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Monday, February 26, 2024

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अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा 21 दिन शेष: मंगल घड़ी 22 को दोपहर 12.20 बजे, जब बिराजेंगे श्री रामलला

अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बने रहे भव्य मंदिर में राम लला के ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह की तैयारी जोरों पर चल रही है. 22 जनवरी का इंतजार पूरे देश को है जब ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह किया जाएगा. इससे पहले पढ़ें यह खास रिपोर्ट

अयोध्या में प्रभु रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की रस्म 22 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर होगी. राम मंदिर का निर्माण करा रही संस्था श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को यह जानकारी दी. संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने लोगों से कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद अपने घर में आरती करें, पास-पड़ोस के बाजारों में, मुहल्लों में भगवान का प्रसाद वितरण करें और सायंकाल सूर्यास्त के पश्चात दीपक जलाएं. ऐसा ही निवेदन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश से किया है. इधर, राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज हो गयी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हैं. 22 जनवरी को उन्हीं के हाथों से विग्रह की स्थापना होगी. रामलला के मंदिर में विराजमान होने के बाद पीएम मोदी भगवान की सबसे पहली आरती उतारेंगे.

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काशी के हस्तशिल्पी बना रहे यज्ञ पात्र और अरणी मंथन

प्राण प्रतिष्ठा समारोह और पूजन से जुड़े साजो-सामान काशी के हुनरमंद हस्तशिल्पी तैयार कर रहे हैं. इनमें पांचों यज्ञ पात्र, अरणी मंथन और मंडप पर लगने वाले चारों गदा, चक्र, पद्म और शंख शामिल हैं. पूजन के लिए नौ ग्रह की लकड़ियों को तराशने का काम सूरज विश्वकर्मा को मिला है. सूरज ने बताया कि कुल 10 सेट यज्ञ पात्र प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए तैयार किये जा रहे हैं. हर सेट में पांच चीजें होती हैं, इनमें घी की आहुति के लिए ‘स्रुवा’, पूर्णाहुति के ‘सुरचि’, जल पात्र के लिए ‘प्रणिता’, घी पात्र के लिए ‘प्रोक्षणि’ और वेदी का लेख खींचने के लिए ‘खड़ग’ है.

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घर-घर पहुंचने लगा ‘पूजित अक्षत’

प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले ही आयोजकों ने एक जनवरी से ‘पूजित अक्षत’ (चावल, हल्दी और घी का मिश्रण) का वितरण शुरू कर दिया. यह 15 जनवरी तक चलेगा. अक्षत युक्त कागज की पुड़िया, राम मंदिर का चित्र और मंदिर के ढांचे का ब्योरा देने वाले पर्चे लोगों में बांटे गये. पर्चे में 22 जनवरी को अपने आसपास के मठ-मंदिरों में उत्सव, भजन, कीर्तन, हनुमानचालीसा, सुंदरकांड पाठ, आरती कर प्रसाद वितरण की अपील की गयी है.

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Also Read: अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा: किसी के लिए मामा, तो किसी के लिए पाहुन हैं राम, पढ़ें ये खास रिपोर्ट

बाल रामलला को अर्पित किये जायेंगे नरम सुपारीवाले पान

प्राण प्रतिष्ठा के दिन रामलला को स्वर्णजड़ित वस्त्र पहनाये जायेंगे. 56 पकवान का उन्हें भोग लगाया जायेगा. इसके बाद उन्हें बनारसी मीठे पान अर्पित किया जायेगा. यह पान हनुमान गढ़ी स्थित दीपक चौरसिया की दुकान से जायेगा. दीपक चौरसिया ने पान बनाने की जिम्मेदारी अपने रिश्तेदार उमाशंकर चौरसिया को दी है. उमाशंकर को 151 पान का ऑर्डर मिला है. यह पान विशेष ढंग से बनाया जायेगा. उन्होंने बताया कि चूंकि बाल स्वरूप में भगवान सुपारी नहीं खा सकते, इसलिए सुपारी को बहुत बारीक काटने के बाद पानी में भिंगो दिया जायेगा ताकि वह मुलायम हो सके.

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काशी के हस्तशिल्पी बना रहे यज्ञ पात्र और अरणी मंथन

प्राण प्रतिष्ठा समारोह और पूजन से जुड़े साजो-सामान काशी के हुनरमंद हस्तशिल्पी तैयार कर रहे हैं. इनमें पांचों यज्ञ पात्र, अरणी मंथन और मंडप पर लगने वाले चारों गदा, चक्र, पद्म और शंख शामिल हैं. पूजन के लिए नौ ग्रह की लकड़ियों को तराशने का काम सूरज विश्वकर्मा को मिला है. सूरज ने बताया कि कुल 10 सेट यज्ञ पात्र प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए तैयार किये जा रहे हैं. हर सेट में पांच चीजें होती हैं, इनमें घी की आहुति के लिए ‘स्रुवा’, पूर्णाहुति के ‘सुरचि’, जल पात्र के लिए ‘प्रणिता’, घी पात्र के लिए ‘प्रोक्षणि’ और वेदी का लेख खींचने के लिए ‘खड़ग’ है.

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घर-घर पहुंचने लगा ‘पूजित अक्षत’

प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले ही आयोजकों ने एक जनवरी से ‘पूजित अक्षत’ (चावल, हल्दी और घी का मिश्रण) का वितरण शुरू कर दिया. यह 15 जनवरी तक चलेगा. अक्षत युक्त कागज की पुड़िया, राम मंदिर का चित्र और मंदिर के ढांचे का ब्योरा देने वाले पर्चे लोगों में बांटे गये. पर्चे में 22 जनवरी को अपने आसपास के मठ-मंदिरों में उत्सव, भजन, कीर्तन, हनुमानचालीसा, सुंदरकांड पाठ, आरती कर प्रसाद वितरण की अपील की गयी है.

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बाल रामलला को अर्पित किये जायेंगे नरम सुपारीवाले पान

प्राण प्रतिष्ठा के दिन रामलला को स्वर्णजड़ित वस्त्र पहनाये जायेंगे. 56 पकवान का उन्हें भोग लगाया जायेगा. इसके बाद उन्हें बनारसी मीठे पान अर्पित किया जायेगा. यह पान हनुमान गढ़ी स्थित दीपक चौरसिया की दुकान से जायेगा. दीपक चौरसिया ने पान बनाने की जिम्मेदारी अपने रिश्तेदार उमाशंकर चौरसिया को दी है. उमाशंकर को 151 पान का ऑर्डर मिला है. यह पान विशेष ढंग से बनाया जायेगा. उन्होंने बताया कि चूंकि बाल स्वरूप में भगवान सुपारी नहीं खा सकते, इसलिए सुपारी को बहुत बारीक काटने के बाद पानी में भिंगो दिया जायेगा ताकि वह मुलायम हो सके.

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