ओडिशा में 4 लोकसभा और 28 विधानसभा सीटों के लिए नामांकन शुरू, मतदान 13 मई को

ओडिशा में 4 लोकसभा और 28 विधानसभा सीटों पर चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई है. इन सीटों पर 13 मई को मतदान कराया जाएगा.
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से ओडिशा में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को अधिसूचना जारी करने के बाद यहां नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है.
अधिसूचना में कहा गया है कि ओडिशा की चार लोकसभा और 28 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवार 18 अप्रैल से 25 अप्रैल तक सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं. ओडिशा की चार लोकसभा सीट ब्रह्मपुर, नवरंगपुर (एसटी), कालाहांडी और कोरापुट (एसटी) तथा इन संसदीय क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली 28 विधानसभा सीटों पर 13 मई को मतदान होगा.
- कोरापुट, नवरंगपुर, कालाहांडी व ब्रह्मपुर में लोकसभा व विधानसभा सीट के लिए चुनाव 13 मई को
ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीइओ) निकुंज बिहारी धल ने बताया कि नामांकन पत्रों की जांच 26 अप्रैल को की जायेगी और उम्मीदवारों के लिए नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 29 अप्रैल है. उन्होंने बताया कि जहां, सामान्य तौर पर मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होता है, वहीं, यहां पर सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जायेगा. इसके अलावा वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूइ) से प्रभावित कुछ क्षेत्रों में सुबह 7 बजे से शाम पांच बजे तक मतदान कराया जायेगा.
ओडिशा में पहले चरण के चुनाव में सत्तारूढ़ (बीजू जनता दल) बीजद, विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच मुकाबला होगा. नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजद ने 2019 के लोकसभा चुनावों में ओडिशा की 21 लोकसभा सीटों में से 12 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा को आठ और कांग्रेस को केवल एक सीट ही हासिल हुई थी.
4 लोकसभा सीटों पर कुल मतदाताओं की संख्या 62 लाख 84 हजार
ओडिशा की 147 विधानसभा सीट में से बीजद को 113 सीटें मिली थीं, जबकि भाजपा को 23 और कांग्रेस को केवल नौ सीटों पर जीत मिली थी. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और निर्दलीय उम्मीदवारों ने एक-एक सीट जीती थी.
राज्य की चार लोकसभा सीट ब्रह्मपुर, कोरापुट, नवरंगपुर व कालाहांडी तथा इनके अधीन आने वाली 28 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव की नामांकन प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो गयी है. आगामी 13 मई को इन सीटों पर चुनाव होंगे. इन चार सीटों के लिए कुल 62,84,649 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे.
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी निकुंज बिहारी धल ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इन चार सीटों के लिए मतदाताओं में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या अधिक है. पुरुष मतदाताओं की संख्या जहां 30,96,243 हैं, वहीं महिला मतदाताओं की संख्या 31,87,771 है. 18-19 साल की आयुवर्ग के मतदाताओं की संख्या 2.7 प्रतिशत है. इसी तरह 20 से 29 साल की आयुवर्ग के मतदाताओं की संख्या 23.34 प्रतिशत है. कुल 7 हजार 289 मतदान केंद्रों पर वोटिंग प्रक्रिया संपन्न करायी जायेगी.
सी-विजिल एप पर मिलीं 587 शिकायतें, 582 का हुआ निबटारा
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री धल ने कहा कि उक्त चार संसदीय क्षेत्रों से सी-विजिल एप के जरिये आचार संहिता उल्लंघन से संबंधित 587 शिकायतें मिली हैं, इसमें से 582 शिकायतों का निराकरण कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में कुल 3873 शिकायतें मिली हैं, जिनमें से 3854 का समाधान कर दिया गया है. अधिकतर शिकायतें पुरी, खुर्दा, कटक व जाजपुर जिले से आयी हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद राज्य में अब तक 118.65 करोड़ रुपये की विभिन्न सामग्री बरामद की गयी है. इसमें 2.7 करोड़ रुपये नकद, 18.19 करोड़ रुपये की ड्रग्स व अन्य सामग्री शामिल हैं.
बड़ी रैलियां न करें राजनीतिक पार्टियां
श्री धल ने कहा कि चारों लोकसभा सीटों के लिए ऑबजर्वरों की नियुक्ति की गयी है. वे पूरी चुनावी प्रक्रिया पर निगरानी रखेंगे. चुनाव आचार संहिता से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तथा प्रत्याशियों के चुनावी खर्चों पर भी नजर रखेंगे. पहले चरण में माओवाद प्रभावित इलाकों में मतदाताओं की सुरक्षा को ध्यान में रख कर मतदान के समय में परिवर्तन किया गया है. सीमा सुरक्षा बल की 10 कंपनियां तथा सीआइएसएफ की पांच कंपनियों को तैनात किया जायेगा. उन्होंने सभी राजनीतिक पार्टियों से अनुरोध किया कि नामांकन पत्र भरते समय बड़ी रैलियां न करें.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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