65 साल की शिबानी ने किया रक्तदान, नेत्रदान का भी लिया संकल्प

चक्रधरपुर निवासी शिबानी बोस | Prabhat Khabar Network
चक्रधरपुर की 65 वर्षीया शिबानी बोस ने रक्तदान कर और नेत्रदान का पंजीकरण कराकर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है। जानिए उनकी प्रेरणादायक कहानी।
चक्रधरपुर: रक्तदान एवं नेत्रदान पंजीकरण शिविर में रविवार को एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई। सृष्टि अल्ट्रासाउंड एवं नेत्र चिकित्सालय और संत अंजला अस्पताल, चक्रधरपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर में 65 वर्षीया शिबानी बोस ने रक्तदान करने के साथ नेत्रदान के लिए भी पंजीकरण कराया।
चक्रधरपुर निवासी शिबानी बोस ने साबित किया कि सेवा के लिए उम्र बाधा नहीं होती। उनका इकलौता बेटा जयदीप बोस रांची के बरियातू थाना में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत है।
रक्तदान के बाद नेत्रदान फॉर्म भरते हुए उन्होंने कहा, “हौसले के आगे उम्र कोई मायने नहीं रखती। मैं चाहती हूं कि मेरे जाने के बाद भी मेरी आंखें किसी की जिंदगी में रोशनी बनें।”
उन्होंने बताया कि उन्हें यह प्रेरणा अपनी मां स्वप्न नंदी से मिली, जिन्होंने निधन से पहले नेत्रदान किया था। शिबानी बोस ने कहा, “मेरी मां ने दूसरों के लिए सोचने की सीख दी। उन्हीं से प्रेरित होकर मैंने यह फैसला लिया है।”
उन्होंने कहा कि उनके बाद उनकी आंखें जरूरतमंद लोगों को नई रोशनी दे सकें, यही उनकी इच्छा है।
शिबानी बोस के इस कदम ने शिविर में मौजूद चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और लोगों को भावुक कर दिया। लोगों ने कहा कि उनका जज्बा समाज के लिए प्रेरणा है और मानवता का सबसे बड़ा उदाहरण है।
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में
By शीन अनवर
शीन अनवर वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक एवं स्नातकोत्तर तथा बी एड किया है. राजनीति, धर्म, शिक्षा के क्षेत्र में इन्होंने लंबा काम किया है. डिजिटल जर्नलिज्म में 5 साल का अनुभव है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










