Rourkela News: सुंदरगढ़ जिले के गुरुंडिया ब्लॉक अंतर्गत जर्दा के एक स्कूल के छात्रावास से बेहोशी की हालत में एक बक्से से कक्षा तीसरी के छात्र को बेहोशी की हालत में बरामद किया गया. उसके परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि उसके सहपाठी छात्र के साथ मारपीट के बाद घायल छात्र को एक बक्से में ठूंस दिया गया था. बक्से से बेहोशी की हालत में निकाले गये छात्र का नाम स्वास्तिक किसान है और उसका घर जर्दा के पास ब्रह्मानडीह गांव में है.
छात्र के परिवार वालों ने लगाया आरोप
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को सहपाठी के बीच झगड़े के बाद स्कूल में हाजिरी के दौरान एक छात्र गायब पाया गया. वार्डन ने प्रिंसिपल को सूचित किया और सभी ने उसकी तलाश की. स्वास्तिक कहीं नहीं मिला और अंत में स्वास्तिक के घर फोन किया गया. एक साथ खोज करते समय परिवार ने एक बक्से से आवाज सुनी और उसे खोला गया तो वहां छात्र को बेहोश पाया गया. परिवार का कहना है कि जिस सहपाठी से झगड़ा हुआ था, उसने उसे बक्से में ठूंस दिया था.
कंधमाल : स्कूल में सो रहे आठ छात्रों की आंखों में डाला चिपकने वाला पदार्थ, भर्ती
ओडिशा के कंधमाल जिले में एक सरकारी आदिवासी कल्याण आवासीय (टीआरडब्ल्यू) स्कूल में कुछ विद्यार्थियों ने सो रहे अपने साथियों की आंखों पर कथित तौर पर कोई तेजी से चिपकने वाला पदार्थ डाल दिया, जिससे कम से कम आठ छात्रों को शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने यह जानकारी दी. यह घटना सालगुडा के सेवाश्रम स्कूल में घटी. पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि प्रभावित अधिकतर विद्यार्थी लगभग 12 साल के तथा चौथी एवं पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे हैं. उन्हें पहले गोछापाड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और बाद में उनमें से सात को फुलबाणी के जिला मुख्यालय अस्पताल (डीएचएच) में ले जाया गया. पुलिस ने बताया कि आठ छात्रों में से एक को आंखें खोलने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से छुट्टी दे दी गयी. शिक्षिका प्रेमलता साहू ने कहा कि सुबह करीब सात बजे मैं छात्रावास गयी और पाया कि आठ छात्र अपनी आंखें नहीं खोल पा रहे थे. बाद में मुझे पता लगा कि कुछ छात्रों ने आंखों पर कोई चिपकने वाला पदार्थ डाल दिया. पीड़ितों के माता-पिता और स्थानीय नेताओं ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

