ब्लास्टिंग से कांप रहा ठाकुरानी

बड़बिल : ओड़िशा तथा झारखंड की सीमा स्थित ठाकुरानी आयरन माइंस के ब्लास्टिंग का असर 500 मीटर दूर स्थित गांव पड़ रहा. ठाकुरानी गांव बड़बिल तथा देवझर ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थित है जबकि माइंस झारखंड तथा ओड़िशा सीमा के बीचों-बीच. ग्रामीणों का आरोप है कि माइंस के बलास्टिंग से गांव के घरों में दरार […]
बड़बिल : ओड़िशा तथा झारखंड की सीमा स्थित ठाकुरानी आयरन माइंस के ब्लास्टिंग का असर 500 मीटर दूर स्थित गांव पड़ रहा. ठाकुरानी गांव बड़बिल तथा देवझर ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थित है जबकि माइंस झारखंड तथा ओड़िशा सीमा के बीचों-बीच. ग्रामीणों का आरोप है कि माइंस के बलास्टिंग से गांव के घरों में दरार के साथ ही कंपन से छतों के एजबेसटस भी फट रहे.
यहीं नहीं ब्लास्टिंग के बाद बारूदी धुएं का गुबार पूरे गांव पर छा जाता है. बार-बार अनुरोध के बावजूद कंपनी प्रशासन समस्या का समाधान नहीं कर रहा. माइंस से प्रभावित गांव होने के बावजूद ठाकुरानी ग्राम में कंपनी द्वारा सीएसआर से कोई योजना संचालित नहीं की जाती. यहां न चिकित्सालय है न स्कूल. सड़क की बात तो करनी ही बेमानी. माइंस के बीच से एक सड़क नोवामुंडी के जोजो कैंप के लिए निकलती है. जिस पर भी अब प्रतिबंध लगाया जा रहा है.
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