Bhubaneswar News: पहलगाम में मारे गये प्रशांत के परिवार को 20 लाख रुपये और पत्नी को नौकरी देगी ओडिशा सरकार

Balasore: Odisha Chief Minister Mohan Charan Majhi pays his last respects to Prashant Satpathy, who was killed in the Pahalgam terror attack, after his mortal remains were brought to his residence, at Ishani village in Balasore district, Odisha, Thursday, April 24, 2025. (PTI Photo)(PTI04_24_2025_000215B)
Bhubaneswar News: बालेश्वर जिले के इशानी गांव में प्रशांत सतपथी का अंतिम संस्कार गुरुवार को किया गया. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पुष्पांजलि अर्पित की.
Bhubaneswar News: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में मारे गये प्रशांत सतपथी के परिवार को 20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता राशि देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने यह घोषणा बालेश्वर जिले के रेमुना ब्लॉक स्थित इशानी गांव में सतपथी के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद की. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सतपथी की पत्नी प्रियदर्शनी आचार्य को नौकरी देगी और उनके नौ वर्षीय बेटे तनुज की शिक्षा का खर्च भी वहन करेगी. राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में प्रशांत सतपथी के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है.
प्रशांत के परिजन से सीएम ने मुलाकात की और उनके घर पर करीब एक घंटा बिताया
मुख्यमंत्री ने प्रियादर्शनी की तबीयत को लेकर भी चिंता जतायी, जो उनसे बातचीत के दौरान बेहोश हो गयी थीं. सीएम माझी ने सुबह प्रशांत के परिजन से मुलाकात की और उनके घर पर करीब एक घंटा बिताया. उन्होंने प्रशांत की पत्नी प्रिया दर्शिनी और बुजुर्ग मां को सांत्वना दी. ओडिशा के बालेश्वर जिले के मूल निवासी प्रशांत मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में मारे गये प्रशांत को श्रद्धांजलि देने के लिए दूर-दूर से सैकड़ों लोग रेमुना ब्लॉक के इशानी गांव में एकत्र हुए थे. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना और बालेश्वर के सांसद प्रताप चंद्र सारंगी समेत सैकड़ों लोग शव यात्रा के दौरान तनुज के साथ उनके घर से लगभग एक किलोमीटर दूर श्मशान भूमि तक गये.
‘जय हिंद’ और ‘प्रशांत सत्पथी अमर रहे’ के नारों गूंजा इलाका
श्मशान में ‘जय हिंद’ और ‘प्रशांत सतपथी अमर रहे’ के नारों के बीच तनुज ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी. प्रशांत के बड़े भाई सुशांत यहां श्मशान में कई बार बेहोश हुए. तीनों भाइयों में सबसे छोटे जयंत ने कहा कि वह रीति-रिवाजों के अनुसार नौ दिनों तक अनुष्ठान करेंगे. प्रशांत (41) ‘सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी’ के कर्मचारी थे. वे अपनी पत्नी और बेटे के साथ छुट्टियों में जम्मू कश्मीर के पहलगाम गये थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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