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Rourkela News: गर्मी के कारण प्रभावित हुई गुणवत्ता, सब्जियों के दाम 30 से 40 प्रतिशत घटे

Updated at : 27 Apr 2025 12:04 AM (IST)
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Rourkela News: गर्मी के कारण प्रभावित हुई गुणवत्ता, सब्जियों के दाम 30 से 40 प्रतिशत घटे

Rourkela News: तापमान में बढ़ोतरी और गर्म हवाओं के कारण सब्जियों को नुकसान पहुंचा है. इससे किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा.

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Rourkela News: 40 डिग्री तापमान और झुलसाने वाली गर्म हवाओं ने सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है. गर्मी के कारण सब्जियों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है. गर्मी के कारण सब्जियों के खराब होने की आशंका के चलते किसानों को औने-पौने दाम पर अपनी सब्जियां बेचनी पड़ रही है.

टमाटर 10 से 20 रुपये किलो, तो लौकी 10 रुपये पीस बिकी

तेज गर्मी के दौरान तरावट देने वाले तरबूज और हरी ककड़ी के थोक व खुदरा भाव भी करीब 50 प्रतिशत तक गिर गये हैं. कई किसानों को स्थानीय टमाटर के लिए कहीं 10 रुपये, तो कहीं 20 रुपये किलो का मूल्य मिल रहा है, जो उत्पादन लागत से भी कम है. इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. व्यापारियों के अनुसार, मौसम बदलने के कारण सब्जियों का उत्पादन तो बढ़ गया, लेकिन गुणवत्ता खराब हो गयी. जिससे आगामी दिनों में बेलदार प्रजाति वाली सब्जियां नष्ट होने से इनके भावों में तेजी के आसार है. उपभोक्ताओं के अनुसार एक माह पहले तक आसमान छू रही रोजमर्रा की जरूरत वाली सब्जियों के भाव औंधे मुंह गिरने से फिलहाल राहत मिली है. बाजार में खुदरा में अधिकतर सब्जियां सस्ती होने से रसोई का बजट कुछ सुधरा है.

आपूर्ति घटी, तो बढ़ेंगे दाम

व्यापारियों के अनुसार गर्मी के मौसम में खेत में सिंचाई के बावजूद खराब हो जाने के कारण सब्जी के भाव महंगे रहते हैं, लेकिन इस साल पिछले सालों की तुलना में भयंकर गर्मी पड़ने के बावजूद सभी सब्जियों के दाम कम हैं. सब्जियों की फसलें भी तापमान वृद्धि के प्रति संवेदनशील होती हैं, इसलिए लू के कारण इनकी पैदावार में कमी आ जाती है. जब किसी सब्जी की पैदावार कम होती है, तो उसकी आपूर्ति भी कम हो जाती है. इससे बाजार में उस सब्जी की कीमत बढ़ जाती है, क्योंकि मांग अधिक होती है और आपूर्ति कम होती है. बहरहाल सब्जियों की कम कीमतें उपभोक्ताओं को ढेर सारी राहत दे रहे हैं. लोग झोला भरकर सब्जियां खरीद रहे हैं.

राउरकेला के बाजारों में सब्जियों के दाम

करेला : 30 रुपये किलो, लौकी : 10 रुपये पीस, भिंडी : 20 रुपये किलो, झिंगी : 20 रुपये किलो, नेनुआ : 20 रुपये किलो, टमाटर : 10 से 20 रुपये किलो, कुंदरु : 40 रुपये किलो, खीरा (हाइब्रिड) : 20, देशी : 40 रुपये किलो, शिमला मिर्च : 60 रुपये किलो, परवल : 60 रुपये किलो, कुम्हड़ा : 20 रुपये किलो, बैंगन : 20 रुपये किलो, गाजर : 40 रुपये किलो, बीट : 40 रुपये किलो, फूलगोभी : 50 रुपये प्रति किलो.

लााठीकटा. सब्जियों की उचित कीमत नहीं मिलने से किसानों में निराशा

भीषण गर्मी के कारण सब्जी उगानेवाले किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. गुणवत्ता प्रभावित होने के कारण किसानों को सब्जियां सस्ते दामों पर बेचनीं पड़ रही हैं. फर्टिलाइजर सुपरमार्केट और लाठीकटा पंचायत कार्यालय के मैदान में सब्जियां बेचने के लिए पहुंच रहे किसानों ने उचित कीमत नहीं मिलने पर निराशा जताायी है. यहां भिंडी 10 से 20 रुपये, बैंगन 20 रुपये और करेला 20 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है. वहीं खीरा 20 रुपये, टमाटर 20 रुपये, सहजन 25 रुपये, परवल 40 रुपये, कद्दू 20 रुपये और बरबट्टी 20 रुपये किलो बेची गयी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIPIN KUMAR YADAV

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By BIPIN KUMAR YADAV

BIPIN KUMAR YADAV is a contributor at Prabhat Khabar.

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