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Rourkela News: फैशन शो में हथकरघा इकाई में बनी साड़ियों का किया प्रदर्शन

Updated at : 07 Aug 2025 11:15 PM (IST)
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Rourkela News: फैशन शो में हथकरघा इकाई में बनी साड़ियों का किया प्रदर्शन

Rourkela News: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर दीपिका हथकरघा ने ओडिशा के बुनकरों और बुनाई का उत्सव मनाया. इस अवसर पर कई कार्यक्रम हुए.

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Rourkela News: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर गुरुवार को दीपिका हथकरघा में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. दीपिका महिला संघति की अध्यक्ष नम्रता वर्मा ने समारोह की अध्यक्षता की. इस अवसर पर डीएमएस की सभी उपाध्यक्षाएं, प्रभाती मिश्र, महाप्रबंधक प्रभारी (सीएसआर) मुनमुन मित्रा, उपमहाप्रबंधक (सीसआर) टीबी टोप्पो, डीएमएस की सचिव सारिका कुमार, डीएमएस के शासी निकाय के सदस्य और हस्थकरघा केंद्र के प्रशिक्षु उपस्थित थे. इस अवसर पर एक फैशन शो का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशिक्षुओं ने हथकरघा इकाई में बनी साड़ियों का प्रदर्शन किया. प्रतिभागियों के बीच गथकरघा कपड़े पर आधारित एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गयी. समारोह के उपलक्ष्य में एक केक काटा गया. सारिका कुमार ने कार्यक्रम का संचालन किया.

जीवंत बुनाई इकाई है दीपिका हथकरघा

इस अवसर पर बताया गया कि इस्पात नगरी राउरकेला के हृदयस्थल में परिवर्तन की एक उल्लेखनीय कहानी रची जा रही है. एक ऐसी कहानी जहां परंपरा के धागों को सशक्तीकरण और अवसर के ताने-बाने में बुना जा रहा है. इस सबके बीच, राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) द्वारा अपने सीएसआर पहल के तहत स्थापित दीपिका हस्तकरघा, एक जीवंत हथकरघा बुनायी इकाई है, जिसे क्षेत्र के प्रमुख परोपकारी संगठनों में से एक दीपिका महिला संघति द्वारा देखभाल और प्रतिबद्धता के साथ संवारा एवं सींचा जा रहा है. दीपिका महिला जागृति संस्थान, सेक्टर-2 के परिसर में स्थित यह केंद्र अत्याधुनिक हथकरघा उपकरणों और सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें प्री-लूम उपकरण, फ्रेम लूम और पिट लूम आदि शामिल हैं.

हथकरघा बुनाई की जटिल कला में महारत हासिल कर महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर

दो अक्तूबर, 2012 में अपने उद्घाटन के बाद से, यह केंद्र आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन में बदलाव ला रहा है. जिनमें से कई के पास कभी शिक्षा या तकनीकी कौशल तक की पहुंच नहीं थी. इन वर्षों में, इन महिलाओं ने, जिनमें से कई ने पहले कभी करघे को हाथ नहीं लगाया था, हथकरघा बुनाई की जटिल कला में महारत हासिल कर ली हैं. धागा लपेटने की मूल बातें सीखने से लेकर जटिल डिजाइन वाली सूती और रेशमी साड़ियां एवं कपड़े बनाने तक का उनका सफर किसी सपने से कम नहीं है. प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रत्येक महिला को मासिक वजीफा मिलता है, जिससे उन्हें आत्मविश्वास और क्षमता बढ़ने के साथ-साथ खुद को सहारा देने में मदद मिलती है. दीपिका हथकरघा के उत्पाद सेक्टर-5 मार्केट में स्थापित एक समर्पित दुकान दीपिका हाउस के साथ-साथ विभिन्न प्रदर्शनियों में भी बेचे जा रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIPIN KUMAR YADAV

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BIPIN KUMAR YADAV is a contributor at Prabhat Khabar.

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