अखिलेश मंत्रिमंडल : 12 नये चेहरे सहित 20 मंत्रियों ने ली शपथ

लखनऊ :उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार के मंत्रिमंडल में व्यापक फेरबदल के तहत आज 20 मंत्रियों तथा राज्यमंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी गयी. मंत्रिमण्डल में कुल नौ मंत्रियों को प्रोन्नति दी गयी है जबकि दो कैबिनेट तथा 10 राज्यमंत्रियों समेत कुल 12 नये मंत्रियों को शामिल किया गया है. राज्यपाल राम […]
लखनऊ :उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार के मंत्रिमंडल में व्यापक फेरबदल के तहत आज 20 मंत्रियों तथा राज्यमंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी गयी. मंत्रिमण्डल में कुल नौ मंत्रियों को प्रोन्नति दी गयी है जबकि दो कैबिनेट तथा 10 राज्यमंत्रियों समेत कुल 12 नये मंत्रियों को शामिल किया गया है. राज्यपाल राम नाईक ने राजभवन में आयोजित शपथग्रहण समारोह में स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्रियों अरविंद सिंह गोप, कमाल अख्तर तथा विनोद सिंह उर्फ पंडित सिंह को काबीना मंत्री के तौर पर शपथ दिलायी गयी. इसके अलावा बलवंत सिंह रामूवालिया तथा साहब सिंह सैनी के रूप में नये मंत्रियों ने भी काबीना मंत्री की शपथ ली.
रामूवालिया का चयन चौंकाने वाला है क्योंकि वह राज्य विधानमण्डल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. मंत्रिमण्डल में नये राज्यमंत्री के रूप में शामिल किये गये हेमराज वर्मा कार्यक्रम में उपस्थित ना होने के कारण शपथ नहीं ले सके. इसके अलावा खादी एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री रियाज अहमद, वन राज्यमंत्री फरीद महफूज किदवाई, पर्यटन राज्यमंत्री मूलचन्द चौहान, प्राविधिक शिक्षा राज्यमंत्री रामसकल गुर्जर, स्वास्थ्य राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल तथा ऊर्जा राज्यमंत्री यासिर शाह को प्रोन्नति देकर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ दिलायी गयी.
मदन चौहान और सैयदा शादाब फातिमा को स्वतंत्र प्रभार वाले नये राज्यमंत्री के रूप में मंत्रिमण्डल में शामिल किया गया है. इन दोनों ने भी शपथ ग्रहण की. इसके अलावा राधेश्याम सिंह, शैलेन्द्र यादव ललई, ओमकार सिंह यादव, तेज नारायण पाण्डेय उर्फ पवन पाण्डेय, सुधीर रावत, लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद और वंशीधर बौद्ध को राज्यमंत्री पद की शपथ दिलायी गयी है. पवन पाण्डेय को छोडकर बाकी सभी पहली बार राज्यमंत्री बने हैं. पवन पहले भी राज्यमंत्री रह चुके हैं लेकिन बाद में उन्हें हटा दिया गया था.
गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने गुरूवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए सरकार पर बोझ बनते जा रहे आठ मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया. इसके अलावा उन्होंने नौ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल करने का भी निर्णय लिया है. राज्य के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी मुख्यमंत्री ने एक ही झटके में अपने इतने मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई की है. जिन आठ मंत्रियों को बर्खास्त किया गया है, उनमें पांच कैबिनेट और तीन राज्यमंत्री हैं. सपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी सरकार के जिन मंत्रियों के खिलाफ ऑपरेशन क्लीन के तहत एक्शन लिया है, उनके कारनामों से सरकार की छवि खराब हो रही थी.
हालांकि लोकसभा चुनावों के तत्काल बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश सरकार की छवि को दागदार कर रहे इन मंत्रियों के आगाह भी किया था, तब मुलायम सिंह ने कहा था कि अपने आचरण से जनता की अनदेखी करने वाले मंत्री और पार्टी पदाधिकारी अपने व्यवहार में परिवर्तन लाए, वरना उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राजा महेन्द्र अरिदमन सिंह मंत्री स्टाम्प तथा न्याय शुल्क पंजीयन व नागरिक सुरक्षा, अम्बिका चैधरी मंत्री पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं विकलांग कल्याण, शिव कुमार बेरिया मंत्री वस्त्र उद्योग एवं रेशम उद्योग, नारद राय मंत्री खादी एवं ग्रामोद्योग, शिवाकान्त ओझा मंत्री प्राविधिक शिक्षा, आलोक कुमार शाक्य राज्यमंत्री प्राविधिक शिक्षा, योगेश प्रताप सिंह ‘योगेश भइया’ राज्यमंत्री बेसिक शिक्षा तथा भगवत शरण गंगवार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग को अपने मंत्रिमंड़ल से बर्खास्त किया है.
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