Jharsuguda News: झारसुगुड़ा में बहुप्रतीक्षित हार्ट हॉस्पिटल के उद्घाटन को डेढ़ साल बीत गये हैं. लेकिन अब तक अस्पताल में केवल ओपीडी सेवाएं ही दी जा रही हैं, जिससे वह उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है, जिसके लिए इस अस्पताल की स्थापना की गयी थी. हालांकि राज्य सरकार द्वारा इस हास्पिटल को जल्द से जल्द पूरी तरह चालू करने का निर्णय लेने के बाद जिला प्रशासन ने भी इस पर ध्यान दिया है.
100 की जगह अब 60 बेड का अस्पताल बनेगा
जिलाधीश कुणाल मोतीराम चव्हाण ने इस अस्पताल की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता के बाद स्वयं हार्ट हॉस्पिटल का दौरा किया तथा प्रबंध संस्था बीएमआरसी के अधिकारियों के साथ चर्चा की. इस बारे में पूछे जाने पर जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एमएम पंडा ने कहा कि जनवरी-फरवरी 2026 तक अस्पताल के पूरी तरह कार्यात्मक होने की उम्मीद है. इस अस्पताल को 100 बिस्तरों वाला हृदय रोग अस्पताल बनाने की योजना थी. लेकिन अब बीएमआरसी ने घोषणा की है कि इसे 60 बिस्तरों वाले हृदय रोग अस्पताल में परिवर्तित किया जायेगा. जिसमें एंडोक्रिनोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसे अन्य सामाजिक विभागों के लिए 40 बिस्तर और जोड़े जायेंगे. अब अस्पताल के लिए 10 बिस्तरों के लाइसेंस की अनुमति मांगी गयी है और अस्पताल के पूरी तरह से चालू हो जाने के बाद अन्य बिस्तरों के लिए लाइसेंस के लिए आवेदन किया जायेगा. अस्पताल के अधिकारियों ने कहा है कि 10 बिस्तरों का लाइसेंस मिलते ही इमरजेंसी और इनडोर शुरू कर दिये जायेंगे.
30 सितंबर तक निर्माणकार्य पूरा करने के निर्देश
आरएंडबी विभाग को 30 सितंबर तक अस्पताल में सभी सिविल निर्माण कार्य पूरे करने के निर्देश दिये गये हैं. लेकिन अस्पताल के चालू नहीं होने का मुख्य कारण यहां से उपकरण को राज्य के अन्य हार्ट हास्पिटल ले जाया गया था. जिसे वापस लाने में अब पेंच फंस गया है. सभी उपकरण राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराने की बात कही गयी है. हृदय अस्पताल में लैब, कार्डियक सर्जरी, ऑपरेशन थिएटर आदि की सुविधा होगी. क्रिटिकल केयर और डायलिसिस विभागों के लिए उपकरण अभी तक नहीं आये हैं और जब ये सामान एसएमसीएल द्वारा उपलब्ध कराये जायेंगे, तभी अस्पताल काम कर पायेगा.2023 में उपकरणों को अन्य अस्पतालों में किया गया था स्थानांतरित
विदित हो कि एक मार्च, 2023 को जब अस्पताल खुला था, तब से यहां प्रतिमाह औसतन 50 मरीज परामर्श के लिए आ रहे हैं. राज्य सरकार ने 24 दिसंबर, 2016 को इस अस्पताल को खोलने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किये थे. इस अस्पताल का निर्माण 2019 में पूरा हुआ था और सभी उपकरण भी आ गये थे. लेकिन अस्पताल के चालू नहीं हो पाने के कारण राज्य सरकार ने 2023 में यहां आये अधिकतर उपकरणों को अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित कर दिया. फरवरी, 2023 में जब अस्पताल का उद्घाटन हुआ था, तब जिला स्वास्थ्य विभाग ने कहा था कि यहां से जो उपकरण ले जाये गये हैं, वह एक महीने के भीतर आ जायेंगे. लेकिन यह आज तक नहीं संभव नहीं हो पाया है. मगर एक बार फिर से हार्ट हास्पिटल के पूरी तरह से कार्यक्षम होने की उम्मीद बढ़ गयी है, क्योंकि राज्य सरकार के निर्देश के बाद जिलाधीश स्वयं इसकी प्रगति पर नजर बनाए हुए हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

