Rourkela News : 20 दिन बाद खुलने वाली है मंडी, टोकन मिलने से पहले ही धान की बिक्री शुरू

Updated at : 10 Dec 2025 11:03 PM (IST)
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Rourkela News :  20 दिन बाद खुलने वाली है मंडी, टोकन मिलने से पहले ही धान की बिक्री शुरू

ओडिशा-झारखंड के सीमांचल में मंडी खुलने से पूर्व झारखंड के दलाल सक्रिय

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Rourkela News :

ओडिशा-झारखंड सीमांचल के अलग-अलग ब्लाॅकों में 20 दिन बाद मंडी खुलने वाली है. पंजीकृत किसानों को अगले तीन से चार दिन बाद धान बेचने के लिए टोकन मिलेंगे. सरकार के सख्त निर्देश के बावजूद हर साल की तरह इस बार भी दलालों ने टोकन मिलने से पहले ही धान बेचना शुरू कर दिया है. उन्होंने किसानों के जरिए बेचने के लिए झारखंड का धान अपने गोदामों में जमा कर लिया है. कुछ दलालों ने इसे राइस मिलों में भी स्टोर कर लिया है.

2,000 से 2,200 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा धान :

जिले के इन ब्लाॅकों में झारखंड से सटे कई मार्केट और गांव जैसे हुरडा, मनोहरपुर,ओडांगा, बांसजोर में दलाल आदिवासी किसानों से दलाल धान खरीद रहे हैं. वह भी 2,000 से 2,200 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर. पकड़े जाने से बचने के लिए बिचौलिए ट्रक की जगह पिकअप का इस्तेमाल कर रहे हैं. ओडिशा को जोड़ने वाली सीधी सड़क पर आने के बजाय झारखंड का धान पीछे के रास्तों से बिसरा, नुआगांव, हाथीबाड़ी, सोरडा, बड़ाजोजोदा, खुंटगांव, बारीबेड़ा और कुआरमुंडा तक पहुंचता है. चूंकि धान टाटा एसी गाड़ी में आ रहा है, इसलिए आपूर्ति विभाग या लैंपस के कर्मचारी इसे आसानी से पहचान नहीं पाते हैं. देर रात और सुबह-सुबह सैकड़ों क्विंटल धान टाटा एसी में झारखंड से ओडिशा में प्रवेश करता है और सीधे चावल मिलों और बिचौलियों के गोदामों में चला जाता है.

इस साल सरकार 3,169 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर धान खरीदेगी :

पिछले साल ओडिशा के धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3,100 रुपये प्रति क्विंटल था. इस बार सरकार 3,169 रुपये प्रति क्विंटल पर धान खरीदने जा रही है. दलालों की योजना झारखंड के स्थानीय बाजारों और किसानों के घरों से सीधे धान को 2,000 रुपये प्रति क्विंटल में लेने और ओडिशा मंडी में 3169 रुपये में बेचने की है, यानी 1,000 रुपये प्रति क्विंटल का मुनाफा.

किसानों को मिलने वाले टोकन पर दलालों की नजर :

दलालों को अच्छी तरह पता है कि नुआगांव, कुआरमुंडा, बिसरा और लाठीकटा जैसे ब्लॉक में किसान को 10 से 50 क्विंटल धान बेचने का टोकन मिलनेवाला है. वहीं ऐसे सैकड़ों किसान हैं जिन्हें 20 से 30 क्विंटल धान बेचने के लिए टोकन मिलेगा. दलालों ने उन किसानों को टारगेट किया है. वे उनके जरिए झारखंड का धान बेच रहे हैं, उन्हें 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन का लालच दे रहे हैं. इस बार ओडिशा और झारखंड के कुछ दलालों ने पिछले साल जैसा ही तरीका अपनाया है. उन्होंने चार ब्लॉक में कम धान वालों की लिस्ट पहले ही तैयार कर ली है. टोकन मिलने से पहले ही उन्हें कुछ एडवांस दे दिया है.

गोदामों पर छापेमारी की मांग :

पिछले साल आपूर्ति विभाग ने बॉर्डर ब्लॉक में कुछ राइस मिलों और ब्रोकर्स के गोदामों पर रेड करके बड़ी मात्रा में धान जब्त किया था. किसानों ने मांग की है कि आपूर्ति विभाग मंडी खुलने से पहले राइस मिलों और ब्रोकर्स के गोदामों पर रेड करे. अन्यथा कुछ किसान टोकन मिलने के बावजूद अपना सारा धान नहीं बेच पायेंगे.

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