महाविद्यालय की 12वीं वर्षगांठ : छात्राअों ने नृत्य-संगीत से मनमोहा

Updated at : 12 Aug 2016 3:43 AM (IST)
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महाविद्यालय की 12वीं वर्षगांठ : छात्राअों ने नृत्य-संगीत से मनमोहा

चक्रधरपुर : सिस्टर निवेदिता महिला महाविद्यालय का 12वां स्थापना दिवस गुरुवार को समारोहपूर्वक मनाया गया. समारोह के मुख्य अतिथि कॉलेज के सचिव दिनेश महापात्र ने दीप जला कर व प्राचार्य देवव्रत महापात्र ने सिस्टर निवेदिता की तसवीर पर माला पहना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस मौके पर कॉलेज की छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम […]

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चक्रधरपुर : सिस्टर निवेदिता महिला महाविद्यालय का 12वां स्थापना दिवस गुरुवार को समारोहपूर्वक मनाया गया. समारोह के मुख्य अतिथि कॉलेज के सचिव दिनेश महापात्र ने दीप जला कर व प्राचार्य देवव्रत महापात्र ने सिस्टर निवेदिता की तसवीर पर माला पहना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया.

इस मौके पर कॉलेज की छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसकी शुरुआत सलोनी प्रधान, मुन्नी कुमारी, वीणापाणी हेंब्रम व कश्मीरा हांसदा ने गुरु वंदना से की. सलोनी प्रधान व मोनिका कुमारी ने सत्यम शिवम सुंदरम गीत पर मनमोहक नृत्य कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. वीणा एंड ग्रुप द्वारा संथाली गीत पर तथा मुन्नी व मोनिका द्वारा निंबोड़ा-निंबोड़ा गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी, मुन्नी कुमारी द्वारा ये तो सच है कि भगवान है गीत पेश किया. तीन घंटे तक चले इस समारोह में छात्राओं ने नाटक, डांस आदि प्रस्तुत कर समा बांधा दिया.
समारोह में प्रो परमानंद महतो, दयानिधि महतो, अन्नपूर्णा झा, हरिपद प्रमाणिक, सुनीता महतो, कविता खंडाइत, मरियम पुरती, अभिजीत गोस्वामी, कलेश्वर प्रसाद, संतोष सिंह, रघुनाथ सांडिल्य, महेश यादव, अर्जना शुक्ला, कानू नायक, जुगल प्रधान, मधुमिता, पिंकु, सुनील, राकेश समेत काफी संख्या में छात्राएं मौजूद थीं.
सिस्टर निवेदिता महिला महाविद्यालय
कार्यक्रम प्रस्तुत करती छात्राएं. कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं.
बेहतर शिक्षा देना कॉलेज का उद्देश्य : दिनेश महापात्र
मुख्य अतिथि सह कॉलेज के सचिव दिनेश महापात्र ने कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य छात्राओं को बेहतर शिक्षा देना है. 12 वर्षों से यह कॉलेज निरंतर आगे बढ़ रहा है. विद्यार्थी बेहतर परीक्षाफल देकर कॉलेज का नाम रोशन कर रहे हैं. कहा कि कॉलेज एक मंदिर है. छात्राएं इस मंदिर में तपस्या कर शिक्षा ग्रहण करें.
अनुशासन कॉलेज की पहचान : देवव्रत महापात्र
कॉलेज के प्राचार्य देवव्रत महापात्र ने कहा कि बेहतर अनुशासन इस कॉलेज की पहचान है. कॉलेज की स्थापना 12 वर्ष पूर्व शहर के प्रबुद्ध नागरिकों के सहयोग से हुई था. आज इसे बेहतर कॉलेज के रूप में जाना जाता है. स्थापना दिन से आज तक कॉलेज ने अपना अनुशासन बनाये रखा. उन्होंने कहा कि छात्राएं अनुशासन में रह कर पढ़ाई करें. अनुशासन ही व्यक्ति को महान बनाता है.
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