Bhubaneswar News: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को सड़क सुरक्षा को लेकर कई पहलों की शुरुआत की और साथ ही राज्य की राजधानी के कायाकल्प से जुड़ी दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया. लोक सेवा भवन के कन्वेंशन हॉल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य और देश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की और सभी नागरिकों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने का आह्वान किया.
पर्यावरण और मूल्यांकन को सड़क सुरक्षा नीति में शामिल करने की आवश्यकता
मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि राज्य सरकार सड़क सुरक्षा के लिए चार ‘इ’ पर विशेष जोर दे रही है एजुकेशन (शिक्षा), एनफोर्समेंट (नियमों का सख्त पालन), इंजीनियरिंग (सड़क एवं वाहनों की बेहतर इंजीनियरिंग) और इमरजेंसी (आपातकालीन चिकित्सा सहायता). इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने दो और ‘इ’ एनवायरनमेंट (पर्यावरण) और इवोल्यूशन (मूल्यांकन) को भी सड़क सुरक्षा नीति में शामिल करने की आवश्यकता बतायी. उन्होंने कहा कि वाहनों के प्रदूषण मानकों का पालन और सड़क सुरक्षा उपायों का समय-समय पर मूल्यांकन कर आवश्यक सुधार किया जायेगा.
भुवनेश्वर में 15 ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन, 10 जिले में अटल बस स्टैंडों का लोकार्पण
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने भुवनेश्वर में 15 नये ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन किया. राज्य में 85 और चार्जिंग स्टेशन निर्माणाधीन हैं. मुख्यमंत्री ने 10 जिलों में बने 14 नये अटल बस स्टैंडों का लोकार्पण किया, जिन पर 156.53 करोड़ रुपये की लागत आयी है. उन्होंने कहा कि भविष्य में राज्य के सभी जिलों, उपखंडों, पंचायत समितियों और नगर निकायों में अटल बस स्टैंड बनाये जायेंगे. ओडिशा राज्य सड़क परिवहन निगम के लिए 46 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गयी 100 नयी बीएस-6 मानक बसों को भी हरी झंडी दिखायी गयी. साथ ही ‘क्लोज्ड लूप स्मार्ट ट्रांजिट कार्ड’ प्रणाली शुरू की गयी, जिससे यात्री कैशलेस टिकटिंग कर सकेंगे. ब्रहमपुर में सीआरयूटी द्वारा निर्मित अत्याधुनिक बस डिपो से 25 नयी ई-बसों की शुरुआत की गयी. बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने जयदेव विहार से नंदनकानन तक 952 करोड़ की लागत वाले एलिवेटेड कॉरिडोर का शिलान्यास किया, जिसमें चार फ्लाईओवर बनाये जायेंगे. इससे यातायात सुगम होगा.मुख्यमंत्री सड़क सुरक्षा योजना सम्मान की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब से सड़क सुरक्षा को सुशासन का अभिन्न हिस्सा माना जायेगा. इसके तहत आज ‘मुख्यमंत्री सड़क सुरक्षा योजना सम्मान’ की शुरुआत की गयी, जिसके अंतर्गत जिलों, शैक्षणिक संस्थानों और निजी संगठनों को सड़क सुरक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जायेगा. अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिलों को पुरस्कार मिलेगा, जबकि खराब प्रदर्शन करने वालों को जवाबदेह बनाया जायेगा. इस अवसर पर घाटियों में सड़कों पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए कलिंगा घाटी में सतर्कता सूचना घंटी प्रणाली का शुभारंभ किया गया, जिसमें दोनों ओर से वाहनों के आने पर सायरन बजकर चेतावनी देगा. यह एक पायलट प्रोजेक्ट है, जिसे सफल होने पर अन्य घाटियों की सड़कों पर लागू किया जायेगा.कटक-भुवनेश्वर में ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार को आइआइटी खड़गपुर से समझौता
कटक-भुवनेश्वर ट्विन सिटी में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए आइआइटी खड़गपुर के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये. इसकी रिपोर्ट के आधार पर दोनों शहरों की यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाया जायेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पहलों से राज्य में आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था विकसित होगी और समृद्ध व विकसित ओडिशा के लक्ष्य को गति मिलेगी. उन्होंने नागरिकों से ‘ड्राइव सेफ, कम होम सेफ’ का पालन करने का आग्रह किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पांच महिला चालकों को वाहन की चाबियां भी सौंपी. कार्यक्रम में कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और राज्यभर के प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

