सारंडा: झारखंड में नक्सली नहीं कर रहे सरेंडर, ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आई 3 वजह

Published by :Sweta Vaidya
Published at :04 May 2026 10:56 AM (IST)
विज्ञापन
saranda forest image

सारंडा जंगल (इमेज- राज कौशिक)

Saranda Ground Report Part 2: 31 मार्च 2026 तक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की डेडलाइन खत्म होने पर भी झारखंड में, खासकर सारंडा क्षेत्र को नक्सल मुक्त नहीं कराया जा सका है. इसकी पड़ताल के लिए प्रभात खबर की टीम ने चार दिनों तक सारंडा इलाके का सघन दौरा किया. पहले पार्ट में प्रभात खबर की टीम ने बताया कि सारंडा क्षेत्र कितना दुर्गम है और सुरक्षा बलों के लिए कितनी बड़ी चुनौती है. दूसरे पार्ट में टीम ने जानने की कोशिश है कि क्या आमने-सामने की लड़ाई से ही नक्सल मुक्त अभियान सफल होगा या कोई दूसरा रास्ता भी है और इसमें क्या परेशानी है?

विज्ञापन

रांची से प्रणव

Saranda Ground Report Part 2: नक्सल मुक्ति अभियान में नक्सलियों का सरेंडर भी अहम पहलू है. इस दिशा में झारखंड पुलिस और खुफिया एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं. मिसिर बेसरा और अन्य नक्सलियों के परिजनों को सारंडा बुलाकर बातचीत करने का प्रयास किया गया, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है. पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़ और ओडिशा में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि सारंडा के नक्सली झारखंड में सरेंडर करने को तैयार क्यों नहीं हैं? इसका पता लगाने के लिए प्रभात खबर की टीम ने नक्सली सूत्रों, एक्टिविस्टों और अभियान से जुड़े कई अधिकारियों से बातचीत की. सबने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर जानकारी दी. बातचीत में सरेंडर नहीं होने के पीछे मुख्य रूप से तीन बाधाएं सामने आईं. पिछले महीने झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा, एसटीएफ के आइजी अनूप बिरथरे और एसआइबी के तत्कालीन एसपी नाथू राम मीणा ओडिशा गए थे. उन्होंने वहां के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर ओडिशा की सरेंडर नीति का अध्ययन किया था. एक टीम छत्तीसगढ़ भी भेजी गई थी, लेकिन इस दौरे का फलाफल सामने नहीं आया. 

पहली बाधा 

सरेंडर करने वाले नक्सलियों को पड़ोसी राज्यों में जेल नहीं जाना पड़ता है. अभियान से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, नक्सल प्रभावित राज्यों की सरेंडर नीति देखने पर झारखंड की नीति समग्र रूप से बेहतर लगती है. लेकिन ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना की नीति की दो शर्तें सारंडा में सक्रिय नक्सलियों के सरेंडर में बाधा बन रही है. पहली शर्त यह है कि इन राज्यों में सरेंडर के बाद नक्सलियों को जेल नहीं भेजा जाता. जबकि झारखंड में सरेंडर करने वालों को जेल या ओपेन जेल में रखा जाता है.

यह भी पढ़ें: सारंडा: घने जंगल, प्रेशर IED बम का जाल, 21 किमी दायरे में 53 नक्सली, मुठभेड़ के बीच सारंडा में प्रभात खबर की टीम ने गुजारे चार दिन 

दूसरी बाधा 

पड़ोसी राज्यों ने सरेंडर करने वाले नक्सलियों के केस खत्म किए. पश्चिम बंगाल और अन्य पड़ोसी राज्यों में सरेंडर करने वाले नक्सलियों पर दर्ज मामलों को समाप्त कराया जाता है. पश्चिम बंगाल में तो उन्हें ग्राम सेवक की नौकरी भी दी जाती है. इसके विपरीत, झारखंड की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत सरेंडर करने वालों को पहले जेल भेजा जाता है, फिर हजारीबाग स्थित ओपेन जेल में शिफ्ट किया जाता है, जहां वह परिवार के साथ रह सकते हैं. साथ ही, उन पर दर्ज मामलों को खत्म करने का कोई प्रावधान यहां नहीं है. 

तीसरी बाधा

तीसरी बाधा हार्डकोर माओवादी मिसिर बेसरा का खौफ है. प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) का झारखंड में शीर्ष नेतृत्व मिसिर बेसरा के हाथ में है. जानकारों के अनुसार, वह एक हार्डकोर माओवादी है. माओवादी सैन्य विंग को संचालित करने का उसे लंबा अनुभव है. यही वजह है कि नक्सली आसानी से प्रेशर आइइडी प्लांट कर देते हैं. उसके दस्ते में शामिल निचले स्तर के कई नक्सली सरेंडर के लिए तैयार हैं. कुछ पुलिस के संपर्क में भी है, लेकिन मिसिर बेसरा का इतना खौफ है कि कोई उसके खिलाफ जाकर सरेंडर करने की हिम्मत नहीं करता. ऐसे में सभी नक्सलियों का सरेंडर तभी संभव है, जब मिसिर बेसरा को इसके लिए तैयार किया जा सके. 

यह भी पढ़ें: चतरा में दर्दनाक हादसा: नवादा गांव में कुएं में गिरने से महिला की मौत, पटवन के दौरान फिसला था पैर

यह भी पढ़ें: जमशेदपुर में गैंगवार की आहट: धातकीडीह के गामा होटल पर ताबड़तोड़ फायरिंग, भाग रहे दो हमलावर गिरफ्तार

विज्ञापन
Sweta Vaidya

लेखक के बारे में

By Sweta Vaidya

श्वेता वैद्य प्रभात खबर में लाइफस्टाइल बीट के लिए कंटेंट लिखती हैं. वह पिछले एक साल से व्यंजन (Recipes), फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे विषयों पर लेख लिख रही हैं. उनका उद्देश्य पाठकों को रोजमर्रा की जिंदगी को आसान और स्टाइलिश बनाने के लिए प्रैक्टिकल टिप्स देना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola