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Rourkela News: बाल रंगमंच कार्यशाला में संवाद बोलने के साथ ही इसे जीने की कला सीख रहे नौनिहाल

Updated at : 20 May 2025 12:01 AM (IST)
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Rourkela News: बाल रंगमंच कार्यशाला में संवाद बोलने के साथ ही इसे जीने की कला सीख रहे नौनिहाल

Rourkela News: आरएसपी और एनएसडी की ओर से आयोजित बाल रंगमंच कार्यशाला में नौनिहाल नाट्य कला सीख रहे हैं.

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Rourkela News: राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी), नयी दिल्ली की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित बाल रंगमंच कार्यशाला के दौरान इस्पात इंग्लिश मीडियम स्कूल, सेक्टर-20 का सभागार ऊर्जा, कल्पना और तालियों की गड़गड़ाहट से जीवंत हो उठा है. 12 मई को इसके उद्घाटन के बाद से ही यह कार्यशाला रचनात्मकता और सांस्कृतिक गौरव का एक रंगारंग उत्सव बन गयी है, जिसमें हंसी और जानवरों की आवाज की गूंज रही हैं, जो नाट्य दुनिया में युवा छात्रों को आकर्षित कर रही है.

टीम वर्क, एकाग्रता और आपसी सहयोग की भावना का हो रहा है विकास

एनएसडी के पूर्व छात्र और कार्यशाला के निदेशक जगन्नाथ सेठ के नेतृत्व में एक समर्पित पांच सदस्यीय टीम सहित स्थानीय समन्वयक भास्कर चंद्र महापात्र युवा प्रतिभागियों को रंगमंच की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दे रहे हैं. पहले दिन से ही बच्चों को नाटकीय कला की कई भावों में डुबो दिया गया है, जैसे कि आवाज में उतार-चढ़ाव के अभ्यास, जिसमें सांप, छिपकली और बंदरों जैसे जानवरों की नकल करने से लेकर शरीर की हरकतें, जो मछुआरों द्वारा नदी में जाल डालने जैसे ज्वलंत दृश्यों को दर्शाती नजर आ रही हैं. बच्चों की भावनात्मक अभिव्यक्तियां बिल्कुल सजीव और हृदयस्पर्शी हैं और चरित्र निर्माण की प्रक्रिया ने उन्हें रंगमंच की गंभीरता और अनुशासन से अवगत कराया है. रंगमंच से जुड़े खेलों ने सीखने को आनंदमय बना दिया है, जिससे टीम वर्क, एकाग्रता और आपसी सहयोग की भावना का विकास हो रहा है. वाणी और गति पर आधारित प्रशिक्षण से बच्चों में सांस नियंत्रण, स्पष्ट उच्चारण और शारीरिक भाव-भंगिमाओं को निखारा जा रहा है, जिससे वे संवाद बोल ही नहीं रहे, बल्कि उन्हें जी भी रहे हैं.

भारत की समृद्ध रंगमंच विधाओं से बच्चों को कराया जा रहा परिचय

इस कार्यशाला के माध्यम से बच्चों को भारत की समृद्ध लोक एवं पारंपरिक रंगमंच विधाओं से भी परिचित कराया जा रहा है, जो उन्हें ग्रामीण भारत की सादगी, संवेदनाओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का एक प्रयास है. इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत के स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों के जीवन को उजागर करना है. देशभक्ति की यह भावना तिरंगा यात्रा के दौरान खूबसूरती से प्रदर्शित की गयी, जहां 41 उत्साही छात्रों ने हाथ में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारे लगाये और स्कूल परिसर और आसपास के क्षेत्र में राष्ट्रीय गौरव की भावना जगायी. युवा प्रतिभाओं को निखारने और रंगमंच शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एनएसडी की राष्ट्रव्यापी पहल का हिस्सा यह कार्यशाला केवल एक अभिनय कक्षा नहीं है, बल्कि एक परिवर्तनकारी अनुभव है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIPIN KUMAR YADAV

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By BIPIN KUMAR YADAV

BIPIN KUMAR YADAV is a contributor at Prabhat Khabar.

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