नोवामुंडी में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन, महिलाओं ने बाल विवाह रोकने का लिया संकल्प

Published by :Sweta Vaidya
Published at :25 Apr 2026 11:30 AM (IST)
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नोवामुंडी में प्रशिक्षण कार्यक्रम

Noamundi News: नोवामुंडी में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी दी गई. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें. 

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नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट 

Noamundi News: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत कोटगढ़ स्थित मनरेगा सहायता केंद्र में 24 अप्रैल 2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा) द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह प्रशिक्षण “पेरालीगल कानूनी कार्रवाई एवं सहायता” विषय पर केंद्रित था, जिसमें महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक किया गया. 

महिला सुरक्षा कानूनों की दी गई जानकारी 

कार्यक्रम के दौरान पीएलवी मदन निषाद ने महिला सुरक्षा से जुड़े अलग-अलग कानूनों की जानकारी दी. उन्होंने दहेज प्रतिषेध अधिनियम, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (POSH) कानून, घरेलू हिंसा अधिनियम, बाल विवाह निषेध अधिनियम, मानव तस्करी की रोकथाम और किशोर न्याय अधिनियम 2015 जैसे महत्वपूर्ण कानूनों को सरल भाषा में समझाया. साथ ही, उन्होंने बताया कि बाल विवाह रोकने के लिए प्रखंड स्तर पर बीडीओ और पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जहां शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. प्रशिक्षण में Zero FIR की सुविधा, महिलाओं के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 और पुलिस सहायता नंबर 100/112 की जानकारी भी साझा की गई. सत्र के अंत में मौजूद महिलाओं ने बाल विवाह न करने और इसे रोकने का सामूहिक संकल्प लिया. 

सामाजिक मुद्दों और डिजिटल सुरक्षा पर जोर 

पीएलवी प्रमिला महापात्रो ने अपने संबोधन में बताया कि संस्था का उद्देश्य विशेष रूप से महिलाओं को घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, डायन प्रथा (विच हंटिंग) और सामाजिक रूप से वंचित महिलाओं से जुड़े मुद्दों में सहायता प्रदान करना है. उन्होंने डिजिटल फ्रॉड से बचने के उपायों पर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी. 

महिला सशक्तिकरण में सहयोग केंद्रों की भूमिका 

सपोर्ट संस्था की जेंडर ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पूजा सिंहदेव ने मेट फोरम और सहयोग केंद्र की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ये केंद्र महिलाओं और समुदाय को सरकारी योजनाओं, महिला-बाल अधिकार, आजीविका, सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और ग्राम विकास से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं. कार्यक्रम में 31 महिला मेट, सपोर्ट टीम के सदस्य और डीएलएसए के पीएलवी मौजूद रहे. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई, सवाल पूछे और अपने अनुभव साझा किए, जिससे कार्यक्रम और भी प्रभावी बना. 

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श्वेता वैद्य प्रभात खबर में लाइफस्टाइल बीट के लिए कंटेंट लिखती हैं. वह पिछले एक साल से व्यंजन (Recipes), फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे विषयों पर लेख लिख रही हैं. उनका उद्देश्य पाठकों को रोजमर्रा की जिंदगी को आसान और स्टाइलिश बनाने के लिए प्रैक्टिकल टिप्स देना है.

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