आदिवासी हित के लिए सीएनटी संशोधन बिल पर हस्ताक्षर न करें
Updated at : 07 Mar 2017 4:35 AM (IST)
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आदिवासी सेंगल अभियान के अध्यक्ष राज्यपाल से मिले, रखी मांग चाईबासा : आदिवासी सेंगल अभियान के राष्ट्राध्यक्ष सालखन मुर्मू ने झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर सीएनटी-एसपीटी संशोधन बिल पर जनहित में हस्ताक्षर नहीं करने की मांग की. राज्यपाल को सौंपे मांगपत्र में कहा गया कि ढाई माह से बिल लंबित है. आपसे […]
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आदिवासी सेंगल अभियान के अध्यक्ष राज्यपाल से मिले, रखी मांग
चाईबासा : आदिवासी सेंगल अभियान के राष्ट्राध्यक्ष सालखन मुर्मू ने झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर सीएनटी-एसपीटी संशोधन बिल पर जनहित में हस्ताक्षर नहीं करने की मांग की. राज्यपाल को सौंपे मांगपत्र में कहा गया कि ढाई माह से बिल लंबित है. आपसे अनेक जनप्रतिनिधियों, जनसंगठन, बुद्धिजीवी, नागरिक, बिरसा के वंशज ने लिखित और तार्किक विरोध दर्ज कराया है. इसे आपने जरूर संज्ञान में लिया है. आशा ने झारखंड हाइकोर्ट में रिट पिटीशन के मार्फत झारखंड सरकार का नोटिफिकेशन से टीएसी के गठन की गलत प्रक्रिया, संवैधानिक बाध्यता और मुख्यमंत्री की टीएसी में नियुक्ति को चुनौती दी है.
इस रिट के तथ्यों का अवलोकन करते हुए फिलहाल बिल लंबित रखे. अन्यथा आदिवासी समाज को भयंकर क्षति हो सकती है. टीएसी गठन की सरकारी नियमावली का निर्माण आपने नहीं किया है. जबकि पांचवीं अनुच्छेद के प्रावधानों के तहत यह आपका कार्यक्षेत्र और अधिकार है. गैरकानूनी टीएसी से पारित सीएनटी-एसपीटी संशोधन भी गैरकानूनी है. आदिवासी समाज के हित के लिए आप संशोधन बिल अनिश्चितकाल तक लंबित रखें.
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