठ करने का अधिकार व्यास जी के नाती शैलेन्द्र पाठक को दे दिया है. उन्होंने बताया कि जिला न्यायाधीश ने अपने आदेश में जिलाधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा है कि वादी शैलेन्द्र व्यास तथा काशी विश्वनाथ ट्रस्ट द्वारा तय किये गए पुजारी से व्यास जी के तहखाने में स्थित मूर्तियों की पूजा और राग भोग कराए जाने की व्यवस्था सात दिन के भीतर कराएं. यादव ने बताया कि पूजा कराने का कार्य काशी विश्वनाथ ट्रस्ट करेगा.

नंदी महाराज के सामने लगी बैरीकेडिंग को हटाकर रास्ता खोला जाएगा

ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने के समक्ष बैठे नंदी महाराज के सामने लगी बैरीकेडिंग को हटाकर रास्ता खोला जाएगा. अदालत द्वारा दिये गये आदेश में कहा गया है, जिला मजिस्ट्रेट वाराणसी/ रिसीवर को निर्देश दिया जाता है कि वह सेटेलमेंट प्लॉट नं. 9130 थाना-चौक, जिला वाराणसी में स्थित भवन के दक्षिण की तरफ स्थित तहखाने, जो कि वादग्रस्त सम्पत्ति है, वादी तथा काशी विश्वनाथ ट्रस्ट बोर्ड के द्वारा नाम निर्दिष्ट पुजारी से पूजा, राग-भोग, तहखाने में स्थित मूर्तियों का कराये और इस उद्देश्य के लिये सात दिन के भीतर लोहे की बाड़ आदि में उचित प्रबंध करें.

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मुस्लिम पक्ष ने फैसले को हाईकोर्ठ में चुनौती देने का निर्णय किया

मुस्लिम पक्ष ने जिला अदालत के इस फैसले को हाईकोर्ठ में चुनौती देने का निर्णय किया है. मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता मुमताज अहमद ने कहा, आज जिला न्यायाधीश ने हिंदुओं को पूजा करने का अधिकार दे कर अपना अंतिम फैसला दे दिया है. अब हम इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे. इस बीच आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा, इस फैसले से मायूसी जरूर है लेकिन अभी ऊपरी अदालतों का रास्ता खुला है. जाहिर है कि हमारे वकील इस फैसले को चुनौती देंगे. उन्होंने कहा, ज्ञानवापी का मामला अयोध्या के मसले से अलग था. अभी लम्बा रास्ता तय करना है. हमें उम्मीद है कि ऊपर की अदालत में इसे चुनौती दी जायेगी.

नवंबर 1993 के बाद से व्यास तहखाने में बंद था पूजा

हिन्दू पक्ष का कहना था कि नवंबर 1993 तक सोमनाथ व्यास जी का परिवार उस तहखाने में पूजा पाठ करता था, जिसे तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार के शासनकाल में बंद करा दिया गया था.

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने फैसले का किया स्वागत

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अदालत के इस आदेश का स्वागत करते हुए ‘एक्स’ पर कहा, शिव भक्तों को न्याय मिला। बाबा विश्वनाथ मंदिर परिसर में व्यास जी के तहखाने में पूजा का अधिकार दिए जाने के संबंध में माननीय न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले का हार्दिक स्वागत करता हूं. 1993 से भक्तों को था इंतज़ार। हर हर महादेव. जय बाबा विश्वनाथ. जय माता शृंगार गौरी.

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