Balia Firing Case : धीरेंद्र सिंह ने दी सफाई, कहा- आत्मरक्षा में चलाई गोली, 14 दिनों की न्यायिक हिरासत

Author Agency|Edited by Prabhat Khabar
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Balia Firing Case: बलिया गोलीकांड (Balia Firing Case) का मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह (Dhirendra Singh) 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. जिला कोर्ट (Jila Court) ने यह आदेश सुनाया है.

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Balia Firing Case: बलिया गोलीकांड (Balia Firing Case) का मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह (Dhirendra Singh) 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. जिला कोर्ट (Jila Court) ने यह आदेश सुनाया है. धीरेंद्र तीन दिनों से फरार था. रविवार को यूपी एसटीएफ (STF) ने उसे लखनऊ (Lucknow) से गिरफ्तार किया था. धीरेंद्र सिंह पर 15 अक्टूबर को एक व्यक्ति पर गोली चलाने और हत्या करने का आरोप है. बलिया गोलीकांड में अब तक नामजद 8 आरोपियों में पांच को गिरफ्तार किया जा चुका है.

आत्मरक्षा में चलायी थी गोली : राशन की दुकान के आवंटन के दौरान हुई गोलीबारी में 46 साल की व्यक्ति की मौत के मामले में गिरफ्तार आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने गोली आत्मरक्षा में चलाई थी. बलिया कोतवाली प्रभारी विपिन सिंह ने बताया कि पुलिस उप महानिरीक्षक सुभाष चन्द्र दूबे ने धीरेंद्र प्रताप सिंह से तकरीबन एक घण्टे तक पूछताछ की जिसमें उसने रेवती में हुई घटना का ब्यौरा दिया. सिंह के मुताबिक धीरेंद्र ने कहा कि रेवती घटना में उसने आत्मरक्षार्थ गोली चलाई थी. उसने दावा किया कि सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के आवंटन के दौरान बवाल की शुरुआत दूसरे पक्ष ने की थी.

रविवार को लखनऊ से हुई थी गिरफ्तारी : रविवार को लखनऊ से गिरफ्तार किये गये धीरेंद्र को पुलिस टीम सोमवार को भारी सुरक्षा प्रबन्धों के बीच मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल लेकर गई, जहां उसकी जांच हुई. बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर ग्राम में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के आवंटन के दौरान एक व्यक्ति की कथित हत्या के मामले में पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने रविवार को मुख्‍य आरोपी को लखनऊ में गिरफ्तार कर लिया था. इस मामले में पुलिस पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. अब तक मुख्‍य आरोपी, समेत कुल दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

एसटीएफ द्वारा रविवार को जारी विज्ञप्ति में कहा गया था कि पूछताछ में धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि कोटे के आवंटन को लेकर पंचायत के सामने उसकी कृष्‍ण कुमार यादव और उनके साथियों के साथ कहासुनी हो गई. उसने दावा किया कि इस बीच विपक्षी पक्ष से गोली चला दी गई, जिसमें उसका भतीजा गोलू सिंह व घर की कुछ महिलाएं घायल हो गई. गोलू सिंह की बाद में मृत्‍यु हो गई. एसटीएफ के मुताबिक जवाब में इन लोगों द्वारा गोली चलाई गयी जिसमें विरोधी पक्ष के जय प्रकाश पाल की मौत हो गई.

क्या है मामला : गौरतलब है कि जिले के रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर ग्राम में बृहस्पतिवार को सरकारी सस्ते गल्ले के दुकान के आवंटन के दौरान गोली चलने से एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी तथा कई लोग घायल हो गये थे. इस मामले को लेकर प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई तथा समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी ने सरकार पर निशाना साधा था.

Posted by: Pritish Sahay

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