Sambalpur News: आदेश के बावजूद जमीन का सीमांकन (डिमार्केशन) नहीं कराने पर राजस्व निरीक्षक और अतिरिक्त तहसीलदार पर संबलपुर डीएम की गाज गिरी है. डीएम ने आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में एडिशनल तहसीलदार सुजय पंडा और राजस्व निरीक्षक सत्यनारायण दास को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश देने के साथ उनके वेतन पर रोक लगाने का फरमान जारी किया है. तहसीलदार विशाल पटेल को इसपर त्वरित कार्रवाई करने का आदेश दिया है.
क्या था मामला
संबलपुर डीएम सिद्धार्थ बोलीराम बोंडार ने सोमवार को बामड़ा ब्लॉक सभा भवन में जनता दरबार लगाकर 70 शिकायतें सुनीं. इनमें 63 व्यक्तिगत और सात सार्वजनिक शिकायतें थीं. बामड़ा के समाजसेवी सुशील प्रसाद अपनी जमीन का डिमार्केशन कराने के लिए पिछले एक साल से तहसील कार्यालय का चक्कर लगा रहे थे. कोई पहल नहीं होने पर वे चार बार डीएम दरबार में शिकायत कर चुके थे. डीएम ने इसके लिए आदेश जारी किया था. बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं होने पर सोमवार को पांचवीं बार सुशील ने डीएम से फरियाद की. डीएम ने पिछले जनता दरबार में डिमार्केशन के लिए दोनों अधिकारियों को आदेश दिया था. इसके बावजूद अधिकारियों ने डिमार्केशन नहीं किया. जनता दरबार में खुलासा होने के बाद डीएम एक्शन मोड में आ गये. उन्होंने आनन-फानन में एक्शन लेना शुरू कर दिया. जनता दरबार में कुचिंडा एसडीएम सर्वानन सी समेत ब्लॉक,अनुमंडल एवं जिला के सभी आला अधिकारी उपस्थित थे.जनता दरबार में सुनी गयी अन्य शिकायतें
मकर महोत्सव कमेटी के सदस्यों ने महोत्सव के दौरान पांच दिनों तक देसी एवं विदेशी शराब दुकान बंद करने का डीएम से आग्रह किया. डीएम ने एक्साइज विभाग के जिला अधिकारी को इस पर पहल करने का आदेश दिया. ब्लॉक रोड, जगन्नाथ मंदिर रोड की मरम्मत करने के लिए नागरिकों के मांग की. बामड़ा के विभिन्न मंडियों में धान को शीघ्र उठाने को लेकर विभिन्न किसान संगठनों ने डीएम को लिखित अर्जी दी. डीएम ने जिला आपूर्ति अधिकारी को फटकार लगाने के साथ धान तुरंत उठाने की पहल करने का आदेश दिया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

