Rourkela News: सीटू संबद्ध ओडिशा आशा कर्मी एसोसिएशन का छठा जिला सम्मेलन शनिवार को सेक्टर-16 श्रमिक भवन में आयोजित हुआ. इसमें एसोसिएशन की महासचिव शकुंतला महाकुड़ ने आरोप लगाया कि वर्ष 2005 और 2007 में ओडिशा सरकार ने गांवों के हर घर तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की योजना बनायी थी और बिना कोई मासिक वेतन तय किये आशा कार्यकर्ताओं को नियुक्त किया था. ओडिशा की आशा कार्यकर्ताओं को उनके स्वास्थ्य सेवा कार्य के लिए केवल मामूली पारिश्रमिक दिया जाता है.
2005 और 2007 में आशा कार्यकर्ताओं की हुई थी नियुक्ति
शकुंतला महाकुड़ ने कहा कि ओडिशा आशा कार्यकर्ताओं का जिला सम्मेलन हर तीन साल में एक बार आयोजित किया जाता है. जब 2005 और 2007 में आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की गयी थी, तो सरकार ने उनके लिए कोई वेतन तय नहीं किया था, उन्हें केवल उतना ही भुगतान किया जाता था, जितना उन्होंने काम किया था. आशा कार्यकर्ताओं की ओर से सरकार के सामने अपनी मांगें रखने और जिला सम्मेलन आयोजित करने से आज कुछ सुविधाएं हासिल हुई हैं, लेकिन उन्हें पूरी सुविधाएं नहीं मिली हैं.
वेतन समेत सामाजिक सुरक्षा की मांग की गयी
ओडिशा आशा कर्मी एसोसिएशन ने इस जिला सम्मेलन में मांग की है कि प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को 26,000 रुपये का मासिक वेतन दिया जाये, मृत्युकालीन भत्ता 10 लाख, पेंशन और सरकारी दर्जा भी दिया जाये. ओडिशा आशा कर्मी जिला सम्मेलन में ओडिशा आशा कर्मी एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष एचएन यादव, महासचिव विमान मैती, जिला सचिव राजकिशोर प्रधान, जजाति केसरी साहू, जहांगीर अली, प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश स्वांई, आभा सस्मिता खेस, सिप्रांति टोप्पो, निरुपमा साहू, शकुंतला समासी, लक्ष्मी महतो, सरोजिनी दास, लीना डुंगडुंग, सुशीला ओराम, रीता रानी माना, सुशीला सेठी, सीता नायक, बालामती सिंह, जयंती पांडव आदि शामिल थे.
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