नोवामुंडी के सरस्वती शिशु मंदिर में नए सत्र की शुरुआत, तिलक और हवन-यज्ञ से गूंजा परिसर

Updated at : 03 Apr 2026 9:17 AM (IST)
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नोवामुंडी के सरस्वती शिशु मंदिर में नए सत्र शुरू होने से पहले पूजा करते शिक्षकगण. फोटो: प्रभात खबर

Novamundi News: नोवामुंडी के सरस्वती शिशु मंदिर में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत तिलक, हवन-यज्ञ और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ हुई. विद्यार्थियों का पारंपरिक स्वागत किया गया. भक्ति और उत्साह से भरे माहौल में विद्यालय परिवार ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और सफल सत्र की कामना की. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट

Novamundi News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी स्थित पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत धार्मिक और पारंपरिक वातावरण में हुई. विद्यालय परिसर सुबह से ही भक्ति, संस्कार और उल्लास के रंग में रंगा नजर आया. बच्चों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला.

तिलक लगाकर बच्चों का किया गया स्वागत

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा पालीत ने मुख्य द्वार पर खड़े होकर आने वाले सभी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया. इस आत्मीय और पारंपरिक स्वागत से बच्चों के चेहरे खिल उठे और उनके मन में अपनापन व उत्साह का भाव जागा.

शिक्षक-शिक्षिकाओं पर फूलों की बरसात

विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों पर पुष्प अर्पित कर उनका अभिनंदन किया. पुष्प वर्षा के बीच बच्चे खुशी से झूम उठे और गुरुजनों का आशीर्वाद लेकर विद्यालय परिसर में प्रवेश किया. यह दृश्य पूरे वातावरण को आनंदमय और भावनात्मक बना रहा था.

हवन-यज्ञ और पूजा से बना भक्तिमय माहौल

वंदना स्थल पर सामूहिक हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें प्रधानाचार्या सीमा पालीत के साथ विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह और कोषाध्यक्ष मालती लागुरी की गरिमामयी उपस्थिति रही. सभी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर नए सत्र के सफल संचालन की कामना की.

हनुमान आरती और धार्मिक पाठ

हवन-यज्ञ के बाद सभी ने मिलकर हनुमान जी की आरती की. इस दौरान छात्राओं द्वारा हनुमान चालीसा और रामचरितमानस का सस्वर पाठ प्रस्तुत किया गया. पूरे परिसर में भक्ति की गूंज सुनाई दी और उपस्थित लोग भाव-विभोर हो उठे.

संस्कार और शिक्षा का अनूठा संगम

इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि विद्यालय में केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कारों का भी विशेष महत्व है. धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के माध्यम से बच्चों में सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों का विकास किया जाता है.

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नई ऊर्जा के साथ सत्र की शुरुआत

नए सत्र के इस भव्य शुभारंभ ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और उत्साह का संचार किया. विद्यालय परिवार ने सभी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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