Jharsuguda News: झारसुगुड़ा में 450 करोड़ की मेगा पेयजल परियोजना अधूरी, 338 गांवों में पहुंचाना था पानी, अबतक केवल 109 में पहुंचा

Updated at : 09 Mar 2025 12:07 AM (IST)
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Jharsuguda News: झारसुगुड़ा में 450 करोड़ की मेगा पेयजल परियोजना अधूरी, 338 गांवों में पहुंचाना था पानी, अबतक केवल 109 में पहुंचा

Jharsuguda News: झारसुगुड़ा के 338 गांवों में पाइप से जलापूर्ति के लिए 450 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू हुई थी. इससे प्रति व्यक्ति 70 लीटर पानी पहुंचाने का लक्ष्य था.

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Jharsuguda News: झारसुगुड़ा के 338 गांवों में घर-घर पाइप से जल पहुंचाने के इरादे से 2019 में मेगा पाइप जलापूर्ति परियोजना की शुरुआत हुई थी. इस परियोजना से 2022 में जलापूर्ति शुरू करने का लक्ष्य था. मगर अब तक केवल 109 गांव में पाइप से पानी पहुंच पाया है. बाकी गांवों में अब तक लोगों को पानी का इंतजार है. 450 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना मंथर गति से चल रही है और कब तक पूरी होगी, इसकी कोई डेडलाइन तक तय नहीं है. परियोजना की मौजूदा स्थिति से स्पष्ट है कि इस साल भी गर्मी में 200 से अधिक गांवों में पाइप से पानी नहीं पहुंच पायेगा.

जिले के तीन स्थानों पर स्थापित किये गये हैं जल विशोधन प्रकल्प

जिले के ग्रामीण इलाकों में पाइप से पीने का पानी सप्लाई करने के लिए जिले के तीन स्थानों में जल विशोधन प्रकल्प (डब्ल्यूटीपी) स्थापित किये गये हैं. जिले के लखनपुर ब्लॉक के कुशमेल व तिलिया तथा झारसुगुड़ा ब्लॉक के एच कांटापाली में इसकी स्थापना की गयी है. विभागीय जानकारी के अनुसार, हीराकुद जल भंडार से जल सप्लाई का लक्ष्य लेकर इस परियोजना के तहत शेमेल प्रकल्प लखनपुर ब्लॉक की 16 पंचायतों के 79 गांव में से 73 गांव में पानी की सप्लाई हुई है. वहीं तिलिया परियोजना से लखनपुर ब्लॉक की 16 पंचायतों के 65 गांवों में पानी सप्लाई का लक्ष्य था, मगर कोयला खदान के लिए विस्थापित हुए तीन गांवों में दरलीपाली, उबुड़ा व करलाजुरी हटाये गये हैं और अब 62 गांव में पानी सप्लाई की योजना तैयार हुई है. जिसमें से 36 गांव में पानी की सप्लाई हो पायी है. वहीं लखनपुर ब्लॉक के बाकी बचे 32 गांवों में पानी की सप्लाई का काम शुरू ही नहीं हुआ है. इसमें से 12 गांव में मार्च के अंत तक व 20 गांव में अप्रैल के अंत तक पानी की सप्लाई की संभावना जतायी जा रही है. जिला ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता शशि भूषण दास ने बताया कि हमारी कोशिश है कि इस साल परियोजना के तहत जो भी गांव बच गये हैं, उन्हें जलापूर्ति योजना से जोड़ लिया जाये.

एच कांटापाली से 194 गांवों में पानी की आपूर्ति का है लक्ष्य

झारसुगुड़ा ब्लॉक के बड़जोब व गौरमाल में निर्मित दो टंकी में पानी भरा जा चुका है. वहीं अन्य दो टंकी में पानी भरे जाने के बाद चार पंचायतों में मार्च के अंत तक प्रयोगात्मक रूप से जलापूर्ति की जायेगी. एच कांटापाली में निर्मित जल विशोधन परियोजना से झारसुगुड़ा ब्लॉक सहित लैयकरा, किरमिरा व कोलाबीरा ब्लॉक में पानी की आपूर्ति की जायेगी. मार्च के अंत तक उक्त चारों ब्लॉक की 38 पंचायतों में प्रयोगात्मक रूप से पानी की सप्लाई करने का लक्ष्य रखा गया है. एच कांटापाली स्थित परियोजना पूरी तरह से लागू होने पर झारसुगुड़ा, किरमिरा, कोलाबीरा व लैयकरा ब्लॉक के 194 गांव में पानी कि सप्लाई संभव होगी. झारसुगुड़ा ब्लॉक के मालदा व प्रतापशाली पंचायत में संबलपुर जिला की रेंगाली मेगा परियोजना से पानी सप्लाई का व्यवस्था की गयी है. जिससे दोनों पंचायतों के पांच गांव के लोग पीने का पानी पा सकेंगे. इसी प्रकार कोदोपाली पंचायत में एक विशेष परियोजना स्थापित कर पानी सप्लाई के लिए कदम उठाये जा रहे हैं.

कहां से मिला है कोष

मेगा पाइप जलापूर्ति परियोजना के लिए डीएमएफ से 202 करोड़ एवं केंद्र व राज्य सरकार की 50 प्रतिशत सहभागिता से मिले 110 करोड़ तथा राज्य सरकार की ओर से विशेष अनुदान में 138 करोड़ रुपये प्रदान किये गये हैं. परियोजना के तहत प्रति व्यक्ति 70 लीटर पानी सप्लाई का लक्ष्य रखा गया है. मगर लगातार विलंब से लोगों में असंतोष बढ़ने लगा है.

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